मध्य प्रदेश

ग्राम पंचायत जलहरी में 60 लाख का कथित घोटाला उजागर

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
जबेरा। जबेरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत जलहरी में खकरी निर्माण के नाम पर करीब 60 लाख रुपये के कथित फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि पंचायत में पहले से बनी खकरियों पर दोबारा निर्माण दिखाकर केवल कागजों में मास्टर रोल चढ़ाए गए और बिना किसी वास्तविक कार्य के पूरी राशि आहरित कर ली गई। धरातल पर विकास शून्य है, जबकि रिकॉर्ड में काम पूरा बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार दो खकरियों का निर्माण ऐसा दर्शाया गया जो पहले से ही मौजूद थीं। एक खकरी कलू मरावी के खेत के पास तथा दूसरी मीराबाई के खेत के पास वर्षों पहले बनी हुई थी, बावजूद इसके इन पर नया निर्माण बताकर सरकारी धन निकाल लिया गया।
इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि पांच अन्य खकरियों का निर्माण केवल फाइलों और कंप्यूटर सिस्टम तक ही सीमित रहा। जमीनी स्तर पर न तो काम शुरू हुआ और न ही कोई सामग्री मौके पर दिखाई दी, फिर भी मस्टर रोल भर दिए गए और बिल फीड कर भुगतान कर लिया गया। कागजों में जिन स्थानों पर निर्माण दिखाया गया है, उनमें नहर की पुलिया से तालाब की ओर, तालाब के पास करण सिंह के खेत की ओर, डबल सिंह से चतुर सिंह के खेत की ओर, मिट्ठू सिंह के खेत से करण सिंह के खेत की ओर तथा कडोरी के हार से बेस्ट एयर की ओर शामिल हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस तरह कुल सात खकरियों के नाम पर लगभग 60 लाख रुपये की सरकारी राशि का बंदरबांट किया गया है। पूरे मामले में ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, सहायक यंत्री एवं उपयंत्री की कथित मिलीभगत से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया। ग्रामीणों ने इस गंभीर प्रकरण की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब बड़ा सवाल यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस कथित घोटाले पर कार्रवाई करेंगे या फिर मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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