आत्मा योजनांतर्गत खेत बचाओ अभियान का आयोजन

किसानों को प्राकृतिक खेती का दिया प्रशिक्षण, हुआ पौधारोपण
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । .कृषि विभाग द्वारा संचालित आत्मा
योजनांतर्गत विकासखंड सिहोरा के पौराणिक गो सेवालय मे स्थापित जैव इनपुट संसाधन केंद्र (BRC) में खेत बचाओ अभियान का आयोजन परियोजना संचालक जबलपुर डॉ. इंदिरा त्रिपाठी के संयोजन में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती से हटाकर कम लागत वाली प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करना था कार्यक्रम मे बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसानों ने भाग लिया ।
*लाइव डेमो से सिखाया घनजीवामृत बनाना*
प्रशिक्षण के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को तीन नीले ड्रमों में रखे बीजामृत, जीवामृत और दशपर्णी अर्क के उपयोग और बनाने की विधि के बारे में विस्तार से बताया
मौके पर ही गोबर के ढेर पर जीवामृत डालकर घनजीवामृत बनाने का जीवंत प्रदर्शन किया गया ।
परियोजना संचालक डॉ. इंदिरा त्रिपाठी ने बताया की 2026 में कम वर्षा की चेतावनी को देखते हुए यह जैविक विधि सबसे कारगर है घनजीवामृत से मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ती है जिससे कम पानी में भी फसल सुरक्षित रहती है साथ ही मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है जड़ों का विकास होता है और रोग-कीटों से बचाव होता है इसे 6 महीने तक स्टोर भी किया जा सकता है और लागत भी बहुत कम आती है ।
इस अवसर पर आत्मा परियोजना अधिकारी डॉ इंदिरा त्रिपाठी ,बीटीएम साहब पटैल, साक्षी ओझा BRC, संचालक हेमचंद असाटी, गोशाला संचालक आशु त्रिपाठी, सत्यम शुक्ला, विकास यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसान उपस्थित रहे सभी किसानों ने प्राकृतिक खेती अपनाने का संकल्प लिया ।
साथ ही गौशाला प्रांगण में फलदार पौधे का रोपण भी किया गया ।



