छात्रावास अधीक्षिका पर गंभीर लापरवाही के आरोप, जांच व कार्रवाई की मांग

सिलवानी। जमुनिया बालिका छात्रावास में अध्ययनरत एक छात्रा के लापता होने के मामले में छात्रा के पिता ने छात्रावास अधीक्षिका पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए अनुविभागीय अधिकारी को लिखित शिकायत देकर जांच एवं कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में ग्राम नकटुआ निवासी छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी पुत्री 22 सितंबर 2026 को सुबह करीब 11 बजे जमुनिया बालिका छात्रावास से लापता हो गई थी। आरोप है कि छात्रा के लापता होने की सूचना परिजनों को तत्काल नहीं दी गई। पिता के अनुसार उन्होंने दोपहर करीब 3 बजे छात्रावास में फोन कर पुत्री से बात कराने को कहा, लेकिन बात नहीं कराई गई और बाद में बात कराने की बात कही गई। शाम करीब 5 बजे छात्रावास अधीक्षिका द्वारा उन्हें छात्रा के छात्रावास से लापता होने की जानकारी दी गई।
इसके बाद परिजन पुलिस थाने पहुंचे, जहां छात्रा मिलने के बाद उसकी हालत खराब बताई गई और उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि छात्रावास अधीक्षिका द्वारा अस्पताल में छात्रा की मानसिक स्थिति खराब होने की बात कही गई, जबकि परिजन के अनुसार छात्रा सामान्य अवस्था में है और उसे किसी प्रकार की मानसिक बीमारी या समस्या नहीं है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि छात्रा घटना से दो-तीन दिन पहले से बुखार से पीड़ित थी, लेकिन इसकी जानकारी छात्रावास अधीक्षिका द्वारा परिजनों को नहीं दी गई। पिता का कहना है कि समय पर सूचना मिलने पर वह अपनी पुत्री को उचित चिकित्सकीय उपचार दिला सकते थे।
शिकायतकर्ता ने छात्रा को छात्रावास में दी गई दवा अथवा उपचार, उसके संबंध में चिकित्सकीय परामर्श तथा छात्रावास प्रबंधन द्वारा बरती गई प्रक्रिया की भी जांच किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बालिका छात्रावास में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य की जिम्मेदारी छात्रावास प्रबंधन की है, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मामले को लेकर अब छात्रावास प्रबंधन की भूमिका, छात्रा के लापता होने की परिस्थितियों और परिजनों को सूचना देने में हुए कथित विलंब की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



