महिला आरक्षक से छेड़छाड़ का आरोप, दरवाजा तोड़कर चाकू दिखाने का दावा

साथी आरक्षक पर केस दर्ज, फिर भी ड्यूटी पर तैनाती को लेकर उठे सवाल
सागर। रायसेन जिले के बेगमगंज थाने में पदस्थ आरक्षक अजय राणा पर सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र में एक महिला आरक्षक के साथ छेड़छाड़, मारपीट, धमकी और घर में घुसने का गंभीर आरोप लगा है।
महिला आरक्षक की शिकायत पर गोपालगंज पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
महिला आरक्षक के मुताबिक, आरोपी अजय राणा से उसकी मुलाकात वर्ष 2018 में हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई और बाद में अजय राणा शादी करना चाहता था, लेकिन परिवार की सहमति नहीं बनी। इसके बाद अजय राणा ने दूसरी जगह शादी कर ली।
महिला का आरोप है कि इसके बावजूद वह लगातार बातचीत के लिए दबाव बनाता रहा।
सबसे गंभीर आरोप 5 सितंबर की रात करीब 3 से 4 बजे का है। महिला आरक्षक के मुताबिक, अजय राणा उसके किराए के मकान पर पहुंचा और दरवाजा खोलने के लिए दबाव बनाया। दरवाजा नहीं खोलने पर कथित तौर पर गेट तोड़कर अंदर घुस आया।
महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसका मुंह दबाया, चाकू दिखाकर धमकी दी, गाली-गलौज और मारपीट की तथा उसके साथ अश्लील हरकत करने की कोशिश की।
महिला की चीख-पुकार के बीच बाहर किसी वाहन के रुकने की आवाज सुनकर आरोपी मौके से भाग गया। आरोप है कि जाते-जाते उसने महिला का मोबाइल फोन भी तोड़ दिया।
घटना के बाद महिला आरक्षक अपने माता-पिता के साथ गोपालगंज थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। 15 सितंबर को आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
अब सबसे बड़ा सवाल आरोपी की ड्यूटी को लेकर उठ रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बावजूद आरक्षक अजय राणा बेगमगंज थाने में ड्यूटी कर रहा है।
अगर एक पुलिसकर्मी पर ही महिला पुलिसकर्मी के साथ इस तरह के गंभीर आरोप लगें, तो पुलिस विभाग की जवाबदेही और कार्रवाई को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
क्या आरोपी आरक्षक के खिलाफ विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई होगी?
क्या उसे ड्यूटी से हटाया जाएगा?
और क्या महिला आरक्षक को पूरी सुरक्षा मिलेगी?
इन सवालों के जवाब अब पुलिस विभाग की कार्रवाई से ही सामने आएंगे।



