धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 31 जनवरी 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 31 जनवरी 2025
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 विक्रम संवत : 2081 पिंगल संवत्सर विक्रम : 1946 क्रोधी
🌐 संवत्सर नाम पिंगल
🔯 शक सम्वत : 1946 (पिंगल संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5125_

🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – माघ मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शुक्रवार माघ माह के शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि 01:59 PM तक उपरांत तृतीया
✏️ तिथि स्वामी – द्वितीया तिथि के देवता हैं ब्रह्मा। इस तिथि में ब्रह्मा की पूजा करने से मनुष्य विद्याओं में पारंगत होता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र शतभिषा 04:14 AM तक उपरांत पूर्वभाद्रपदा
🪐 नक्षत्र स्वामी – शतभिषा नक्षत्र के देवता वरुणदेव और स्वामी ग्रह राहु है। तथा राशि के स्वामी शनि देव हैं।
⚜️ योग – वरीयान योग 03:32 PM तक, उसके बाद परिघ योग
प्रथम करण : कौलव – 01:59 पी एम तक
द्वितीय करण : तैतिल – 12:49 ए एम, फरवरी 01 तक गर
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 11:13 से 12:35 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:35:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:25:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:24 ए एम से 06:17 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:51 ए एम से 07:10 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:13 पी एम से 12:56 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:23 पी एम से 03:06 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:57 पी एम से 06:24 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 06:00 पी एम से 07:19 पी एम
💧 अमृत काल : 09:31 पी एम से 11:01 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:08 ए एम, फरवरी 01 से 01:01 ए एम, फरवरी 01
❄️ रवि योग : 04:14 ए एम, फरवरी 01 से 07:09 ए एम, फरवरी 01
🚙 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में छैने से बनी मिठाई चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : मुस्लिम शाबान मासारंभ/ पंचक जारी/ रवियोग/ प्रसिद्ध भारतीय नेता मनिराम बांगड़ी स्मृति दिवस, भारतीय अभिनेत्री प्रीति जिंटा जन्म दिवस, परमवीर चक्र’ सम्मानित शहीद सोमनाथ शर्मा जयन्ती, राजेश विवेक उपाध्याय जन्म दिवस, अंतर्राष्ट्रीय इंटरनेशनल ज़ेबरा डे, भारतीय अभिनेत्री अमृता अरोड़ा जन्म दिवस, प्रथम मुख्यमंत्री (बिहार) श्रीकृष्ण सिंह पुण्य तिथि, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी मिनजुर भक्तवत्सलम जयन्ती
✍🏼 तिथि विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी को बताया गया है। यह द्वितीया तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।।
🗽 Vastu tips_
दक्षिण-पूर्व दिशा के कोने में हरियाली से परिपूर्ण चित्र लगाएं।
घर में टपकने वाले नल नहीं होना चाहिए।
घर में गोल किनारों के फर्नीचर ही शुभ हैं।
घर में तुलसी का पौधा पूर्व दिशा की गैलरी में या पूजा स्थान के पास रखें।
वास्तु की मानें तो उत्तर या पूर्व दिशा में की गई जल की निकासी आर्थिक दृष्टि से शुभ होती है। इसलिए घर बनाते समय इस बात का अवश्य ध्यान रखना चाहिए।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां_ ⚜️
बिना किसी खर्च के रंग-बिरंगे फूलों से सुंदरता और आनंद फैलाने वाला एक अद्वितीय पौधा है गड्डी गुलाबी। इन्हें गड्डी फूल और नाचू गुलाबी भी कहते हैं।
यह फूल खिलने के लिए थोड़ी सी सूर्य की रोशनी भी पर्याप्त होती है। छोटे पौधे को काटकर रोपित करें, यह तेजी से बढ़ता है और जल्दी से फूल देने लगता है। कुछ समय में यह एक बड़ा फूलों का बाग बन जाता है। इसके औषधीय गुणों के बारे में जानने के बाद आप इसे कभी नहीं छोड़ेंगे।
चेहरे पर काले दाग, मुहांसों को हटाने में यह बहुत मदद करता है। इस पौधे के फूलों को काटकर अच्छे से धोकर मुलायम पेस्ट बनाकर उसमें थोड़ा शहद मिला कर चेहरे पर लगाएं और आधे घंटे बाद ठंडे पानी से धो लें।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
पथ्थर चट्टा का पत्ता: पथ्थर चट्टा का पत्ता किडनी स्टोन के लिए एक शक्तिशाली जड़ी-बूटी है। इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है। आयुर्वेद में इसे “पाषाणभेद” और “भस्मपथरी” के नाम से भी जाना जाता है। यह पत्ता शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। पथ्थर चट्टा के पत्ते के सेवन से किडनी की पथरी टूटकर मूत्र के माध्यम से बाहर निकल सकती है। पथ्थर चट्टा के पत्तों को सुखाकर उसमें सोंठ का पाउडर मिलाकर गर्म पानी के साथ नियमित सेवन करना चाहिए। यह पाउडर पथरी के दर्द को भी कम करता है।
पत्ते का सेवन कैसे करें: सुबह पथ्थर चट्टा के दो से तीन पत्ते चबाकर खा लें। इसके बाद गुनगुना पानी पी लें। इसके अलावा, पथ्थर चट्टा के पत्तों को पीसकर उसका रस निकालकर भी पी सकते हैं। इस रस में काली मिर्च का पाउडर मिलाकर सेवन करें। पथ्थर चट्टा के पत्तों का सेवन सुबह खाली पेट करने से अधिक लाभ मिलता है। माना जाता है कि यह पत्ता पथरी को तोड़कर शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक राजा के दो जुड़वाँ पुत्र थे। वे दोनों चेहरे मोहरे से, चाल ढाल से, शिक्षा दीक्षा से एक जैसे ही थे।
जब दोनों युवा हो गए, और राजा ने वानप्रस्थी होने का विचार किया, तब बड़ी समस्या हो गई कि राज्य दोनों में से किसे सौंपा जाए?
मंत्रियों की सलाह थी कि राज्य के दो बराबर हिस्से कर दिए जाएँ, और दोनों राजकुमारों को सौंप दिए जाएँ। पर राजा का मत था कि दो हिस्से करने से राज्य कमजोर पड़ जाएगा। और भविष्य में दोनों पुत्रों के बीच संघर्ष की स्थिति उत्पन्न होने का भी भय है।
तब एक मंत्री ने एक युक्ति सुझाई। उन्होंने कहा- महाराज! दोनों राजकुमारों के बीच एक प्रतियोगिता रखनी चाहिए और जो जीते उसे राजा बनाया जाए।
राजा को यह सुझाव अच्छा लगा। योजना बनाई गई, और दोनों राजकुमारों को एक एक महल और बीस-बीस हजार स्वर्ण मुद्राएँ दी गईं। प्रतियोगिता यह थी कि इसी धन से उन्हें अपने महल को संपूर्ण रूप से भरना होगा।
एक राजकुमार ने विचार किया कि ऐसी कौन सी वस्तु है, जो इतने धन में मिल जाए कि महल पूरा भर जाए। उसने सोचा की भरना ही तो है, क्यों न कचरे से भर दिया जाए? कचरा मुफ्त में मिल जाएगा, केवल ढोने में ही धन खर्च होगा। उसने अपना महल कचरे से भरवा दिया।
दूसरे राजकुमार ने विचार किया कि यदि इसे प्रकाश से भर दिया जाए तो भी भरा हुआ माना जाएगा। उसने प्रकाश की व्यवस्था कर दी।
आप समझ ही गए होंगे कि दूसरे राजकुमार को राज्य मिल गया।
श्री राम कथा कहती है कि आप भी भगवान के राज्य के राजकुमार हैं। आपका मन एक महल ही है। आपको विचार करना चाहिए कि आपने अपने मन रूपी महल में क्या भरा है? आपके मन में जगत की वासनाओं का कचरा भरा है या ज्ञान प्रकाश।
यदि आपने अपने मन महल को ज्ञान प्रकाश से,आत्म प्रकाश से भर लिया,तो आपको भी पद मिल जाएगा, परमपद मिल जाएगा..!!
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⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभ फलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस द्वितीया तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।।

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