मध्य प्रदेश

आठ माह पहले टेंडर, अब तक डामरीकरण नहीं; 2 से 3 फीट गहरे गड्ढों से परेशान ग्रामीण

ढाडिया-हरदौट मार्ग पर उड़ रही गिट्टी और धूल, स्कूली बच्चों से लेकर नीलकंठ महादेव के श्रद्धालुओं तक को परेशानी; सड़क पर बोर्ड लगाकर जिम्मेदारी भूली निर्माण एजेंसी
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन बेगमगंज क्षेत्र में योजना के तहत स्वीकृत सड़क का काम ही समय पर शुरू नहीं हो पा रहा है। भोपाल रोड स्थित ग्राम डांडिया से हरदौट तक जाने वाले मार्ग पर डामरीकरण के लिए अप्रैल 2026 में टेंडर जारी हुआ था। आठ माह बीतने के बाद भी सड़क पर डामरीकरण नहीं हुआ है। स्थिति यह है कि मार्ग पर जगह-जगह दो से तीन फीट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं। सड़क से गिट्टी उखड़ रही है और वाहनों के गुजरने पर धूल के गुबार उड़ते हैं। इससे ग्रामीणों, वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हैरानी की बात यह है कि निर्माण एजेंसी ने सड़क पर डामरीकरण और संधारण कार्य का बोर्ड तो लगा दिया, लेकिन मौके पर अब तक काम दिखाई नहीं दे रहा है। बोर्ड पर दर्ज जानकारी के अनुसार सड़क की लंबाई 1.169 किलोमीटर है। इसमें आगामी पांच वर्षों के संधारण कार्य की लागत 19.88 लाख रुपए अंकित की गई है। कार्य प्रारंभ होने की तारीख 29 अप्रैल 2026 है ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सड़क के डामरीकरण का टेंडर जारी हो चुका है तो अब तक निर्माण कार्य शुरू क्यों नहीं किया गया? वहीं पांच साल के संधारण के लिए निर्धारित राशि के बावजूद सड़क की मौजूदा हालत में सुधार क्यों नहीं हो रहा है।
चार साल से गड्ढों से जूझ रहे ग्रामीण
ग्रामीण सुरेंद्र सिंह, आनंद शर्मा, दिनेश राय और गोलू राय ने बताया कि यह मार्ग आसपास के गांवों के लिए महत्वपूर्ण है। पिछले करीब चार वर्षों से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। बारिश के दिनों में इनमें पानी भर जाता है, जबकि अन्य दिनों में गिट्टी और धूल के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को होती है। कई बार मांग उठाने के बाद सड़क का टेंडर तो जारी हुआ, लेकिन निर्माण एजेंसी काम शुरू नहीं कर रही है।
नीलकंठ महादेव मंदिर जाने का भी यही मार्ग
इस सड़क का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि क्षेत्र के प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। यहां हर महीने हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण श्रद्धालुओं को भी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क के निर्माण और संधारण के लिए राशि निर्धारित हो चुकी है तो फिर काम में देरी किस वजह से हो रही है, इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। ग्रामीणों ने जल्द डामरीकरण कर सड़क को आवागमन योग्य बनाने की मांग की है।
इस संबंध मे तुलसीराम अहिरवार, एएम, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, रायसेन का कहना है कि सड़क मार्ग का टेंडर हो चुका है। मेरी जानकारी में यहां डामरीकरण होना है। इस क्षेत्र का काम एएम चौहान सर देखते हैं, वे अभी बाहर हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी वही दे पाएंगे।

Related Articles

Back to top button