पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, राजस्व कार्य ठप

नामांतरण, सीमांकन, आय जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र सहित कई सेवाएं प्रभावित, आमजन हो रहे परेशान
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । मध्य प्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिले सहित प्रदेशभर के पटवारी अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर डटे हुए हैं। हड़ताल के चलते तहसील कार्यालयों में राजस्व संबंधी अनेक कार्य प्रभावित हो रहे हैं । नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फौती नामांतरण, आय, जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र के सत्यापन सहित अन्य राजस्व सेवाएं प्रभावित होने से आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों, विद्यार्थियों और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने वाले हितग्राहियों के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी पांच सूत्रीय मांगें पिछले लगभग 25 वर्षों से लंबित हैं। इन मांगों के निराकरण के लिए संघ द्वारा जून माह से चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है । इस दौरान कई बार शासन एवं प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए तथा विभिन्न स्तरों पर वार्ता भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय या आश्वासन नहीं मिलने के कारण पटवारियों को अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा।
संघ का कहना है कि पटवारियों पर लगातार कार्यभार बढ़ता जा रहा है, जबकि लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक शासन उनकी मांगों पर निर्णय लेकर लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी । पटवारियों ने शासन से शीघ्र वार्ता कर मांगों का समाधान निकालने की अपील भी की है, ताकि आम नागरिकों को होने वाली असुविधा समाप्त हो सके और राजस्व कार्य पुनः सुचारु रूप से प्रारंभ हो सकें ।
हड़ताल में जिलाध्यक्ष दादूराम के नेतृत्व में प्रकाश गुप्ता, तुलाराम वर्मा, राजेश दुबे, विनीत बघेल, नीरज गोस्वामी, धर्मेंद्र ताम्रकार, अभिषेक सोनी, अशोक सिंह बागरी, मो. नाजिर, विवेक तिवारी, प्रमोद दीक्षित, गणेश मिश्रा, सचिन्द्र श्रीवास्तव, अभिषेक तिवारी, आशीष शर्मा, अनंत गुप्ता, ज्योति अग्निहोत्री, सुजाता बघेल, पूजा सोनी, रुचिता जैन, अभिकरण जलोन्हा, चंद्रशेखर कोरी, राजकुमार गौतम, श्यामाचरण शुक्ला, गुलजारी लाल कोल, विवेक बहरे, नितेश पांडेय, धर्मेंद्र बागरी, दिनेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जिले के पटवारी उपस्थित रहे और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित की ।



