ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग बुधवार, 03 जनवरी 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 03 जनवरी 2024

03 जनवरी 2024 दिन बुधवार को पौष मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। आज सर्वार्थसिद्धियोग एवं रवियोग भी है। आज बुधवार की भद्रा होने के वजह से सिद्धयोग का भी निर्माण हो रहा है। आज के विषय में कुछ तथाकथित लोगों द्वारा बुधाष्टमी होने और तरह-तरह के टोटका करने को यूटुब पर खूब बताया जा रहा है। ऐसे गलत लोगों से बचें ऐसा कुछ भी नहीं है। हाँ आज बुधवार की भद्रा होने के वजह से सिद्धयोग का जो निर्माण हो रहा है, यह उत्तम योग है। इसमें भी आप मंदिर जायें और भगवान शिव का पूजन करें एवं अपने इष्ट देवता का पूजन और नाम मन्त्र का जप करें।।
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशर ऋतु
⛈️ मास – पौष मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – बुधवार पौष माह कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि 07:48 PM तक उपरांत अष्टमी
📝 तिथि स्वामी : सप्तमी तिथि के देवता हैं चित्रभानु। सप्तमी तिथि को चित्रभानु नाम वाले भगवान सूर्यनारायण का पूजन करने से सभी प्रकार से रक्षा होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 02:46 PM तक उपरांत हस्त
🪐 नक्षत्र स्वामी : उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी सूर्य है। तथा उत्तराफाल्गुनी के देवता अर्यमा होते हैं।
🔊 योग – शोभन योग 06:20 AM तक, उसके बाद अतिगण्ड योग
प्रथम करण : बव – 07:48 पी एम तक
द्वितीय करण : बालव – पूर्ण रात्रि तक
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:46:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:14:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:25 ए एम से 06:20 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:52 ए एम से 07:14 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
✡️ विजय मुहूर्त : 02:09 पी एम से 02:51 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:34 पी एम से 06:01 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:37 पी एम से 06:58 पी एम
सर्वार्थ सिद्धि योग : 02:46 पी एम से 07:15 ए एम, जनवरी 04
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:58 पी एम से 12:53 ए एम, जनवरी 04
❄️ रवि योग : 07:14 ए एम से 02:46 पी एम
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में लाल ध्वजा चढाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/त्रिपुष्कर योग, सावित्रीबाई फुले जयन्ती, राष्ट्रीय ड्रिंकिंग स्ट्रॉ दिवस, शाकम्भरी जयंती, जानकी बल्लभ पटनायक जन्म दिवस, बॉलीवुड अभिनेता संजय खान जन्म दिवस, भारतीय पार्श्वगायक नरेश अय्यर जन्म दिवस, कार्यकर्ता यशवंत दींकर फडके जयन्ती, मूल कर्तव्य दिवस, महिला मुक्ति दिवस, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह
✍🏼 विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
Vastu tips 🏚️
गिजर को घर के आग्नेय कोण पर होना चाहिए। नहाने के लिए उपयोग में आने वाला बाथ टब भी आप उत्तर या ईशान कोण में रख सकते हैं। साथ ही घर से पानी के निकासी की व्यवस्था उत्तर दिशा में करवानी चाहिए। इन सब के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण बात का ध्यान रखना चाहिए कि पानी के नल और शावर को उपयोग करने के बाद सही ढंग से बंद कर देना चाहिए। क्योंकि अगर इससे पानी टपकता है तो घर में धन संबंधी दिक्कतें आती हैं और कई तरह के नुकसान होते हैं।
कई बार ऐसा देखा जाता है कि घर में लगे नल को साफ करते समय वह अपनी जगह से हिल जाते हैं और फिर नल में से पानी टपकने लग जाता है। हालांकि नल से पानी टपकने के और भी कई कारण हो सकते हैं। कई बार ऐसा होता है कि नल के अंदर पानी या फिर कुछ समान जमा हो जाता है जिसके चलते नल ब्लॉक हो जाता है और लीक करने लग जाता है। वास्तु के अनुसार, नल से पानी टपकना होता है अशुभ माना जाता है।
⏺️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
लहसुन में हो सकता है केमिकल रिएक्शन
छिले लहसुन में केमिकल रिएक्शन का खतरा ज्यादा होता है। दरअसल, लहसुन में सल्फर होता है जो कि हवा और नमी के कॉन्टेक्ट में आने से रिएक्शन का कारण बन सकता है। इससे केमिकल रिएक्शन हो सकता है और फिर यही कई समस्याओं को पैदा कर सकता है। ये ऑक्सीडेशन रिएक्शन करके आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है और पेट में दर्द और ऐंठन का कारण बन सकता है। साथ ही लिवर से जुड़ी बीमारी हो सकती है।
लहसुन से इंफेक्शन हो सकता है छिले हुए लहसुन से फूड इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है। क्योंकि ऐसे लहसुन में फफूंद होने का खतरा ज्यादा रहता है जो कि फूड इंफेक्शन और फूड प्वाइजनिंग का कारण बन सकता है। इससे पेट में दर्द होता है और फिर दस्त का खतरा भी बढ़ता है। साथ ही ये लिवर के काम काज को भी प्रभावित करता है और लिवर सेल्स को नुकसान पहुंचा सकता है।
🧉 आरोग्य संजीवनी 🍶
चेहरे पर देसी घी लगाने के फायदे ड्राई स्किन में कारगर सर्दियों में ड्राई स्किन की समस्या तेजी से बढ़ती है और इसका असर आप व्यापकरूप से देख सकते हैं। होता ये है कि ठंड चेहरे से नमी को छीन लेती है और फिर स्किन को अंदर से ड्राई कर देती है। ऐसे में ओमेगा-3 से भरपूर देसी घी का इस्तेमाल ड्राई स्किन की समस्या को दूर करने में मदद कर सकता है। ये स्किन को अंदर से हाइड्रेट करता है और नमी को चेहरे में लॉक करता है। इससे ड्राई स्किन की समस्या में कमी आती है।
खुश्की का इलाज सर्दियों में खुश्की की समस्या बहुत ज्यादा परेशान करती है। स्किन अंदर से फटने लगता है और ऊपर से स्किन की परतें नजर आने लगती हैं। ऐसे में देसी घी का इस्तेमाल चेहरे की खुश्की को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा ये विटामिन ई से भी भरपूर है जो कि आपकी स्किन में कोलेजन बूस्ट करने और इसके टैक्सचर को बेहतर बनाने में मददगार है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
ध्यान की उच्चतम अवस्था क्या है?सामान्यतः जीव अंधकार मंडल में रहता है। ध्यान के द्वारा जब चेतनधार का सिमटाव आज्ञाचक्र में होता है, तब प्रकाश मंडल में गमन होता है। इसे भगवान बुद्ध ने एकांगी समाधि कहा है।
उलटि समाना आप में, प्रगटी ज्योति अनंत। साहब सेवक एक संग खेलै सदा बसंत।। – संत कबीर साहब
ध्यान में और गहराई आने पर सुरत शब्द मंडल में पहुँती है। यहाँ आत्मा और परमात्मा की अनुभूति होती है, पर मिलन ( एकत्व) नहीं होता। यानी द्वैतभाव रहता है। इसे भगवान बुद्ध ने उभयांगी समाधि कहा है।
बिनु शबदै सब जग बौराना, बिरथा जनमु गँवाइया। अंम्रित एको शबदु है नानक गुरमुखि पीइया।। – गुरु नानक साहब
शब्द सनेही होय रहै, घर को पहुँचे सोय। – संत कबीर साहब
जब शब्द मंडल को पारकर सुरत निःशब्द परमपद (शब्दातीत पद या लामकान) में पहुँचती है, तब जीव और ब्रह्म का सदा के लिये मिलन हो जाता है। इसी अद्वैत अवस्था में ज्ञान होता है – अहम् ब्रह्मास्मि। इसे ही मोक्ष या निर्वाण कहते हैं। यही ध्यान और समाधि की सर्वोच्च अवस्था है, जिससे आवागमन ( जन्म-मरण) का चक्र छुट जाता है।
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⚜️ सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म सप्तमी तिथि में होता है, वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। इस तिथि में जन्म लेनेवाला जातक गुणवान और प्रतिभाशाली होता है। ये अपने मोहक व्यक्तित्व से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की योग्यता रखते हैं। इनके बच्चे भी गुणवान और योग्य होते हैं। धन धान्य के मामले में भी यह व्यक्ति काफी भाग्यशाली होते हैं। ये संतोषी स्वभाव के होते हैं और इन्हें जितना मिलता है उतने से ही संतुष्ट रहते हैं।

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