कृषिमध्य प्रदेशव्यापार

सिलवानी नगर में नकदी संकट गहराया, एटीएम और बैंक शाखाओं में ग्राहकों की बढ़ी परेशानी

सिलवानी। नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों नकदी की भारी कमी के कारण आम नागरिकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कई बैंक शाखाओं और एटीएम में पर्याप्त नकदी उपलब्ध नहीं होने से ग्राहक अपनी आवश्यकता के अनुसार राशि नहीं निकाल पा रहे हैं। नकदी संकट का असर निजी और सरकारी दोनों बैंकों में देखने को मिल रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से बैंक शाखाओं में लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन ग्राहकों को उनकी मांग के अनुरूप नकद राशि उपलब्ध नहीं हो पा रही है। कई एटीएम या तो खाली पड़े हैं या उनमें सीमित मात्रा में नकदी होने के कारण जल्दी ही रकम समाप्त हो जा रही है। इससे दैनिक जरूरतों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
बैंक अधिकारियों का कहना है कि नकदी की कमी केवल सिलवानी तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की स्थिति बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मांग के अनुरूप नकदी आपूर्ति नहीं हो पाने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है।
बैंक अधिकारी ने बताया हम ग्राहकों की नकदी संबंधी जरूरतों को पूरा करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उपलब्ध नकदी सीमित होने के कारण सभी ग्राहकों की मांग पूरी करना संभव नहीं हो पा रहा है।
दूसरी ओर बैंक खाताधारकों में इस स्थिति को लेकर नाराजगी दिखाई दे रही है। ग्राहकों का कहना है कि उन्हें बैंक से उनकी आवश्यकता से कम राशि दी जा रही है, जिससे घरेलू खर्च, व्यापारिक भुगतान और अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई लोगों ने बताया कि बैंक में पर्याप्त राशि जमा होने के बावजूद वे अपनी जरूरत के अनुसार नकदी नहीं निकाल पा रहे हैं।
नकदी संकट के बीच कुछ नागरिकों ने सरकार की डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने वाली नीति पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकार लोगों को डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, लेकिन बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों को डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन भुगतान की पर्याप्त जानकारी नहीं है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गांवों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, स्मार्टफोन और डिजिटल साक्षरता जैसी सुविधाओं का अभाव होने के कारण अधिकांश लोग अभी भी नकद लेनदेन पर निर्भर हैं। विशेष रूप से शादी-विवाह, सामाजिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों में नकदी की आवश्यकता अधिक रहती है। ऐसे समय में नकदी की कमी लोगों के लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन रही है।
नागरिकों ने प्रशासन और बैंकिंग संस्थाओं से शीघ्र पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि आम जनता को राहत मिल सके और बैंकिंग व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहे। फिलहाल नगरवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नकदी आपूर्ति सामान्य होने में कितना समय लगता है और स्थिति कब तक सुधरती है।

Related Articles

Back to top button