खेत बचाओ अभियान में किसानों को मिला आधुनिक खेती का संदेश, 500 किसानों को वितरित किए मसूर बीज मिनीकिट

प्रतापगढ़ में आयोजित कृषक संगोष्ठी में नरवाई नहीं जलाने और मिट्टी की सेहत सुरक्षित रखने की दी गई सलाह दलहन की खेती को प्रोत्साहित करने पर जोर
सिलवानी। खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने के साथ खेतों की मिट्टी को बंजर होने से बचाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत प्रतापगढ़ में बुधवार को खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को खेती में वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने, फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जागरूक किया। इस दौरान दलहन आत्मनिर्भरता योजना के तहत 500 किसानों को निःशुल्क मसूर बीज मिनीकिट भी वितरित किए गए। कलेक्टर रोहित सिसोनिया के आदेश एवं उपसंचालक कृषि रायसेन के निर्देशन में आयोजित संगोष्ठी में अधिकारियों ने किसानों को बताया कि खेतों में फसल कटाई के बाद नरवाई जलाना जमीन की सेहत के लिए नुकसानदायक है। आग लगाने से मिट्टी के उपयोगी सूक्ष्म जीव और मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। किसानों को नरवाई जलाने के बजाय फसल अवशेषों को खेत में ही सड़ाकर जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने की सलाह दी गई। संगोष्ठी में उर्वरकों के अंधाधुंध इस्तेमाल को लेकर भी किसानों को सचेत किया गया। कृषि अधिकारियों ने कहा कि मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही यूरिया, डीएपी एवं अन्य उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए। संतुलित पोषण और जैविक खाद के इस्तेमाल से न केवल भूमि की गुणवत्ता बेहतर रहती है, बल्कि खेती की लागत कम करने में भी मदद मिलती है।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य किसानों को दलहन उत्पादन से जोड़ना भी रहा। इसी क्रम में 500 किसानों को मसूर बीज मिनीकिट प्रदान किए गए, ताकि किसान मसूर की खेती के लिए प्रोत्साहित हों और क्षेत्र में दलहन का उत्पादन बढ़ाया जा सके।
इस अवसर पर कृषि स्थाई समिति अध्यक्ष विनोद शाह, जनपद सदस्य बंशीलाल, महेश ककोड़िया, मेहरबान सिंह, मंडल उपाध्यक्ष घनश्याम राठौर, गोविंद राठौर, भारतीय मजदूर किसान संघ प्रतापगढ़ के अध्यक्ष रजनीश शर्मा, सरदार राजपूत एवं कमलेश उईके सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कृषि विभाग की ओर से वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सुनील मालवीय, फार्म अधीक्षक रघुवीर सिंह कुशवाह, उद्यानिकी विभाग के एसएचडीओ मनोज साहू, एईओ ललित किरार एवं कृष्णराज दांगी मौजूद रहे। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे परंपरागत खेती के साथ वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएं और मिट्टी, पर्यावरण तथा प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए खेती को अधिक लाभकारी बनाएं।



