इस बार रक्षाबंधन पर विशेष संयोग, 9 अगस्त को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा पर्व

श्रवण नक्षत्र और सौभाग्य योग में मनेगा रक्षाबंधन पर्व, भद्रा का नहीं रहेगा प्रभाव
बाजार में 10 रुपए से लेकर 500 रुपये तक की राखियां उपलब्ध
सिलवानी। भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व इस बार विशेष संयोगों के साथ 9 अगस्त को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। शनिवार को बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र (राखी) बांधने के लिए पूरा दिन मिलेगा, क्योंकि इस वर्ष भद्रा का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। इधर त्योहार की तैयारियों के चलते इन दिनों नगर के बाजार में महिलाएं जमकर खरीदारी कर रही हैं। वहीं पर्व को मनाने के लिए विवाहित महिलाएं अपने मायके जाने लगी हैं। पंडित भूपेंद्र शास्त्री बताते हैं कि इस बार रक्षाबंधन पर श्रवण नक्षत्र, सौभाग्य योग और सर्वार्थसिद्धि योग जैसे महा शुभसंयोग बन रहे हैं। रक्षाबंधन के दिन श्रवण नक्षत्र और शनिवार का योग बहुत कम बनता है। इस दिन चंद्र मकर राशि में रहेगा और मकर राशि के स्वामी शनि है। शनिवार का दिन जिसका स्वामी भी शनि है और श्रवण नक्षत्र जो शनि की राशि की कक्षा में आते है। यह अपने आप में दुर्लभ माना जाता है। यह योग सभी राशियों के जातकों के लिए फलदायी रहेंगे।
8 अगस्त को भद्रा का साया खत्म हो जाएगा, रक्षाबंधन 9 अगस्त को मनेगा
पंडित भूपेंद्र शास्त्री के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2.13 बजे से शुरू हो जाएगी। वहीं पूर्णिमा तिथि का समापन 9 अगस्त को दोपहर 1.24 पर होगा। उदया तिथि के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार 9 अगस्त को ही मनाया जाएगा। 8 अगस्त के दिन ही भद्रा का साया खत्म हो जाएगा, इस वजह से रक्षाबंधन का दिन भद्रा से मुक्त रहेगा। शनिवार को राखी बांधने के लिए सूर्योदय से लेकर दोपहर 1.24 बजे तक का समय सबसे शुभ रहेगा। इसके साथ ही अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.48 से दोपहर 12.40 बजे तक रहेगा। उन्होंने बताया कि पुरुषों और अविवाहित कन्याओं को दाएं हाथ में रक्षासूत्र बांधना चाहिए वहीं विवाहित महिलाओं के लिए बाएं हाथ में राखी बांधने का विधान है।
बाजार में रौनक का माहौल
रक्षाबंधन पर्व के चलते नगर के
बाजार में इस समय रौनक का माहौल है। राखियों, कपड़ों और उपहारों की दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है। बाजार में तरह-तरह की राखियां, बच्चों के लिए कार्टून थीम वाली राखियां, बहनों के लिए गिफ्ट पैक, भाईयों के लिए कुर्ते-पायजामे और घर की सजावट से संबंधित सामग्री की भरमार है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार महंगाई के बावजूद ग्राहकों की संख्या में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है। इस बार राखियों में पारंपरिक और डिजाइनर दोनों ही प्रकार की मांग है। 10 रुपए से लेकर 500 रुपये तक की राखियां बाजार में उपलब्ध हैं। इधर मिठाई विक्रेताओं ने भी नए-नए स्वाद और डिजाइनों की मिठाइयां बाजार में उतारी हैं। वहीं पर्व को लेकर जहां एक ओर बाजार में रौनक है, वहीं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी राखियों और उपहारों की बंपर बिक्री हो रही है। कई बहनों के द्वारा रखी की खरीदी ऑनलाइन की जा रही है।



