मध्य प्रदेश

वनभूमि पर अतिक्रमण से गोचर का रास्ता बंद ,पशुपालकों ने दिया ज्ञापन

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । ग्राम भुरेरु के करीब डेढ़ सौ. पशुपालकों द्वारा गोचर की वन भूमि पर बलात तार फेंसिंग करके अवैध कब्जा कर मजे से खेतीं करने वाले भूमाफिया के खिलाफ आज ज्ञापन देकर तत्काल अवैध कब्जा हटवाने ओर पशुओं के गोचर का रास्ता खुलवाने की पुरजोर मांग की है।
पशुपालकों में कमलेश साहू , निशांत साहू , नरेंद्र मोतीलाल साहू, गंगाराम, बाबूलाल , रामकुमार , शिवराम ठाकुर , रवि, श्रीराम, गौरीशंकर, छोटू ठाकुर, राकेश, परसराम, दुर्जन, मलखान सिंह, गोविंद, भगवान दास इत्यादि सहित करीब डेढ़ सौ ने वन परिक्षेत्राधिकारी को ज्ञापन देकर मांग की है कि करीब एक हजार पशुओं की गोचर पर बेलों वाले से लेकर हरजू वाले झिरना तक भूमाफिया द्वारा अवैध कब्जा करके तार फेंसिंग करके मजे से वनभूमि पर खेतीं की जा रही है। जिससे गोचर की भूमि खत्म हो गई है और जंगल वाले रास्ते पर भी कब्जा करके उसे भी बंद कर दिया है। जबकि गत वर्ष उक्त अतिक्रमणकारियों का वनविभाग द्वारा सख्ती से कब्जा हटाकर बेदखल कर दिया था। इसके बाद उन्होंने इस वर्ष फिर से उसी वनभूमि पर कब्जा तो किया लेकिन साथ में तार फेंसिंग करके पक्का कब्जा कर पशुओं की गोचर की पर कब्जा जमा लिया है और पशुओं को चराने ले जाने वालों से आए दिन विवाद करने पर उतारू हो जाते है।
इस समय कीचड़ से भरा दलदल जैसा एक सकरा मार्ग बचा है जिससे निकलकर पशु चरने जा रहे है लेकिन कीचड़ में फंसने से परेशानी हो रही है।
पिछले साल इसी मार्ग पर 4 दुधारू पशुओं के कीचड़ के दलदल में फंसने से मौत हो गई थी।
अतिक्रमणकारी आए दिन चरवाहे से मारपीट करके वादविवाद करते है और पशुओं को नहीं निकलने दे रहे है। जिसके कारण अब पशुपालकों ने पशु पालना कम कर दी है।
सभी पशुपालकों द्वारा भुरेरु बीट से जंगल वाला रास्ता बेलों वाले से लेकर हरजू वाले झिरना तक किए गए अतिक्रमण को वनविभाग अधिकारियों से वनभूमि पर से अवैध अतिक्रमण एवं तार फेंसिंग हटवाकर पशुओं के लिए गोचर सुरक्षित किए जाने , वनभूमि सीमा के चारों ओर खंती खुदाने कर वनभूमि सुरक्षित किए जाने की मांग की गई है।

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