मक्का के नहीं मिल रहे उचित दाम, किसान हो रहे हैं परेशान

विक्रय करने पर फसल की लागत भी नहीं निकल रही
सिलवानी। शासन द्वारा कृषि को लाभ का धंधा बनाने एवं किसानों को समृद्ध बनाने की बात कही जा रही है जिसके तहत कई योजना के माध्यम से उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है। परन्तु किसानों की कुछ फसलों की उचित कीमत न मिलने से उनकी लागत ही नहीं निकल रही। जानकारी के अनुसार मक्का की फसल विक्रय करने आने वाले किसान कृषि मंडी में उचित दाम न मिलने से आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। जिनको उपज की लागत अनुरूप लाभ नहीं मिल रहा। किसानों ने बताया कि शासन द्वारा इस वर्ष मक्का का समर्थन मूल्य एमएसपी करीब 2400 रुपए क्विंटल निर्धारित किया है। लेकिन कृषि मंडी में व्यापारियों द्वारा 1 हजार रुपए से 14 सौ रुपए तक मक्का की खरीदी की जा रही है जिससे किसान अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र के कृषक प्रदीप गुप्ता ग्राम केवलारी ने बताया कि सुबह से अपनी मक्का की फसल विक्रय के लिए सिलवानी कृषि उपज मंडी आए जो अच्छी क्वालिटी की होने के बाद भी डाक नीलामी एवं व्यापारियों द्वारा केवल 1400 रुपए में खरीदी जा रही है। मक्का की फसल के उचित दाम न मिलने पर लाखों रुपए की लागत लगाने के बाद परेशान हो रहे हैं। कृषकों ने बताया कि मक्का खरीदी में समर्थन मूल्य के भाव नहीं दिए जा रहे जबकि शासन द्वारा एमएसपी तय की गई है। परन्तु कृषि मंडी के कुछ व्यापारियों द्वारा अपने मनमाने तौर पर खरीदी की जा रही है। दाम कम मिलने से किसानों की प्रारंभिक बोवनी से अभी विक्रय करने तक लागत नहीं निकल रही। किसानों द्वारा बीज खाद दवाई बिजली पानी देखरेख कटाई थ्रेसर मेहनत आदि अन्य कार्यों पर किए गए खर्च के अनुसार मक्का बेचने के बाद मूल लागत का हिस्सा भी निकलने में संघर्ष करना पड़ रहा है। कृषक
महेंद्र यादव सचिन साहू तुलसी यादव सुरेंद्र केवट आदि ने बताया कि मंडी में मक्का विक्रय के लिए आए लेकिन सही भाव न मिलने से मनोवल गिरने के साथ कई प्रकार की परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। वहीं ऐसी स्थिति में कई किसान अपना कर्ज भी नहीं चुका पा रहे हैं। कृषकों ने एमएसपी व भावांतर योजना के आधार पर मक्का खरीदी किए जाने की मांग शासन प्रशासन से की है। जिससे क्षेत्र के किसान लाभान्वित हो सकें और घाटे से उबर सकें।



