धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 28 मार्च 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 28 मार्च 2025
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 विक्रम संवत : 2081 पिंगल संवत्सर विक्रम : 1946 क्रोधी
🌐 संवत्सर नाम पिंगल
🔯 शक सम्वत : 1946 (पिंगल संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5125
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
🌤️ मास – चैत्र मास
🌘 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – शुक्रवार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि 07:55 PM तक उपरांत अमावस्या
🖍️ तिथि स्वामी :- चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ जी है। प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है । चतुर्दशी को चौदस भी कहते हैं। चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्वभाद्रपदा 10:09 PM तक उपरांत उत्तरभाद्रपदा
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। इसके संरक्षक देवता अजयकपद हैं।
⚜️ योग – शुक्ल योग 02:06 AM तक, उसके बाद ब्रह्म योग
प्रथम करण : विष्टि – 09:32 ए एम तक शकुनि – 07:55 पी एम तक
द्वितीय करण : चतुष्पाद – 06:13 ए एम, मार्च 29 तक नाग
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 11:13 से 12:35 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:09:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:51:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:42 ए एम से 05:29 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:06 ए एम से 06:16 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:02 पी एम से 12:51 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:30 पी एम से 03:19 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:36 पी एम से 06:59 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:37 पी एम से 07:47 पी एम
💧 अमृत काल : 02:57 पी एम से 04:24 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:02 ए एम, मार्च 29 से 12:49 ए एम, मार्च 29
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में चांदी चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/ अमावस्या प्रारंभ रात्रि 07.56/ पंचक जारी/ हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल जी स्मृति दिवस, राष्ट्रीय खरपतवार प्रशंसा दिवस, राष्ट्रीय ब्लैक फ़ॉरेस्ट केक दिवस, विश्व पियानो दिवस, भक्त माता कर्मा जयन्ती, राष्ट्रीय ट्राइग्लिसराइड्स दिवस, नेशनल साइंस डे यानी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, भारतीय अभिनेत्री सोनिया अग्रवाल जन्म दिवस, अभिनेता अक्षय खन्ना जन्म दिवस, भारतीय दार्शनिक वेथाथिरी महर्षि स्मृति दिवस, सिक्खों के दूसरे गुरु गुरु अंगद देव स्मृति दिवस, राष्ट्रीय नौवहन दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।।
🗺️ Vastu tips_ 🗽
नल से पानी का टपकना नहीं होता है शुभ
वास्तु के अनुसार अगर आपके घर के किसी भी हिस्से में पानी का नल टपकता है तो ये शुभ नहीं माना जाता है। घर में टपकता पानी का नल बेवजह के खर्चों की ओर इशारा करता है। खासकर यदि आपके घर की रसोई का नल टपकता है तो ये वास्तु के लिहाज बिल्कुल ठीक नहीं है। क्योंकि रसोई में अग्नि का निवास होता है और जहां आग और पानी एक साथ हो वहां परेशानियां शुरू हो जाती है। इसके चलते घर के सदस्यों की सेहत खराब हो सकती है, बिजनेस में नुकसान या किसी टूट-फूट में धन हानि हो सकती है। इसी के साथ पानी के फिजूल बहने से वरूण देव का दोष भी लगता है और घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है। अतः इस तरह की परेशानियों से बचने के लिए, घर में टपकते नल को जल्द से जल्द ठीक करा लें।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
जटिल कार्बोहाइड्रेट (Complex Carbs) चुनें – साबुत अनाज, दलिया, ब्राउन राइस, मल्टीग्रेन रोटी और ओट्स को प्राथमिकता दें, क्योंकि ये धीरे-धीरे ग्लूकोज रिलीज करते हैं और ब्लड शुगर को बढ़ने से रोकते हैं।
फाइबर युक्त भोजन खाएं – हरी सब्जियां, बीन्स, चिया सीड्स और अलसी जैसे खाद्य पदार्थ पाचन को धीमा कर ब्लड शुगर स्पाइक्स को रोकते हैं।
चीनी और प्रोसेस्ड फूड से बचें – पैकेज्ड फूड, कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाइयां, सफेद आटा और तले हुए खाद्य पदार्थ आपके ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकते हैं, इसलिए इन्हें जितना हो सके, त्याग दें।
कम GI वाले फल चुनें – जामुन, अमरूद, नाशपाती, सेब और बेरीज जैसे फलों का सेवन करें, क्योंकि ये ब्लड शुगर पर ज्यादा प्रभाव नहीं डालते।
🫒 आरोग्य संजीवनी 🍓
अश्वगंधा के गुण और लाभ:
तनाव और चिंता में राहत: अश्वगंधा तनाव हार्मोन कोर्टिसोल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। एक चम्मच अश्वगंधा पाउडर का नियमित सेवन शरीर को आराम प्रदान करता है और चिंता के स्तर को कम करता है।
बेहतर नींद: अश्वगंधा नींद की गुणवत्ता को सुधारने में सहायक है। यह मस्तिष्क को रिलेक्स करता है और गहरी और शांतिपूर्ण नींद लाने में मदद करता है। यह अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद लाभकारी है।
ऊर्जा और सहनशक्ति में वृद्धि: अश्वगंधा ऊर्जा स्तर को बढ़ाता है, जिससे व्यक्ति खुद को तनावमुक्त और सक्रिय महसूस करता है।
हार्मोनल संतुलन: यह अधिवृक्क ग्रंथियों को समर्थन प्रदान करता है और हार्मोनल असंतुलन को सुधारता है। कोर्टिसोल जैसे हार्मोन को नियंत्रित करके यह तनाव और डिप्रेशन के प्रभाव को कम करता है।
सभी उम्र के लिए उपयोगी: अश्वगंधा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए फायदेमंद है। यह शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करता है और मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌸
कर्म और भाग्य में से क्या ज्यादा मायने रखता है?
कर्म और भाग्य दोनों ही हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन मेरा ऐसा मानना है कि कर्म का महत्व ज़्यादा है क्यों कि कर्मों से ही हमारा भाग्य बनता है और कर्मों के आधार पर ही हमारा भविष्य निर्धारित होता है ।
यह एक ऐसा विषय से है जिस पर हर व्यक्ति की सोच भिन्न भिन्न हो सकती है ।कोई भाग्य को तो कोई कर्म को ज्यादा महत्वपूर्ण मानता।
कई बार हमारे मन में विचार आता है कि फलां व्यक्ति तो कितना खराब है । दुष्ट प्रवृत्ति का है । लेकिन उसे तो भगवान ने हर सुख सुविधा दे रखी है ।और कोई व्यक्ति सच्चा ,ईमानदार अच्छे विचारों वाला है। बेचारा दुखो का सामना कर रहा है ऐसा क्यों ???
आइए इसे समझते है इस कहानी के माध्यम से_
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☀️ कर्म का नियम ☀️
भगवान ने नारद जी से कहा, आप तो भ्रमण करते रहते हैं, मुझे कोई ऐसी घटना बताओ जिससे आप भ्रमित हो गए हों…
नारद जी बोले, प्रभु, मैं अभी जंगल से आ रहा हूँ, वहाँ एक गाय दलदल में फँसी हुई थी। उसे बचाने वाला कोई नहीं था।
तभी एक चोर वहाँ से गुजरा, वह गाय को फँसा हुआ देखकर भी नहीं रुका, उलटे उस पर पैर रखकर दलदल पार कर गया। आगे जाकर उसे सोने के सिक्कों से भरा एक थैला मिला। कुछ देर बाद वहाँ से एक बूढ़ा साधु गुजरा। उसने उस गाय को बचाने की पूरी कोशिश की। उसने अपने शरीर की पूरी ताकत लगाकर उस गाय को बचा लिया लेकिन मैंने देखा कि गाय को दलदल से निकालने के बाद वह साधु आगे जाकर एक गड्ढे में गिर गया और चोटिल हो गया। भगवान बताइए यह कैसा न्याय है।
भगवान मुस्कुराए, फिर बोले, नारद यह सही है। जो चोर गाय पर पैर रखकर भागा था, उसके भाग्य में खजाना था लेकिन अपने पाप के कारण उसे कुछ सिक्के ही मिले।
उस साधु को गड्ढे में गिरना पड़ा क्योंकि उसके भाग्य में मृत्यु लिखी थी लेकिन गाय द्वारा उसे बचा लेने के कारण उसके पुण्य बढ़ गए और उसकी मृत्यु एक छोटी सी चोट में बदल गई। व्यक्ति का भाग्य उसके कर्मों से तय होता है। अब नारद जी संतुष्ट हो गए।
व्यक्ति को सदैव अच्छे कर्मों में लगे रहना चाहिए ।क्योंकि जैसा कर्म करेंगे वैसा है परिणाम पाएंगे ,आज नहीं तो कल पाएंगे ।
ॐ❀ೋ═══ • ═══ೋ❀ॐ
⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।

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