ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग सोमवार, 20 अप्रैल 2026

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 20 अप्रैल 2026
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
*सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है। *सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
*जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है। सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है। 🔮 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2026 विक्रम संवत : 2083 सिद्धार्थी विक्रम : 1969 शर्वरी* 🌐 रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083,
✡️ शक संवत 1948 (पराभव संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2082 पिङ्गल
☸️ काली सम्वत् 5127_

🕉️ संवत्सर (बृहस्पति) पराभव
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु प्रारम्भ
☀️ मास – बैशाख मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📅 तिथि – सोमवार बैशाख माह के शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि 07:27 AM तक उपरांत चतुर्थी तिथि 04:15 AM तक उपरांत पंचमी
✏️ तिथि स्वामी – तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर जी है ।तृतीया: किसी भी पक्ष की तीसरी तारीख को तृतीया तिथि या तीज कहते है।
💫 नक्षत्र- नक्षत्र रोहिणी 02:08 AM तक उपरांत म्रृगशीर्षा
🪐 नक्षत्र स्वामी – रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा ग्रह हैं। इस नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता ब्रह्मा (प्रजापति) माने जाते हैं, और नक्षत्र की राशि का स्वामी शुक्र है।
⚜️ योग – सौभाग्य योग 04:11 PM तक, उसके बाद शोभन योग
प्रथम करण : गर 07:28 AM तक
द्वितीय करण : वणिज 05:49 PM तक, बाद विष्टि 04:15 AM तक, बाद बव
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:26:00 A.M से 09:39:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 05:42:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 06:28:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:23 ए एम से 05:07 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : सुबह 04:45 ए एम से 05:51 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : दोपहर 11:54 ए एम से 12:46 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : दोपहर 02:30 पी एम से 03:22 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : शाम को 06:48 पी एम से 07:11 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : शाम को 06:50 पी एम से 07:56 पी एम
💧 अमृत काल : रात्रि 11:16 पी एम से 12:42 ए एम, अप्रैल 21
🗣️ निशिता मुहूर्त : रात्रि 11:58 पी एम से 12:42 ए एम, अप्रैल 21
सर्वार्थ सिद्धि योग : पूरे दिन
🌊 अमृत सिद्धि योग : प्रातः 02:08 ए एम, अप्रैल 21 से 05:50 ए एम, अप्रैल 21
❄️ रवि योग : प्रातः 05:51 ए एम से 02:08 ए एम, अप्रैल 21
💥 भद्रावास स्वर्ग – 05:49 पी एम से 04:14 ए एम, अप्रैल 21 तक
🚓 यात्रा शकुन-सोमवार को मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शिवजी का दुग्धाभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – वर्षीतपसमापन (जैन)/ सौर ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ/ मातङ्गी जयन्ती/ रोहिणी व्रत/ संकर्षण चतुर्थी/ भद्रा/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ अमृत सिद्धि योग/ रवि योग/ धर्म गुरु आदि शंकराचार्य प्राकट्योत्सव/ साहित्यकारों गोपीनाथ मोहंती जयन्ती, भारतीय बांसुरी वादक पन्नालाल घोष पुण्य तिथि, इतिहासकार बाबूलाल गोवर्धन जोशी जन्म दिवस, राष्ट्रीय हमशक्ल दिवस, राष्ट्रीय चेडर फ्राइज़ दिवस, बसव जयन्ती, संयुक्त राष्ट्र चीनी भाषा दिवस, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू जन्म दिवस, अभिनेत्री ममता कुलकर्णी जन्म दिवस, (भारतीय थल सेना के 41वें डोगरा में लांस नाईक) लाला राम जयन्ती, फ़ायर सर्विस सप्ताह, डॉक्टर हैनीमैन जन्म दिवस (होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जन्मदाता)
✍🏼 *तिथि विशेष – तृतीया तिथि में नमक का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला अर्थात बल प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह तृतीया तिथि आरोग्यकारी रोग निवारण करने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस तृतीया तिथि की स्वामिनी माता गौरी और इसके देवता कुबेर देवता हैं। यह तृतीया तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह तृतीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। 🏘️ *_Vastu tips* 🏚️
रसोई में भूलकर भी न करें ये गलतियां
*रसोई में कभी भी टूटे फूटे हुए कांच या चटके बर्तनों का इस्तेमाल न करें। ये चीजें दरिद्रता का प्रतीक मानी जाती है और इनका इस्तेमाल करने से घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। *रसोई में अन्न की देवी अन्नपूर्णा का वास होता है तो यहां जूते चप्पल पहनकर कभी भी प्रवेश न करें।
*रसोईघर को कभी भी पूरा अंधेर कर के न छोड़ें। रात के समय भी कोई एक लाइट जलाकर रखें। *वास्तु शास्त्र में आग और पानी को एक दूसरे का शत्रु माना गया है। तो रसोई में सिंक और चूल्हा को कभी भी बिल्कुल आमने-सामने न रखें।
*रसोई में कभी भी दवाइयां नहीं रखनी चाहिए। वास्तु के अनुसार, इससे घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। ♻️ *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️ महिलाओं और पुरुषों में थायराइड के प्रमुख लक्षण – थायराइड के रोग में शुरू के लक्षण बालों का झड़ना, नाखून रूखे व पतले होना, और गंजापन| *हाइपर थायराइड के लक्षण दिल की धड़कन तेज होना, अधिक पसीना आना, वजन कम होना और हाथ पैर कपकापना|
*हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण चेहरे और आँखों में सूजन होना, जोड़ों गर्दन व सिर में दर्द होना, कब्ज होना, त्वचा रूखी होना, मोटापा बढ़ना| *थायराइड के रोग में बॉडी की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है| और रोगों से लड़ने की शक्ति कम होने लगती है|
*अगर आप को थायराइड के लक्षण दिख रहे है तो सबसे पहले इसकी जांच करवाए| T3, T4, TSH, जांच से थायराइड का लेवल चेक होता है| 🥑 आरोग्य संजीवनी 🫚
अदरक के कुछ प्रमुख उपयोग :

*मधुमेह रोग के उपचार में – अदरक को मधुमेह रोग के बचाव और उपचार दोनों । में एक असरकारी औषधि के रूप में आयुर्वेदीय संहिताओं में निर्दिष्ट किया गया है । अदरक के तत्व इंसुलिन के प्रयोग के बिना ग्लूकोज का स्नायु काशिकाआ तक पहचान का – प्रक्रिया बढ़ाते हैं । इस तरह इससे उच्च रक्त शर्करा स्तर ( हाई सुगर लेवल ) को काबू में करने में मदद मिलती है । अदरक मधुमेह से होने वाली जटिलताओं से बचाव करती है । अदरक मधुमेह पीड़ित के लिवर , किडनी और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को सुरक्षित करती है । साथ ही वह इस बीमारी के एक आम दुष्प्रभाव मोतियाबिन्द का खतरा भी कम करती है । *हृदयरोगों में लाभकारी -अदरक सालों से हृदय रोगों के उपचार में इस्तेमाल होती रही है । इसमें उपस्थित तत्व कोलेस्ट्रॉल को कम करने , ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने , रक्त प्रवाह में सुधार लाने और अवरूद्ध धमनियों तथा रक्त के थक्कों से बचाव करने का काम करते हैं । ये सारी चीजें हृदयाघात ( हार्ट अटैक ) और स्ट्रोक के जोखिम को कम करती हैं।
*केश सम्बन्धी समस्याओं में लाभकारी – अदरक के जूस का नियमित प्रयोग केश सम्बंधित समस्याओं के निराकरण में उपयोगी है । इसका नियमित प्रयोग बालों को घना और चमकदार बनाता है , अदरक केजूस को सीधे पी भी सकते हैं और सिर की त्वचा पर लगा भी सकते हैं । यह न केवल बालों को स्वस्थ बनाता है । बल्कि यह रुसी की समस्या से भी छुटकारा दिलाता है । *एक लोकप्रिय पाचक औषधि के रूप में -अदरक को हजारों सालों से एक पाचक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है । इसमें उपस्थित वात को दूर करने वाले तत्व पेट की गैस को दूर करके पेट फूलने और उदर वायु की समस्या से बचाव करते हैं । साथ ही पेट में मरोड़ को ठीक करने वाले इसके तत्व मांसपेशियों को आराम पहुंचाते हुए अजीर्णता में राहत पहुंचाते हैं ।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
मुनि अगस्त्यजी के एक सुतीक्ष्ण नामक सुजान (ज्ञानी) शिष्य थे, उनकी भगवान में प्रीति थी। वे मन, वचन और कर्म से श्री रामजी के चरणों के सेवक थे। उन्हें स्वप्न में भी किसी दूसरे देवता का भरोसा नहीं था।
*उन्होंने ज्यों ही प्रभु का आगमन कानों से सुन पाया, त्यों ही अनेक प्रकार के मनोरथ करते हुए वे आतुरता (शीघ्रता) से दौड़ चले। हे विधाता! क्या दीनबन्धु श्री रघुनाथजी मुझ जैसे दुष्ट पर भी दया करेंगे?क्या स्वामी श्री रामजी छोटे भाई लक्ष्मणजी सहित मुझसे अपने सेवक की तरह मिलेंगे? मेरे हृदय में दृढ़ विश्वास नहीं होता, क्योंकि मेरे मन में भक्ति, वैराग्य या ज्ञान कुछ भी नहीं है। *मैंने न तो सत्संग, योग, जप अथवा यज्ञ ही किए हैं और न प्रभु के चरणकमलों में मेरा दृढ़ अनुराग ही है। हाँ, दया के भंडार प्रभु की एक बान है कि जिसे किसी दूसरे का सहारा नहीं है, वह उन्हें प्रिय होता है।
*भगवान की इस बान का स्मरण आते ही मुनि आनंदमग्न होकर मन ही मन कहने लगे अहा! भव बंधन से छुड़ाने वाले प्रभु के मुखारविंद को देखकर आज मेरे नेत्र सफल होंगे। (शिवजी कहते हैं-) हे भवानी! ज्ञानी मुनि प्रेम में पूर्ण रूप से निमग्न हैं। उनकी वह दशा कही नहीं जाती। *उन्हें दिशा-विदिशा (दिशाएँ और उनके कोण आदि) और रास्ता, कुछ भी नहीं सूझ रहा है। मैं कौन हूँ और कहाँ जा रहा हूँ, यह भी नहीं जानते । वे कभी पीछे घूमकर फिर आगे चलने लगते हैं और कभी प्रभु के गुण गा-गाकर नाचने लगते हैं। मुनि ने प्रगाढ़ प्रेमाभक्ति प्राप्त कर ली। प्रभु श्री रामजी वृक्ष की आड़ में छिपकर भक्त की प्रेमोन्मत्त दशा देख रहे हैं। मुनि का अत्यन्त प्रेम देखकर भवभय आवागमन के भय को हरने वाले श्री रघुनाथजी मुनि के हृदय में प्रकट हो गए।
*हृदय में प्रभु के दर्शन पाकर मुनि बीच रास्ते में अचल (स्थिर) होकर बैठ गए। उनका शरीर रोमांच से कटहल के फल के समान कण्टकित हो गया। तब श्री रघुनाथजी उनके पास चले आए और अपने भक्त की प्रेम दशा देखकर मन में बहुत प्रसन्न हुए। *श्री रामजी ने मुनि को बहुत प्रकार से जगाया, पर मुनि नहीं जागे, क्योंकि उन्हें प्रभु के ध्यान का सुख प्राप्त हो रहा था। तब श्री रामजी ने अपने राजरूप को छिपा लिया और उनके हृदय में अपना चतुर्भुज रूप प्रकट किया।
*तब अपने ईष्ट स्वरूप के अंतर्धान होते ही मुनि ऐसे व्याकुल होकर उठे, जैसे श्रेष्ठ (मणिधर) सर्प मणि के बिना व्याकुल हो जाता है। मुनि ने अपने सामने सीताजी और लक्ष्मणजी सहित श्यामसुंदर विग्रह सुखधाम श्री रामजी को देखा। *प्रेम में मग्न हुए वे बड़भागी श्रेष्ठ मुनि लाठी की तरह गिरकर श्री रामजी के चरणों में लग गए। श्री रामजी ने अपनी विशाल भुजाओं से पकड़कर उन्हें उठा लिया और बड़े प्रेम से हृदय से लगा रखा।
*कृपालु श्री रामचन्द्रजी मुनि से मिलते हुए ऐसे शोभित हो रहे हैं, मानो सोने के वृक्ष से तमाल का वृक्ष गले लगकर मिल रहा हो। मुनि (निस्तब्ध) खड़े हुए (टकटकी लगाकर) श्री रामजी का मुख देख रहे हैं, मानो चित्र में लिखकर बनाए गए हों। *ऐसी होती है प्रगाढ़ भक्ति जो परमशक्तिशाली भगवान को भी सरलतासे बांधे।
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⚜️ तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है। अन्यथा इस तृतीया तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है। आज तृतीया तिथि को माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है। आज तृतीया तिथि में एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। आज तृतीया तिथि को भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये। देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है।।

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