ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग शनिवार, 13 मई 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 13 मई 2023

शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
🌌 दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्येष्ठ मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – कृष्ण पक्ष अष्टमी 06:50 AM तक उसके बाद नवमी 04:42 AM, May 14 तक
✏️ तिथि स्वामी – नवमी उग्र अर्थात आक्रामकता देने वाली मां दुर्गा जी है।
💫 नक्षत्र- धनिष्ठा 11:35 AM तक उसके बाद शतभिषा
🪐 नक्षत्र स्वामी – धनिष्ठा नक्षत्र का स्वामी मंगल हैं और देवता वसु हैं।
🔊 योग- ब्रह्म योग 09:22 AM तक, उसके बाद इन्द्र योग
प्रथम करण : कौलव – 06:50 ए एम तक
द्वितीय करण – तैतिल – 05:45 पी एम तक गर – 04:42 ए एम, मई 14 तक
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक। राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:25:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:35:00 P.M
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:08 ए एम से 04:50 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:29 ए एम से 05:32 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:45 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:33 पी एम से 03:27 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:02 पी एम से 07:23 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:03 पी एम से 08:06 पी एम
💧 अमृत काल : 03:28 ए एम, मई 14 से 04:58 ए एम, मई 14
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:56 पी एम से 12:38 ए एम, मई 14
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में सौंफ़ चढाएं।
🌴 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – पारसी दये मासारंभ/ विश्व प्रवासी पक्षी दिवस, संतश्री दादूदयाल पुण्यतिथि, फखरुद्दीन अली अहमद जन्म दिवस, राष्ट्रीय शालीनता दिवस, मथुरा प्रसाद मिश्र वैद्य – स्वतंत्रता सेनानी जन्म दिवस, आध्यात्मिक गुरु बाबा हरदेव सिंह स्मृति दिवस, सीता माता प्राकट्य दिवस, राष्ट्रीय एकता दिवस, अंतर्राष्ट्रीय हम्मस दिवस, निष्पक्ष व्यापार दिवस, राष्ट्रीय सेब पाई दिवस, राष्ट्रीय क्राउटन दिवस, माँ दिवस (मदर्स डे ), पंचक जारी
✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🏘️ Vastu Tips 🛕
वास्तु शास्त्र का हमारे जीवन में अहम योगदान है। अगर हम वास्तु के नियमों का पालन करें तो हमारी बहुत सी समस्याओं का समाधान हो सकता है। ऐसे ही वास्तु शास्त्र में सोने को लेकर भी कई बातें लिखी गई हैं। हम ऐसे ही किसी भी दिशा में सिर रखकर नहीं सो सकते हैं। गलत दिशा में सिर रखने से हमारी सेहत प्रभावित हो सकती है। तो चलिए आज वास्तु शास्त्र में आचार्य श्री गोपी राम से जानते हैं कि कौनसी दिशा में सिर रखकर सोना अच्छा और बुरा होता है।
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे पूर्व और पश्चिम दिशा में सिर करके सोने के बारे में। वास्तु के अनुसार, पूर्व दिशा में सिर करके सोना अच्छा रहता है, जबकि पश्चिम दिशा में सिर करके कभी नहीं सोना चाहिए।
वास्तु के मुताबिक, पूर्व दिशा में सिर यानि पश्चिम दिशा में पैर करके सोना स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा होता है। दरअसल, सूरज पूर्व दिशा की ओर से निकलता है और उसकी सबसे पहली किरण पूर्व दिशा में ही देखने को मिलती है इसीलिए इस दिशा में सिर करके सोने से सुबह की पहली किरण आपके सिर पर ही आती है। परिणामस्वरुप, आपके अंदर नई ऊर्जा का संचार होता है, जबकि इस दिशा में पैर करके सोने से आपके मस्तिष्क तक उचित ऊर्जा नहीं पहुंच पाती है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
वेट लॉस के लिए सत्तू कैसे बनाएं-वेट लॉस के लिए आपको सत्तू बनाने के सही तरीके के बारे में जानना चाहिए। पहले तो आपको 1 गिलास पानी में 2 बड़ा चम्मच सत्तू मिलाना है और फिर इसमें नमक और नींबू मिलाएं। इसके ऊपर से थोड़ासा जीरा पाउडर और काला नमक मिलाएं औरफिर इसका सेवन करें। ये तेजी से वेट लॉस में मददगार है।
वेट लॉस में सत्तू पीने के फायदे-वेट लॉस में सत्तू पीने के फायदे कई हैं। पहले तो ये पेट का मेटाबोलिक रेट बढ़ाता है और नसों में चिपके फैट के कणों को सफाया करता है। इसके अलावा सत्तू आपके बॉवेल मूवमेंट को साफ करता है और तेजी से पेट साफ करने में भी मददगार है। इसके अलावा ये एक डिटॉक्स ड्रिंक की तरह भी काम करता है और पेट साफ करने में मददगार है।
💉 आरोग्य संजीवनी 💊
गुलाब के फूलों का स्क्रब-गुलाब के फूलों से बना स्क्रब, स्किन के लिए कई प्रकार से काम कर सकता है। पहले तो ये स्किन को अंदर से साफ करता है और फिर ये डेड सेल्स का सफाया करते हुए इसमें ब्लड सर्कुलेशन को सही करता है। इसके अलावा गुलाब एंटीबैक्टीरियल है जो कि स्किन के लिए फायदेमंद है। तो, गुलाब की पंखुड़ियों को तोड़कर इसमें थोड़ा सा एलोवेरा जेल मिलाकर पीस लें। ऊपर से 1 चम्मच ओट्स मिलाएं और अपने चेहरे पर लगाएं।
अमरूद का स्क्रब-अमरूद का स्क्रब डेड सेल्स को साफ करने के साथ स्किन की कई समस्याओं को दूर कर सकता है। इसके अलावा अमरूद की पत्तियां और इसका फल दोनों ही एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। तो 1 अमरूद लें और 4 अमरूद के पत्ते। दोनों को पीस लें और इसे अपने चेहरे पर लगाएं। हल्के हाथों से स्क्रब करें और 20 मिनट रख कर ठंडे पानी से अपना चेहरा धो लें।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
धन को लेकर आचार्य श्री गोपी राम बहुत कुछ कहते हैं और यह भी सही है कि धन ही सबकुछ नहीं होता लेकिन धन से ही सबकुछ पाया जा सकता है।
धन आदमी के जीवन में बहुत महत्व रखता है। हम कहते हैं कि धन से आपके जीवन की लगभग 70 प्रतिशत समस्याएं स्वत: ही समाप्त हो जाती है। यह अलग बात है कि आप धन के बल पर समस्याएं खड़ी करने में लग जाएं।
आइए जानते हैं कि आचार्य श्री गोपी राम धन के संबंध में क्या कहते हैं, पढ़ें खास बातें-
जरूरतमंदों की मदद करें- इसलिए हम कहते हैं कि यदि आप सामर्थ्यवान है तो जरूरतमंद, असहाय तथा गरीब लोगों की मदद करने के लिए हमेशा अपना हाथ बढ़ाए, अपने पैसे खर्च करके उनकी सहायता करें और इस समय कंजूसी बिलकुल ना करें।
शिक्षा और स्वास्थ्य-शास्त्र के अनुसार यदि आप अपने धन का सदुपयोग करना चाहते हैं तो जरूरतमंदों की मदद केवल पैसे देकर ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षण सामग्री और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं में भी आप धनराशि देकर उनकी सहायता कर सकते हैं। इससे आपको लोगों की दुआएं भी मिलेंगी और आप आर्थिक स्थिति से मजबूती भी पाएंगे।
समाज सेवा- आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार हर व्यक्ति को सामाजिक कार्य के लिए धन खर्च करना चाहिए। यह बात ध्यान रखें कि समाज का कल्याण यानी देश का कल्याण है। अत: सामाजिक भलाई के कार्य करते समय धन खर्च करने में कंजूसी ना करें और जहां तक हो सके स्कूल, हॉस्पिटल तथा सामुदायिक भवन और अन्य जरूरी कार्यों में धन देते समय बिलकुल भी संकोच न करें।
धार्मिक कार्य- आजकल भागदौड़ भरे समय में लोग धर्म-कर्म के लिए अधिक समय नहीं निकाल पाते हैं। ऐसे समय में आपको धार्मिक कार्यों में दिल खोलकर धन खर्च करना चाहिए, इतना ही नहीं धर्म कार्यों में रुपए खर्च करते समय पीछे नहीं हटना चाहिए। वे कहते हैं कि अपनी कमाई तथा बजट के अनुसार धर्म-कर्म, मंदिर, तीर्थ स्थल पर दान तथा पुण्य कार्यों में धन जरूर खर्च करें।
धन का उपयोग- हमारी नीति के अनुसार कमाया धन तभी काम आता है, जब आप उसका सही उपयोग करें, यानी उपरोक्त रीति से आप धन खर्च करके यश व कीर्ति प्राप्त कर सकते हैं, इतना ही नहीं इन स्थानों पर धन का दान करने से आपके घर में कभी दरिद्रता भी नहीं आती है।
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।
नवमी तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति भाग्यशाली एवं धर्मात्मा होता है। इस तिथि का जातक धर्मशास्त्रों का अध्ययन कर शास्त्रों में विद्वता हासिल करता है। ये ईश्वर में पूर्ण भक्ति एवं श्रद्धा रखते हैं। धनी स्त्रियों से इनकी संगत रहती है तथा इसके पुत्र गुणवान होते हैं।

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