Aaj ka Panchang आज का पंचांग बुधवार, 01 मार्च 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 01 मार्च 2023
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर बसन्त ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – नवमी 06:17 AM बजे तक उपरान्त दशमी तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी – दशमी तिथि के देवता हैं यमराज। इस तिथि में यम की पूजा करने से नरक और मृत्यु का भय नहीं रहता है।
💫 नक्षत्र – मृगशिरा 11:42 AM तक उपरान्त आर्द्रा नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी – मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल ग्रह है।इसके देवता सोम और नक्षत्र स्वामी मंगल है।
🔔 योग – प्रीति 18:46 PM तक उपरान्त आयुष्मान योग है।
⚡ प्रथम करण : तैतिल – 05:26 पी एम तक
✨ द्वितीय करण – गर – 06:39 ए एम, मार्च 02 तक
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो, यात्रा करनी ही हो तो धनिया, तिल की वस्तु, ईलायची अथवा पिस्ता खाकर यात्रा कर सकते है।
🔥 गुलिक काल : बुधवार का (अशुभ) काल 11:07 ए एम से 12:34 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 12:00 बजे से 13:30 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:15:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:45:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:07 ए एम से 05:57 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:32 ए एम से 06:47 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 02:29 पी एम से 03:16 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:18 पी एम से 06:43 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:21 पी एम से 07:35 पी एम
💧 अमृत काल : 01:32 ए एम, मार्च 02 से 03:19 ए एम, मार्च 02
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:08 ए एम, मार्च 02 से 12:58 ए एम, मार्च 02
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 06:47 ए एम से 09:52 ए एम
❄️ रवि योग : पूरे दिन
💥 प्रीति योग – आज शाम 5 बजकर 2 मिनट तक
☄️ मृगशिरा नक्षत्र-आज सुबह 9 बजकर 52 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को धर्मशास्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व व त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/ फाल्गुन दशमी (उड़ीसा), मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी जन्मोत्सव, अर्थशास्त्री पृथ्वी नाथ धर जन्म दिवस, प्रसिद्ध कवि सोहन लाल द्विवेदी स्मृति दिवस, लेखक तारक मेहता जी पुण्यतिथि, भारत के स्वतंत्रता सेनानी) जयरामदास दौलतराम शहिद दिवस, जशवंत सिंह जन्म दिवस, राष्ट्रीय घोड़ा संरक्षण दिवस, विश्व प्रशंसा दिवस
✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल अर्थात् कोहड़ा एवं कद्दू खाना अथवा दान देना भी वर्जित बताया गया है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि शुक्ल पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
*घर में इस वृक्ष का उगना होता है अशुभ वैसे तो पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है क्योंकी पीपल के पेड़ में देवताओं का वास होता है लेकिन पीपल के पेड़ का घर में होना वास्तु शास्त्र के अनुसार उचित नहीं माना जाता है। इसलिए पीपल के पेड़ को घर में नहीं उगने देना चाहिए और उग आये तो उसे हटा देना चाहिए।
*करें ये उपाय*
पीपल का पेड़ घर के में होने से परिवार के लोग तरक्की नहीं कर पाते और इसके होने से रोज नयी समस्याओं का जन्म होता है। पीपल के पेड़ को काटना नहीं चाहिए ऐसा करना अशुभ माना जाता है, अगर किसी विशेष परिस्थिति में कटना पड़े तो उसकी पूजा करके रविवार को ही काटना चाहिए और किसी दिन नहीं काटना चाहिए ।
पीपल के पेड़ की पूजा करने के हैं बहुत लाभ वास्तु शास्त्र में पीपल के पेड़ की पूजा करने के कई लाभ बताए गए हैं। शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करने से शनिदेव खुश होते हैं और शनि दोष दूर होता है। साथ ही तमाम दुखों से छुटकारा मिलता है।
▶️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
बीमारी क्या खबर देती हैं ?
जो भी बिमारी आती है वह खबर देती है कि तुम खान-पान में संयम करो | पेट बाहर है तो हफ्ते में एकाध उपवास करो अथवा 15 दिन में एकादशी का व्रत रखो | कुछ नही खाओ, केवल नीबूं पानी अथवा गुनगुना पानी पियो | लड़्घनं परमौषधम |…..अर्धरोगहरि निद्रा सर्वरोगहरि क्षुधा | उपवास और आराम बीमारियों को खा जायेगा | व्यक्ति दवाई से इतना जल्दी ठीक नहीं होता जितना उपवास से ठीक होता है |
उपवास में कमजोरी लगे तो 15 से 25 ग्राम किशमिश धो के खा लो, बस हो गया | सारी बीमारी निकल जाती है | द्राक्ष, किशमिश लोग ऐसे ही खा लेते है | इन पर जंतुनाशक दवा डालते हैं, जो कि जहरी, हानिकारक होती है | इन्हें 6-8 बार अच्छी तरह धोकर ही खाना चाहिए | कभी गोमूत्र (या गोमूत्र अर्क) की कुछ बूँदे पानी में डाल के उससे भी धो सकते हैं |
प्राणायाम करो, सूर्यनारायण को अर्ध्य दो और नाभि पर सूर्यनारायण का ध्यान करो | इससे आरोग्य प्राप्त होता है |
🧉 आरोग्य संजीवनी🍶
नींद में खर्राटे आयें तो सावधान !
40 प्रतिशत लोगों को खर्राटे थकान के कारण आते हैं और 60 प्रतिशत लोगों को जो खर्राटे आते हैं वे संकेत देते हैं कि शरीर में रोग जमा हो रहा है | इसका जल्दी इलाज करो, नहीं तो ह्रदयघात उच्च रक्तचाप, निम्न रक्तचाप (low B.P.) की समस्या पैदा हो सकती है | किसी भी थोड़ी-सी बीमारी में ज्यादा धक्का लग सकता है |
खर्राटे आते हैं तो उनको नियंत्रित करने का उपाय बताता हूँ | 5 ग्राम गुड़, 10 मि.ली. अदरक का रस व संतकृपा चूर्ण मिला के थोडा-थोडा लो | खर्राटे बंद हो जायेंगे, कफ और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित हो जायेगा | 21 दिन करो | फिर 5-10 दिन छोडो, फिर करो | नाड़ियाँ साफ़ हो जायेंगी | केला, फलों का र्स, मिठाई- इनका सेवन नहीं करना |
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
शास्त्र नीति में पैसा, सेहत, बिजनेस, दांपत्य जीवन, समाज और जीवन में सफलता, सुख और दुख से जुड़ी चीजों के बारे में जानकारी दी गई है. अगर कोई भी व्यक्ति इन बातों को अपने जीवन में अपना ले, तो वह सफतला के नए मुकाम हासिल कर सकता है.
शास्त्र के अनुसार हर किसी का जन्म किसी न किसी खास उद्देश्य से होता है, इसलिए हर किसी को अपने जीवन में कुछ ऐसे काम जरूर करने चाहिए जिससे वो मरने के बाद भी लोगों के बीच याद किया जाए. आचार्य श्री गोपी राम ने श्लोक के माध्यम से मनुष्य जीवन के 4 लक्ष्य के बारे में बताया है. इन्हें पूरा नहीं कर पाने वालों का जीवन व्यर्थ है.
धर्मार्थकाममोक्षेषु यस्यैकोऽपि न विद्यते ।
जन्मजन्मनि मत्येष मरणं तस्य केवलम् ।।
धर्म इस श्लोक के माध्यम से आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने जीवन में धर्म का पालन करता है और धर्म-कर्म के कार्यों को करता है उसका जीवन सफल हो जाता है.
अर्थ अर्थात धन मनुष्य जीवन की सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए धन बेहद जरूरी है. बिना धन के किसी भी जरूरत को पूरा नहीं किया जा सकता.इसलिए धरती पर जन्म लेने वाले हर इंसान के लिए धन कमाना आवश्यक है.
काम आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार हर व्यक्ति को काम इच्छा की पूर्ति करनी चाहिए. शादी करके संतान पैदा करने चाहिए. बिना परिवार और संतान के मनुष्य का जीवन व्यर्थ है
मोक्ष शास्त्र अनुसार मनुष्य के जीवन में सबसे ज्यादा जरूरी कर्म होता है, उसे कर्म करते हुए मोक्ष की प्राप्ति करनी चाहिए
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।
नवमी तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति भाग्यशाली एवं धर्मात्मा होता है। इस तिथि का जातक धर्मशास्त्रों का अध्ययन कर शास्त्रों में विद्वता हासिल करता है। ये ईश्वर में पूर्ण भक्ति एवं श्रद्धा रखते हैं। धनी स्त्रियों से इनकी संगत रहती है तथा इसके पुत्र गुणवान होते हैं।

