माँ वीरासन देवी के दर्शन करने बड़ी संख्या में पहुंच रहे भक्त

चैत्र नवरात्र में हो रही मां वीरासन देवी की विशेष पूजा अर्चना
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान l सिलौडी से सात किलोमीटर दूर जंगलों के बीच स्थित प्रसिद्ध देवी स्थल मां वीरासन देवी ( कचनारी ) में चैत्र नवरात्रि में माता के दर्शन को भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं । माता के भक्त दूर दराज से सुबह से ही माता की पूजा अर्चना कर दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं । प्रांगण में भक्तों द्वारा प्रसाद वितरण कर पुण्य लाभ ले रहे है।
घने जंगलों के बीचों बीच स्थापित है जगत जननी माँ वीरासन देवी का मनोकामना पूर्ण करने वाला मन्दिर इस स्थान का मुख्य रूप है यहाँ पर विराजमान माँ वीरासन देवी की प्रतिमा । माँ वीरासन देवी की प्रतिमा घनघोर जंगल के बीच में स्थापित हैं, माँ विरासन अपने भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती हैं । मातारानी के दर्शन करने के लिए हर वर्ष माता के भक्त बड़ी संख्या में पहुंचते रहे है।
मंदिर प्रांगण में हर वर्ष की दोनों नवरात्र में 10 दिनों के मेले का आयोजन किया किया जाता है। माँ विरासन माता के दर्शन कर भक्त पुन्यलाभ अर्जित कर माता से जगत कल्याण की प्रार्थना करते है।
चैत्र नवरात्र में सिलौडी सहित क्षेत्र के ग्रामों में माता जगत जननी की आराधना से पूरा वातावरण भक्तिमय है ।
माँ विरासन माता की रोज सुबह और शाम में पूजन आरती से माँ की आराधना की जा रही है। अनेक भक्तो द्वारा 9 दिन का उपवास किया जा रहा है । ग्राम के पुजारी, पुरोहित एवं भक्त गण दिन भर माँ की भक्ति में लीन है । गाँव के देवालयों में छोटी मढ़िया, बड़ी मढ़िया, खेर माता, देसाई माता आदि देवी स्थलों पर सुबह से ही भक्त जल अर्पित एवं दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।



