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Today Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 20 नवम्बर 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 20 नवम्बर 2025
20 नवम्बर 2025 दिन गुरुवार को मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष कि अमावस्या तिथि है। आज स्नान एवं दान आदि के लिए पुण्य फलदायिनी अमावस्या है। आज शुभवार अर्थात गुरुवार होने से सुभिक्ष का योग बन रहा है। अर्थात प्रजा में बहुत सुख एवं आनंद रहेगा। आज प्रदोष काल में सांयकाल के समय रुद्रव्रत अर्थात पीड़िता भी है। भारत के उड़ीसा प्रांत में इस अमावस्या को दीपावली अमावस्या भी कहा जाता है। आज सर्वार्थसिद्ध योग भी है। आप सभी सनातनी बांधों को “स्नान एवं दान आदि की अमावस्या तथा पिंडिया पर्व” की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनाएं एवं अनन्त -अनन्त बधाइयाॅं।।
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
*मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः। *मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
*गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए। *गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
*गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं । *इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
👸🏻 शिवराज शक 352
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
🌧️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌑 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – गुरुवार मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि 12:17 PM तक उपरांत प्रतिपदा
🖍️ तिथि स्वामी – अमावस्या तिथि के देवता हैं अर्यमा जो पितरों के प्रमुख हैं। अमावास्या में पितृगणों की पूजा करने से वे सदैव प्रसन्न होकर प्रजावृद्धि, धन-रक्षा, आयु तथा बल-शक्ति प्रदान करते हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र विशाखा 10:58 AM तक उपरांत अनुराधा
🪐 नक्षत्र स्वामी – विशाखा नक्षत्र के स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं। इसके अधिपति देवता इंद्र और अग्नि हैं। गुरु ग्रह को विशाखा नक्षत्र का स्वामी माना जाता है।
⚜️ योग – शोभन योग 09:52 AM तक, उसके बाद अतिगण्ड योग
प्रथम करण : नाग – 12:16 पी एम तक
द्वितीय करण: किंस्तुघ्न – 01:32 ए एम, नवम्बर 21 तक बव
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 09:45:00 से 11:10:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 2:00 से 3:25 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:04:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:08:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:01 ए एम से 05:54 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:28 ए एम से 06:48 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:45 ए एम से 12:28 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:53 पी एम से 02:35 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:26 पी एम से 05:52 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:26 पी एम से 06:46 पी एम
💧 अमृत काल : 02:15 ए एम, नवम्बर 21 से 04:03 ए एम, नवम्बर 21
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:40 पी एम से 12:34 ए एम, नवम्बर 21
सर्वार्थ सिद्धि योग : 10:58 ए एम से 06:49 ए एम, नवम्बर 21
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शमी पूजन करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थ सिद्धि योग/ मार्गशीर्ष मास अमावस्या/ अमावस्या समाप्ति दोपहर 12. 16/ अभीनेता तुषार कपूर जन्म दिवस, भारतीय फ़ुटबाल खिलाड़ी अदिति चौहान जन्म दिवस, सड़क यातायात पीड़ितों के लिए स्मरण का विश्व दिवस, प्रसिद्ध कवियित्री निर्मला ठाकुर स्मृति दिवस, कवि श्याम बहादुर वर्मा पुण्य तिथि, केशव सीताराम ठाकरे स्मृति दिवस, विश्व बाल दिवस स्थापना दिवस, धावक मिल्खा सिंह जन्म दिवस, बोस अनुसंधान संस्थान स्थापना दिवस, मैसूर शासक टीपू सुल्तान जयन्ती, भारतीय अभिनेत्री दिव्या खोसला कुमार जन्म दिवस, राज्यपाल जनरल अजय सिंह जन्म दिवस, भारतीय महिला फ्रीस्टाइल पहलवान बबीता फोगाट जन्म दिवस, प्रसिद्ध शायर अहमद नदीम क़ासमी जन्म दिवस राष्ट्रीय पुस्तक दिवस, नवजात शिशु दिवस, राष्ट्रीय औषधि दिवस, विश्व शौचालय दिवस
✍🏼 *तिथि विशेष – अमावस्या को मैथुन एवं प्रतिपदा को कद्दू और कूष्माण्ड के फल का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य होता है। शास्त्रों में अमावस्या तिथि को सम्भोग वर्जित तिथि बताया गया है। अमावस्या तिथि एक पीड़ाकारक और अशुभ तिथि मानी जाती है। अमावस्या तिथि पितृगणों को समर्पित तिथि है अर्थात इसके स्वामी पितृगण हैं। यह केवल कृष्ण पक्ष में ही होती है तथा अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। 🗼 *Vastu tips* 🗽
फेंगशुई और वास्तु में हाथी की मूर्ति को मान सम्मान, विजय, दीर्घायु और धन का प्रतीक माना जाता है। इसे घर में सही दिशा में रखने से पॉजिटिविटी आती है और परिवार के लोगों की तरक्की के अवसर बढ़ते हैं।
*सही दिशा में रखें हाथी की प्रतिमा ऐसा कहा जाता है कि घर में हाथी की मूर्ति गलत दिशा में रखने से इसका शुभ फल नहीं मिलता। फेंगशुई के अनुसार, सही दिशा और सही प्रकार की मूर्ति रखने से घर में शांति, सुख और समृद्धि बढ़ती है। *मेन गेट पर कैसी मूर्ति रखें अगर आप मुख्य द्वार पर हाथी की मूर्ति लगाने की सोच रहे हैं, तो हमेशा ऐसी प्रतिमा चुनें, जिसमें हाथी की सूंड ऊपर की ओर हो। इसे विजय, सफलता और संपन्नता का प्रतीक माना जाता है। मुख्य द्वार पर हाथी की जोड़ी रखने से नेगेटिव एनर्जी दूर रहती है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
जल पीपल इस जड़ी बूटी को जल पीपल या जल पिप्पली के नाम से जाना जाता है । गुदा मार्ग से आते हुए रक्त को बंद करने के लिए यह प्रकृति का एक अमोघ अस्त्र है । जब तमाम उपाय विफल हो गए हों और रक्त बंद नहीं हो रहा हो तब इस जड़ी बूटी का उपयोग लाभकारी सिद्ध होता है । इस पौधे के पंचांग से बने हुए क्षारार्क अथवा इसके स्वरस का अंतः सेवन कराना अत्यंत श्रेष्ठ परिणाम देता है । जलाशय अथवा नदी-नालों के समीप होने की वजह से इसे जल पिप्पली के नाम से पुकारा जाता है । यह अपने अंदर संरक्षित रक्त स्तम्भक एव शीतवीर्य गुण के कारण गुदा मार्ग से आते हुए रक्त को यथाशीघ्र बंद कर देती है ।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
गठिया का घरेलु रामबाण उपाय :
*दो बडे चम्मच शहद और एक छोटा चम्मच दालचीनी का पावडर सुबह और शाम एक गिलास मामूली गर्म जल से लें। एक शोध में कहा है कि चिकित्सकों ने नाश्ते से पूर्व एक बडा चम्मच शहद और आधा छोटा चम्मच दालचीनी के पावडर का मिश्रण गरम पानी के साथ दिया। इस प्रयोग से केवल एक हफ़्ते में 30 प्रतिशत रोगी गठिया के दर्द से मुक्त हो गये। एक महीने के प्रयोग से जो रोगी गठिया की वजह से चलने फ़िरने में असमर्थ हो गये थे वे भी चलने फ़िरने लायक हो गये। *पारिजात पेड़ के पांच पत्ते तोड़ के पत्थर में पिस ले और चटनी बनाइये फिर एक ग्लास पानी में इतना गरम कीजिये की पानी आधा हो जाये फिर इसको ठंडा करके पीजिये तो बीस-बीस साल पुराना गठिया का दर्द ठीक हो जाता है। यह उपाय लगातार कुछ महिनो तक करने से गठिया का ख़ात्मा हो जाता है, आपको गठिया से पूरी तरह से आराम मिल सकता है।
*अगर घुटनों की चिकनाई (Smoothness) हो गई हो और जोड़ो के दर्द में किसी भी प्रकार की दवा से आराम ना मिलता हो तो ऐसे लोग हारसिंगार (पारिजात) पेड़ के 10-12 पत्तों को पत्थर पे कूटकर एक गिलास पानी में उबालें-जब पानी एक चौथाई बच जाए तो बिना छाने ही ठंडा करके पी लें- इस प्रकार 90 दिन में चिकनाई पूरी तरह वापिस बन जाएगी। अगर कुछ कमी रह जाए तो फिर एक माह का अंतर देकर फिर से 90 दिन तक इसी क्रम को दोहराएँ निश्चित लाभ की प्राप्ति होती है। *लहसुन की 10 कलियों को 100 ग्राम पानी एवं 100 ग्राम दूध में मिलाकर पकाकर उसे पीने से दर्द में शीघ्र ही लाभ होता है।
🏹 गुरु भक्ति योग 🪙
महाभारत के पात्रों में एक ऐसे महायोद्धा है जिनका नाम है कर्ण। उनके महायोद्धा होने पर किसी को कोई शक नहीं। न ही खुद महाभारत ग्रंथ को। लेकिन कुछ गलतियां उनसे होती है या अज्ञात के द्वारा जानबूझ कर करवाई जाती है। उन गलतियों की वजह से महाभारत के युद्ध में कर्ण मारे जाते है और वो अपना शौर्य भी नहीं दिखा पाते है जो उनके अंदर था।
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श्रीमद्भगवद्गीता महाभारत के अंदर ही उपजी है श्रीमद्भगवद्गीता। गीता ने हमें जीवन को जीने के लिए दिया कर्म का सिद्धांत। जिसका मतलब है कि जैसा कर्म करोगे वैसा ही फल पाओगे।
*लेकिन फल कौन देगा? और कौन, कैसे फल करने वाले को नियमित रूप से देखता रहेगा कि वो क्या-क्या कर्म कर रहा है। *उसका जवाब भी गीता में मिलता है और वो है प्रकृति, प्रकृति का ही दायित्व है हमारे सभी क्रिया कलापों को देखना और उनके अनुसार उत्तर देना।
*प्राचीन काल में ऋषियों के माध्यम से उनके द्वारा दिए श्राप कर माध्यम से प्रकृति का यह रहस्य समझाया जाता था। *महाभारत में एक प्रसंग आता है जब कर्ण युद्ध में अपने घातक अस्त्र को भूल जाते है। जिसका मतलब यह है कि आपके पास लड़ने की क्षमता हो, लड़ाई का सारा साजोसमान हो, लेकिन समय आने पर आप यह ही भूल जाएं कि आपके पास लड़ने के लिया क्या क्या विशेष अस्त्र है।
*यही कर्ण के साथ हुआ और क्यूं हुआ उसका भी कारण बताया गया है। महाभारत में साफ-साफ बताया गया है कि कर्ण को भगवान परशुराम जी ने एक श्राप दिया था उसे जब अपनी विद्या की सबसे अधिक आवश्यकता होगी उस समय वो सब कुछ भूल जाएगा। *यह श्राप दिया क्यों था? उसके पीछे भी एक कारण है क्योंकि बिना किसी कारण के तो भगवान परशुराम जी ने श्राप दिया नहीं होगा।
*हुआ यह था कि कर्ण ने भगवान परशुराम को झूठ बोला था कि वो ब्राह्मण पुत्र है जबकि वो सूत पुत्र थे। यहां बात जाति प्रथा की नहीं थी यहां बात झूठ बोलने की थी। *भगवान परशुराम एक माध्यम थे इस घटना का महत्व समझाने के लिए। उसे भुलाने का कार्य उस समय प्रकृति ने किया था।
*युद्ध में क्या हुआ था? रहस्यमई बात यह है कि कर्ण के इस झूठ के कारण ही उसकी मृत्यु हो गई थी। हुआ यह था कि युद्ध के दौरान उसके रथ का पहिया मिट्टी में धंस गया था और कर्ण स्वयं उसे निकालने के लिए नीचे उतर गए और उसी समय अर्जुन ने हमला कर दिया। उनके पास अर्जुन को जवाब देने की क्षमता थी, लेकिन वो उस समय भूल गए थे कि उन्हें तुरंत क्या करना था। *एक तरह से कर्ण के एक झूठ ने उनकी जान ले ली थी।
*हमारे साथ भी जीवन में कई बार ऐसा होता है। कई बार मौका आने पर हम भी अपनी क्षमताओं को भूल जाते है और कई बार हम मौके गवां देते है। *हमारी हर एक बात प्रकृति आज भी सुन रही है और उसके अनुसार हमे हमारे कर्मों का फल दे रही है।
*_झूठ हमेशा ही विपरीत फल ही देते है, फिर चाहे कोई भी समय हो। आज का समय हो या फिर कोई भी प्राचीन काल।
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⚜️ अमावस्या को दूध का दान श्रेष्ठ माना जाता है। किसी कुआँ, तलाब, नदी अथवा बहते जल में दो-चार बूंद दूध डालने से कार्यों में आनेवाली परेशानियाँ दूर होती है। जौ दूध में धोकर नदी में प्रवाहित करने से सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस तिथि को पीपल में जल देना परिक्रमा करना मिश्री दूध में मिलाकर अर्घ्य देना अत्यन्त शुभ फलदायी माना जाता है।
ऐसा करने से शनिदेव का प्रकोप कम होता है तथा भगवान नारायण एवं माँ लक्ष्मी कि पूर्ण कृपा प्राप्त होती है। अमावस्या को तुलसी और बिल्वपत्र नहीं तोड़ना चाहिये। आज घर की सफाई करना और कबाड़ बेचना शुभ माना जाता है। अमावस्या को भूलकर भी सम्भोग (स्त्री सहवास) नहीं करना चाहिये। घर के मन्दिर एवं आसपास के नजदीकी मन्दिर में तथा तुलसी के जड़ में सायंकाल में घी का दीपक जलाना चाहिये इससे लक्ष्मी माता प्रशन्न होती हैं।

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