घुघरी पंचायत में भ्रष्टाचार एवं नल-जल योजना की राशि में अनियमितता के आरोप

ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत घुघरी में कथित वित्तीय अनियमितताओं और नल-जल योजना की राशि के दुरुपयोग को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी को शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायतकर्ता राजेन्द्र प्रसाद रजक सहित अन्य ग्रामवासियों ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत के सचिव एवं सरपंच द्वारा साफ-सफाई, कार्यालय व्यय तथा अन्य मदों के नाम पर लाखों रुपये के कथित फर्जी बिल प्रस्तुत कर राशि का आहरण किया गया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कुछ भुगतान सचिव और सरपंच के परिजनों के नाम से भी किए गए, जिससे शासकीय धन के दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की गई है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पंचायत में एक डेटा सहायक के नाम पर भी बिल लगाकर भुगतान किया जाता है, जबकि उसके कार्य एवं भुगतान की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा नल-जल योजना के तहत ग्रामीणों से वसूली गई राशि पंचायत के अधिकृत खाते में जमा न कर उसके कथित दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि नल-जल योजना के संचालन और वसूली का कार्य सरपंच के एक परिजन के माध्यम से कराया जाता है, जबकि योजना से संबंधित निर्माण एवं रखरखाव कार्यों पर अपेक्षित खर्च दिखाई नहीं देता। ग्रामीणों का कहना है कि योजना की वास्तविक स्थिति और प्राप्त राशि का सामाजिक एवं वित्तीय ऑडिट कराया जाना चाहिए।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि सचिव के कार्यभार संभालने के बाद से छोटे-बड़े बिलों के माध्यम से लगभग 10 लाख रुपये का आहरण कर शासन की राशि का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया है। उनका कहना है कि यदि सभी अभिलेखों, भुगतान रजिस्टर, बैंक खातों और बिल-वाउचरों की जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी ढीमरखेड़ा से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए ।



