मध्य प्रदेश

बड़वारा मुख्यालय मार्ग की दयनीय स्थिति पर मुख्यमंत्री से गुहार

लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर को निलंबित कर भृष्टाचार की जांच की मांग
रिपोर्टर :सतीश चौरसिया
उमरियापान ।  बड़वारा क्षेत्र की जीवनदायिनी मानी जाने वाली बड़वारा-देवरी हटाई मार्ग की स्थिति इन दिनों अत्यंत जर्जर और खतरनाक हो चुकी है। सड़क की खस्ताहाली और गड्ढों से बेहाल बड़वारा क्षेत्र के नागरिकों की गंभीर समस्या को लेकर कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुहार लगाई है।
*पुलिया में बड़े-बड़े गड्ढे, दुर्घटना को न्योता*
पूर्व जिला अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने बताया कि बड़वारा नगर में प्रवेश करते ही पुलिया पर बने बड़े-बड़े गड्ढे रोज गंभीर हादसों को आमंत्रण दे रहे हैं। यह स्थिति बड़वारा के विकास के दावों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।
उन्होंने ने बताया कि बड़वारा से बछरवारा मार्ग पर सड़क कम और गड्ढे ज्यादा नजर आते हैं ।
किन-किन टोला, चिरूहली, चांदन और नन्हवारा मोड़ पर पैदल चलना भी दूभर हो चुका है ।
इस मार्ग से आवाजाही करने वाले मरीज, आम नागरिक और छात्र-छात्राएं बेहद पीड़ादायक सफर करने को मजबूर हैं ।
ग्राम भगनवारा की जर्जर पुलिया कभी भी ध्वस्त हो सकती है, जिससे किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता ।
*घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार का आरोप*
करण सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि मात्र एक वर्ष पूर्व इस मार्ग पर घटिया स्तर का डामरीकरण कराया गया था।  भारी भ्रष्टाचार के चलते कुछ ही महीनों में सड़क पूरी तरह उखड़ गई, जिसका खामियाजा आज क्षेत्र की जनता भुगत रही है ।
क्षेत्रीय जनता और स्कूली बच्चों की जान-माल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष करण सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक पत्र प्रेषित किया है जिसकी एक प्रति कलेक्टर आशीष तिवारी को भेजा है जिसमें निम्न प्रमुख माँगें की हैं।
*इंजीनियर पर हो कार्यवाही*
लोक निर्माण विभाग के संबंधित इंजीनियर को तत्काल निलंबित किया जाए और सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए।
*बच्चों के लिए छुट्टी की घोषणा*
जब तक इस खतरनाक मार्ग को दुरुस्त नहीं कर लिया जाता, तब तक सांदीपनि विद्यालय बड़वारा में इस मार्ग 15-20 गाँवों से आने वाले बच्चों की सुरक्षा के हित में छुट्टी घोषित की जाए ।
इस मार्ग एवं पुलिया की जर्जर स्थिति की मरम्मत के दिशा निर्देश जारी किए जाने की मेहरबानी हो।

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