उमरियापान-सिहोरा मार्ग बदहाल, 20 किमी सड़क पर गड्ढों की भरमार

क्षतिग्रस्त पुलिया से बढ़ा खतरा, पीडब्ल्यूडी की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । उमरियापान से जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील को जोड़ने वाला करीब 20 किलोमीटर लंबा मार्ग इन दिनों बदहाली से जूझ रहा है । सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और क्षतिग्रस्त पुलिया वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं । चार जिलों के बीच आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मार्ग से प्रतिदिन भारी वाहनों सहित बड़ी संख्या में अन्य वाहन गुजरते हैं । इसके बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं होने से राहगीरों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है ।
*शिकायतें होती रहीं, सड़क सुधार का इंतजार बरकरार*
ढीमरखेड़ा जनपद अध्यक्ष सुनीता दुबे के पति संतोष दुबे ने बताया कि सड़क की बदहाली को लेकर पिछले दो वर्षों से संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया जा रहा है । इसके बावजूद अब तक अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है । उनका कहना है कि डामर की कीमत बढ़ने का हवाला देकर मरम्मत में देरी की बात कही जा रही है ।
लगातार शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी है । ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति को देखते हुए विभाग को जल्द मरम्मत की पहल करनी चाहिए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें ।
*गड्ढों के साथ क्षतिग्रस्त पुलिया बनी परेशानी*
उमरियापान-सिहोरा मार्ग पर सड़क के गड्ढों के साथ पुलिया की खराब स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है । बताया जा रहा है कि सड़क के एक हिस्से में मरम्मत की गई है, जबकि दूसरा हिस्सा अब भी बदहाल है । ऐसे में वाहन चालकों को गड्ढों से बचकर निकलना पड़ता है । इससे वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका के साथ आवागमन में भी परेशानी होती है । भारी वाहनों की आवाजाही के बीच पुलिया की स्थिति में सुधार और सड़क की समुचित मरम्मत आवश्यक मानी जा रही है ।
*एसडीएम ने लिखा पत्र, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह भी उठा चुके हैं सड़क का मुद्दा*
मार्ग की समस्या को लेकर ढीमरखेड़ा एसडीएम निधि गोहल ने भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर मरम्मत कराने के संबंध में ध्यान आकर्षित किया था । वहीं, बड़वारा विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों की खराब सड़कों का सर्वे कराकर उन्हें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कर चुके हैं । इसके बावजूद उमरियापान-सिहोरा मार्ग की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है ।
*ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और पीडब्ल्यूडी मंत्री से लगाई गुहार*
सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को सड़क और पुलिया की मरम्मत के लिए बजट की व्यवस्था कर काम शुरू कराने की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए ।
अब लोगों की निगाहें लोक निर्माण विभाग पर टिकी हैं । विभाग से यह स्पष्ट करने की अपेक्षा की जा रही है कि सड़क की मरम्मत कब शुरू होगी और कार्य पूरा करने की समयसीमा क्या रहेगी । क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द राहत पहुंचाएंगे, ताकि इस महत्वपूर्ण मार्ग पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके ।



