मध्य प्रदेश

जब्त ट्रैक्टर के दस्तावेजों और रेत के स्रोत की जांच की मांग

राजनीतिक प्रभाव में अवैध कारोबार के आरोप, पुराने परिवहन की भी जांच हो
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान ।  ढीमरखेड़ा तहसील के सिलौड़ी चौकी क्षेत्र में कथित अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है ।  सिलौड़ी चौकी प्रभारी अनिल पाण्डेय की कार्रवाई में सोनालिका ट्रैक्टर पकड़े जाने के बाद क्षेत्र में रेत कारोबार को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं ।  स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि संबंधित ट्रैक्टर का इस्तेमाल लंबे समय से रेत परिवहन के लिए किया जा रहा था ।  ऐसे में अब जब्त वाहन के मालिकाना हक, दस्तावेजों और उसके पूर्व उपयोग की जांच की मांग उठने लगी है ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले की जांच केवल जब्त ट्रैक्टर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि रेत के स्रोत और उसके परिवहन से जुड़े पूरे मामले की पड़ताल की जानी चाहिए ।  रेत कहां से लाई जा रही थी, किन मार्गों से उसका परिवहन होता था और इसके लिए वैध अनुमति एवं आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध थे या नहीं, इन बिंदुओं की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है ।
*राजनीतिक रसूख की आड़ में कारोबार के आरोप*
क्षेत्र में यह आरोप भी सामने आ रहे हैं कि राजनीतिक प्रभाव और नेतागिरी की आड़ में कथित रूप से रेत का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है ।  ऐसे में संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और आरोपों की सत्यता का पता निष्पक्ष जांच के बाद ही चल सकेगा ।  यदि जांच में अवैध उत्खनन या परिवहन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए ।
*खनिज और राजस्व विभाग की जांच भी जरूरी*
रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पुलिस के साथ खनिज और राजस्व विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण है ।  केवल वाहन जब्त करने के बजाय रेत के संभावित स्रोत, उत्खनन स्थलों, परिवहन मार्गों और संबंधित दस्तावेजों की जांच किए जाने की आवश्यकता है ।
स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए और यह स्पष्ट करे कि संबंधित ट्रैक्टर के पास रेत परिवहन की वैध अनुमति थी या नहीं ।  साथ ही, यदि पूर्व में भी इसी वाहन का उपयोग नियमों के विरुद्ध किया गया है, तो उसकी भी जांच की जाए ।  अब देखना होगा कि संबंधित विभाग मामले में आगे क्या कार्रवाई करते हैं ।

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