उमरा की पवित्र यात्रा से लौटे जायरीनों का पुरजोर खैरमकदम, शहर में जगह-जगह हुआ स्वागत
मुल्क, प्रदेश और शहर की खुशहाली, तरक्की व अमन-ओ-अमान के लिए मांगी दुआएं
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज। मक्का शरीफ और मदीना शरीफ की 20 दिवसीय पवित्र उमरा यात्रा पूरी कर अपने परिवार के साथ लौटे जायरीनों का बेगमगंज पहुंचने पर शहरवासियों ने गर्मजोशी के साथ इस्तकबाल किया। स्वर्गीय बाकर चच्चा के बेटे, सेवानिवृत्त तहसील कर्मचारी जलील अली और उनके बेटे ठेकेदार जमील अली के शहर की सीमा में प्रवेश करते ही स्वागत का सिलसिला शुरू हो गया। इस दौरान लोगों ने फूल-मालाओं और गुलदस्तों से उनका स्वागत किया तथा मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया।
शहर के चकला नाला स्थित हाजी मुश्ताक खान के निवास पर जायरीनों का पुरजोर खैरमकदम किया गया। इस मौके पर उमरा यात्रा से लौटे जायरीनों ने मुल्क, प्रदेश और शहर की खुशहाली, तरक्की तथा अमन-ओ-अमान के लिए विशेष दुआएं कीं। साथ ही दुनिया से जुल्म के खात्मे, लोगों की जायज तमन्नाओं की तकमील और सभी को हज व उमरा की सआदत नसीब होने की दुआ मांगी।
सामाजिक सौहार्द की दिखी खूबसूरत मिसाल
जायरीनों के स्वागत का सिलसिला यहीं नहीं थमा। हिंदू उत्सव समिति के पूर्व अध्यक्ष संजय राय, प्रकाश पटेल और उनके साथियों ने भी गुलदस्ते भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की और जायरीनों से आशीर्वाद प्राप्त किया।
वहीं, मुस्लिम त्योहार कमेटी के अध्यक्ष आरिफ राईन के निवास पर भी कमेटी के सदस्यों ने गर्मजोशी के साथ जायरीनों का इस्तकबाल किया और मिठाई खिलाकर उनकी पवित्र यात्रा की मुबारकबाद दी। विभिन्न सामाजिक संगठनों और लोगों द्वारा किए गए स्वागत ने शहर की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर पेश की।
दो रकात नमाज अदा कर मांगी शुक्राने की दुआ
स्वागत कार्यक्रमों के बाद जायरीन सीधे अपने मोहल्ले की मस्जिद पहुंचे, जहां उन्होंने दो रकात नमाज अदा कर अल्लाह का शुक्र अदा किया। इसके बाद घर में दाखिल होने से पहले दुआ मांगी। मोहल्ले के लोगों ने भी उनका स्वागत करते हुए मुबारकबाद दी और उनसे दुआएं लीं।
पवित्र उमरा यात्रा से लौटे जायरीनों के स्वागत के दौरान धार्मिक आस्था, आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का माहौल देखने को मिला। लोगों ने उनकी यात्रा को खुशनसीबी बताते हुए उनके लिए नेक दुआएं कीं।



