मध्य प्रदेश

नायब तहसीलदार पर सांठगांठ से जबरन कब्जा दिलाने का लगा आरोप

प्रकरण हाईकोर्ट में विचाराधीन
रिपोर्टर : प्रशांत जोशी
देवरी । एक और तो डॉ. मोहन यादव सरकार राजस्व विभाग को सुधारने में लगी हुई है, वहीं राजस्व विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारी पैसों के लालच में डॉ मोहन यादव की सरकार को बदनाम करने में लगे हुए हैं।
ऐसा ही मामला रायसेन जिले के देवरी नगर का प्रकाश में आया है जिसमें नायब तहसीलदार पर दूसरे पक्ष से सांठगांठ कर एक खेत पर एक ही दिन में दूसरे पक्ष को नोटिस देने की औपचारिकता करके कब्जा दिलाने की प्रक्रिया की जा रही है ।
पीड़िता महिला का आरोप है कि उसको धमकाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
देवरी तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार दिनेश कुमार बरगले ने शनिवार को अवकाश का दिन होने पर भी तहसील खोलकर महिला को शनिवार की शाम को तत्काल नोटिस भिजवाए कि कल रविवार को दोपहर 12 बजे तुम्हारी जमीन से कब्जा हटाया जाएगा।
पीड़िता महिला का आरोप है कि तहसीलदार को ऐसी कौन – सी जल्दी है कि मात्र 24 घंटे में नोटिस देकर कब्जा हटाने की प्रक्रिया की जा रही है। भूमि विवाद दो सगे भाई- बहन के बीच चल रहा है।
पीड़िता रेहाना बेगम को उनकी मौसी ने गोद लिया था ओर उसकी शादी करने के बाद अपनी दत्तक पुत्री एवं दामाद को घरजमाई बनाकर रखा । जिन्हें अपने हिस्से की 8 एकड़ भूमि वसीयतनामा लिखकर दे दी थी । उक्त भूमि पर करीब 20 वर्ष से रेहाना बेगम और उसके छोटे बच्चे खेती से अपना गुजार-बसर कर रहे हैं।
इस बीच मौसी की तबीयत बिगड़ी और भोपाल एलबीएस हॉस्पिटल में भर्ती हुई तो तभी रेहना के सीहोर निवासी सगे भाई ने भी एक फर्जी वसीयतनामा तैयार कर लिया ओर इस वसीयतनामा के आधार पर उसने उक्त भूमि पर कब्जे को लेकर प्रकरण एसडीएम कार्यालय में लगा दिया था , जिसमें 145 की कार्रवाई हुई है, लेकिन प्रकरण में फैसला रेहाना बी पति अस्सु खान के पक्ष में होने पर उनकी जीत हुई।
उक्त प्रकरण फिर उदयपुरा व्यवहार न्यायालय में चला, वहां से भी माननीय न्यायालय ने रेहना का कब्जा साबित पाते हुए उनके पक्ष में फैसला सुनाया था।
उसके बाद उक्त प्रकरण अपर सत्र न्यायालय बरेली में चलने के बाद अब प्रकरण हाई कोर्ट जबलपुर में प्रकरण चल रहा है।
जनचर्चा है कि रेहाना बी के भाई वसीमउल्ला निवासी सीहोर ने तहसीलदार से सांठगांठ करके प्रकरण हाईकोर्ट में होने के पश्चात भी विवादग्रस्त भूमि से कब्जा हटवाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
पूर्व में भी रूपयो के तहसील से गायब होने पर , विवादग्रस्त तहसीलदार ने शक के आरोप में तहसील के एक कोटवार एवं दो चपरासियों को कमरे में बंद करके बेतहाशा मारा था जिसकी शिकायत तत्कालीन कलेक्टर अरविंद दुबे से भी की गई थी परंतु कुछ नहीं हुआ।
दूसरे पक्ष से सांठगांठ के चलते तहसीलदार ने शनिवार को नोटिस जारी कर 24 घंटे में खेत से कब्जा हटाने की बात की है। और रेहान एवं उनके बच्चों को धमकाया है ।
जबकि जबकि हाईकोर्ट में विचाराधीन है फिर भी तहसीलदार के द्वारा जबरन कब्जा दिलावाने का प्रयास किया जा रहा है ।
फरियादी रेहाना बेगम ने कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा से दूरभाष पर तहसीलदार के द्वारा एक तरफा कार्रवाई की शिकायत किए जाने पर कलेक्टर ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए एसडीएम संतोष मुद्गल को दूरभाष पर आवश्यक निर्देश दिए जाने पर एसडीएम ने विवादग्रस्त मामले पर तत्काल संज्ञान लेकर देवरी तहसीलदार की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई पर आज रोक लगा दी है।
एडवोकेट अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि रेहाना का प्रकरण हाई कोर्ट में लंबित है ओर अभी भी उक्त भूमि पर रेहाना का कब्जा है जो साबित भी हुआ है। लगातार 20 वर्ष से रेहाना बेगम का ही कब्जा चला आ रहा है । उक्त विवाद हाईकोर्ट में विचाराधीन होने के बाद भी तहसीलदार द्वारा दूसरे पक्ष को आननफानन में कब्जा दिलाने की कार्रवाई क्यों की जा रही है। अब हम तहसीलदार के खिलाफ भी हाईकोर्ट में रिट लगाएंगे ।
फरियादी रेहाना ने बताया कि इस जमीन पर शुरू से मेरा कब्जा है मेरा सगा भाई मुझे इस कब्जे से बेदखल करने के लिए तहसीलदार से सांठगांठ कर चुका है ओर तहसीलदार द्वारा मुझे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। मुझे व मेरे बच्चों को धमकी दे रहे है कि तुम्हें जेल में सड़वा दूंगा । भूमि से तुम कब्ज़ा छोड़ दो। अन्यथा अंजाम भुगतने को तैयार रहो । तहसीलदार की मानसिक प्रताड़ना से मैं आत्महत्या करने को मजबूर हो रही हूं ।

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