मध्य प्रदेश

मरीज को तीन इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी थी हालत, जांच के लिए पहुंची तीन विभागों की टीम

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज ।  तहसील के ग्राम मोदकपुर में मरीज को तीन इंजेक्शन लगाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने के मामले में शनिवार को राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने संबंधित परिसर का निरीक्षण किया। एसडीएम  प्रियंका भलावी के निर्देशन में पहुंची टीम ने मौके की जांच कर पंचनामा तैयार किया। मामले में इंजेक्शन लगाने वाले युवक और मरीज के बयान दर्ज नहीं हो सके। स्वास्थ्य विभाग ने जांच के बाद प्रतिवेदन तैयार करने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार, 19 अक्टूबर को सर्दी-बुखार की शिकायत लेकर पहुंचे मरीज जाहर सिंह लोधी को कथित रूप से झोलाछाप डॉक्टर भगवानदास लोधी के बेटे प्रशांत लोधी ने तीन इंजेक्शन लगाए थे। इसके बाद मरीज को चक्कर आए और वह बेहोश हो गया। तबीयत बिगड़ने पर प्रशांत उसे बेगमगंज सिविल अस्पताल लेकर पहुंचा। यहां जांच के दौरान मरीज का ब्लड प्रेशर कम और शुगर लेवल काफी बढ़ा हुआ पाया गया। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे सागर रेफर कर दिया था। मामले में आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को प्री- एमएलसी संबंधी प्रतिवेदन भी भेजा गया था।
*संयुक्त टीम ने किया मौके का निरीक्षण*
एसडीएम के निर्देशन में सीबीएमओ डॉ. नितिन सिंह तोमर, तहसीलदार विक्रम सिंह राजपूत, सुल्तानगंज थाना प्रभारी महेश अग्निहोत्री और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर जांच की। अधिकारियों के अनुसार, इंजेक्शन लगाने वाला प्रशांत लोधी सब जेल में होने के कारण उसके बयान दर्ज नहीं हो सके। वहीं, उपचार के बाद मरीज अपने गांव उत्तर प्रदेश चला गया है, इसलिए उसके बयान भी दर्ज नहीं किए जा सके। टीम ने मौके का पंचनामा तैयार किया है और आगे की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन बनाया जा रहा है।
*क्लिनिक संचालन को लेकर पहले भी हुई थीं शिकायतें*
स्थानीय स्तर पर भगवानदास लोधी के यहां संचालित मेडिकल स्टोर और मरीजों के उपचार को लेकर पहले भी कई शिकायतें लंबित है। बताया गया है कि करीब एक वर्ष पहले संबंधित क्लिनिक को सील किया गया था। इसके बाद घर पर ही उपचार किए जाने की शिकायतें भी सामने आईं है। मेडिकल स्टोर के लाइसेंस और परिसर से संबंधित अनियमितताओं को लेकर भी शिकायतें की गई है। 
सीबीएमओ डॉ. नितिन सिंह तोमर ने बताया कि मरीज को इंजेक्शन लगाने वाला युवक जेल में है, जबकि उसके पिता के बयान दर्ज किए गए हैं। मरीज के गांव से बाहर होने के कारण उसके बयान नहीं हो सके। मौके पर क्लिनिक सील मिली है। जांच के आधार पर प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है, जिसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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