मध्य प्रदेश

सचिव-जीआरएस संघ ने सीईओ पर लगाए गंभीर आरोप, कलेक्टर से की जांच व कार्रवाई की मांग

रिपोर्टर ; सतीश चौरसिया
उमरियापान । जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के सचिव एवं रोजगार सहायक (जीआरएस) संयुक्त संघ ने जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) यजुवेन्द्र कोरी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर कटनी को ज्ञापन सौंपकर जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की है। संघ ने आरोप लगाया है कि सीईओ का सचिवों, जीआरएस एवं अन्य कर्मचारियों के प्रति व्यवहार तानाशाही, उदासीन एवं अमानवीय है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है ।
संघ द्वारा दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मनरेगा अंतर्गत ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों के सामग्री मद भुगतान में अपने चहेते वेंडरों के बिल लगवाकर कुल भुगतान राशि का लगभग 45 प्रतिशत तक वसूला जाता है । जबकि पंचायतें स्थानीय स्तर पर सामग्री की व्यवस्था करती हैं । इसके अलावा जल जीवन मिशन “हर घर जल योजना” के हस्तांतरण में पंचायतों पर दबाव बनाकर 3 हजार से 5 हजार रुपये तक की वसूली करने के आरोप भी लगाए गए हैं ।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कुछ ग्राम पंचायतों में बाजार मूल्य से तीन गुना अधिक कीमत पर कचरा गाड़ी एवं वाटर कूलर खरीदने के लिए दबाव बनाया गया, जिससे संबंधित व्यापारियों को लाभ पहुंचाया जा सके । संघ ने आरोप लगाया कि जब संघ पदाधिकारी कर्मचारियों की समस्याएं उठाते हैं तो उन्हें फंसाने के षड्यंत्र रचे जाते हैं तथा एकतरफा कार्रवाई की जाती है ।
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायतों में अभिलेख निरीक्षण, अतिरिक्त प्रभार देने, वरिष्ठ कार्यालयों में अभिमत भेजने एवं निर्माण कार्यों की किश्त जारी करने के नाम पर भी वसूली की जाती है । सचिव एवं जीआरएस संघ का कहना है कि सीईओ की कार्यप्रणाली से कर्मचारी अत्यंत दुखी हैं और ऐसी स्थिति में उनके साथ कार्य करना कठिन हो गया है ।
ज्ञापन के अंत में सचिव एवं जीआरएस संघ ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कर सहानुभूतिपूर्वक कार्रवाई करने की मांग की है । ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री, जिला पंचायत सीईओ एवं बड़वारा विधायक को भी भेजी गई है ।

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