मध्य प्रदेश

सिलवानी की सफाई व्यवस्था पर संकट, 40 सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त करने, स्थायी भर्ती और नियमितीकरण सहित कई मांगों को लेकर खोला मोर्चा, नगर परिषद ने वैकल्पिक व्यवस्था से संभाली सफाई की कमान
सिलवानी। दीपावली के पर्व में अब महज तीन दिन शेष हैं, ऐसे में सिलवानी नगर की सफाई व्यवस्था पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के आह्वान पर गुरुवार से नगर परिषद के सभी 40 सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते नगर के 15 वार्डों में नियमित साफ-सफाई और घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। त्योहार के ठीक पहले सफाई व्यवस्था को लेकर पैदा हुए इस संकट ने नगरवासियों की चिंता बढ़ा दी है।
नगर परिषद ने संभाली वैकल्पिक व्यवस्था की जिम्मेदारी
सफाई कर्मियों की हड़ताल के बीच नगर परिषद ने नगर की स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए हैं। परिषद द्वारा कुछ स्थायी सफाई कर्मचारियों और मजदूरों की मदद से कचरा वाहनों के माध्यम से घर-घर कचरा संग्रहण एवं सफाई व्यवस्था संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि दीपावली के त्योहार पर नगरवासियों को गंदगी और असुविधा का सामना न करना पड़े। हालांकि सभी वार्डों में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखना परिषद के लिए चुनौती बना हुआ है।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, रखीं प्रमुख मांगें
हड़ताल पर गए सफाईकर्मियों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कर्मचारियों ने आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त कर स्थायी भर्ती करने, पात्र कर्मचारियों का नियमितीकरण करने तथा समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग प्रमुखता से उठाई है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से कार्य करने के बावजूद उन्हें स्थायित्व और उचित वेतन संबंधी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
न्यूनतम वेतन 25 हजार और पुरानी पेंशन की मांग
सफाईकर्मियों ने न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने के साथ महंगाई भत्ता एवं अन्य वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके अलावा योग्यतानुसार पदोन्नति देने तथा वर्ष 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
सुरक्षा उपकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी जोर
कर्मचारियों ने अपने कार्य की जोखिमपूर्ण प्रकृति को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, जोखिम बीमा और समुचित उपचार की सुविधा देने की मांग की है। साथ ही गंभीर बीमारी, कार्य के दौरान अक्षमता और असमय मृत्यु की स्थिति में कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए स्पष्ट नीति बनाने की बात कही है।
ज्ञापन में पात्र कर्मचारियों को सम्मानजनक सेवानिवृत्ति का लाभ देने तथा सेवा के दौरान मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराने पर भी विचार करने की मांग उठाई गई है।
त्योहार से पहले बढ़ी नगर परिषद की चुनौती
दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार से ठीक पहले सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने नगर परिषद के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। एक ओर कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर हैं, वहीं दूसरी ओर नगरवासियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी परिषद के सामने है। अब देखना होगा कि प्रशासन और सफाईकर्मियों के बीच बातचीत से कब तक समाधान निकलता है और दीपावली से पहले नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर लौट पाती है।

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