ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग बुधवार, 06 दिसम्बर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 06 दिसम्बर 2023

ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष दिन वार बुधवार नवमी तिथि 03:04 AM तक उपरांत दशमी
✏️ तिथि स्वामी – नवमी तिथि की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है ।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी 06:28 AM तक उपरांत हस्त
🪐 नक्षत्र स्वामी : उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी सूर्य है। उत्तराफाल्गुनी के देवता अर्यमा होते हैं। ये सूर्य के भाई हैं।
📣 योग – प्रीति योग 11:29 PM तक, उसके बाद आयुष्मान योग
प्रथम करण : तैतिल – 01:53 पी एम तक
द्वितीय करण : गर – 03:04 ए एम, दिसम्बर 07 तक
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:45:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:15:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:50 ए एम से 05:41 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:16 ए एम से 06:33 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
✡️ विजय मुहूर्त : 01:58 पी एम से 02:43 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:39 पी एम से 06:05 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:41 पी एम से 06:58 पी एम
💧 अमृत काल : 10:25 पी एम से 12:13 ए एम, दिसम्बर 07
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:42 पी एम से 12:33 ए एम, दिसम्बर 07
सर्वार्थ सिद्धि योग : 06:29 ए एम, दिसम्बर 07 से 06:33 ए एम, दिसम्बर 07
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को धर्मशास्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/ कानजी अनला नवमी (उड़ीसा ), होमगार्ड की स्थापना, संविधान निर्माता डॉ॰ भीमराव आंबेडकर स्मृति दिवस, महापरिनिर्वाण दिवस, नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस, गृह रक्षा दिवस, फिनलैंड स्वतंत्रता दिवस
✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बच्चों के स्टडी रूम में भी कुछ अच्छी तस्वीरें जरूर लगानी चाहिए। स्टडी रूम में बच्चों की पढ़ाई से रिलेटिड चार्टस, पॉजिटिव थॉट्स, सफल लोगों की तस्वीरें, उगते हुए सूरज की तस्वीर, दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर, पेड़-पौधों या चहचहाते पक्षियों की तस्वीर लगानी चाहिए।
वास्तु के मुताबिक, स्टडी रूम में किताबों की अलमारी और पढ़ाई करते वक्त बच्चे के बैठने की सही दिशा भी जरूरी है। किताबों की अलमारी को रखने के लिए स्टडी रूम में पश्चिम दिशा का चुनाव करना चाहिए। अगर पश्चिम दिशा में ज्यादा स्पेस न हो तो पश्चिम से दक्षिण की तरफ वाली दिवार के पास रख सकते हैं। इसके अलावा पढ़ाई करते समय बच्चे का मुंह पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। अगर पूर्व दिशा में व्यवस्था न हो तो आप उत्तर-पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके भी पढ़ सकते हैं। इससे बच्चे को चीजें आसानी से समझ में आती हैं।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
ये कैसे पता चल सकता है कि किसी पर काला जादू या कोई तंत्र क्रिया की गई है क्या इसकी कोई सरल विधि है? आसन में बैठ कर “ॐ नम शिवाय ॐ” का जप करें। अगर आप 15-20 मिनट तक जप कर ले तो सब सकारात्मक है और इसे आगे भी क्षमतानुसार कर सकते हैं।
जिस व्यक्ति पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव होगा (काला जादू या कोई तंत्र क्रिया) वह इस मंत्र जप को करेगा ही नहीं और करने की कोशिश भी करेगा तो 5 मिनट से ज्यादा नहीं बैठ पाएगा।
🍻 आरोग्य संजीवनी 🍶
त्रिकुट चूर्ण के फायदे इसके सेवन से पेट की गैस, अपच और आव की दिक्कत दूर हो जाती है। खांसी और कफ में यह आपको आराम देता है। दमा के मरीजों के लिए ये किसी रामबाण के जैसे काम करता है। इसके साथ यह बवासीर के मरीजों पर भी कारगर साबित होता है। यह आपकी पाचन शक्ति को बढ़ाता है और शरीर को गर्म रखने में मदद करता है। इसके साथ यह आपकी इम्यूनिटी भी बढ़ाता है। इससे आपको मौसमी संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। काढ़ा इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और संक्रमण से लड़ने में सहायक है। यह सर्दी, खांसी और गले की खराश को ठीक करता है।
ऐसे बनाएं त्रिकुट चूर्ण यह चूर्ण खरीदने के लिए आपको बाजार में जाने की जरूरत नहीं है। इसे आप घर पर भी आराम से बना सकते हैं। इसे बनाने के लिए सौंठ, पीपल और काली मिर्च की जरूरत पड़ेगी। इन तीनों चीजों को बराबर मात्रा में मिलाकर इसका चूरन बना लें। आप पीपल और काली मिर्च की मात्रा को थोड़ा कम भी रख सकते हैं। इस चूर्ण का सेवन शहद और पानी के साथ करें।
गिलोय का काढ़ा किसी भी तरह के बुखार में कारगर होता है गिलोय का काढ़ा। गिलोय के करीब एक फुट लंबे तने को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर इसमें नीम की पत्तियों के 5.7 डंठल, 8-10 तुलसी की पत्तियां और करीब 20 ग्राम काला गुड़ के साथ एक गिलास पानी में खौलाकर कर सेवन करें।
📗 गुरु भक्ति योग 🕯️
हिंदू धर्म में हर दिन का अपना एक विशेष धार्मिक महत्व होता है। इसी प्रकार आज मंगलवार के दिन का भी अपना एक अलग महत्व है। ज्यादातर आज के दिन लोग बजरंगबली की पूजा तो करते ही हैं साथ ही साथ यह दिन मंगल देव को भी समर्पित होता है। जी हां, यदि ज्योतिष शास्त्र की बात करें तो नव ग्रहों में मंगल ग्रह सेनापति हैं। इन्हें मंगल देव, भौम पुत्र, अंगारक आदि नामों से संबोधित किया जाता है। आइए आज हम आपको मंगल ग्रह के प्रकट होने की पौराणिक कथा बताने जा रहे हैं। जिसका सीधा संबंध भगवान शिव से है।
शिव के ललाट से गिरी बूंद से हुई मंगल ग्रह की उत्पत्ति स्कंद पुराण के अवंतिका खंड में यह वर्णन मिलता है कि एक बार अंधकासुर ने देव लोक में अपना अधिकार जमा लिया था। उसे शिव जी से वरदान प्राप्त होने के कारण कोई भी उसका वध नहीं कर पा रहा था। यहां तक की देवताओं के राजा इंद्र को भी उसने परेशान कर के रख दिया था। तब सारे देवता भगवान शिव के पास पहुंचे और उनसे आग्रह किया कि है भोलेनाथ इस दैत्य का कुछ करें नहीं तो सृष्टि में देवताओं का अधिकार नहीं बचेगा। तब भगवान शिव ने सभी देवताओं को आश्वासन दिया कि आप सभी निश्चिंत रहें। भगवान शिव ने फिर अंधकासुर से युद्ध लड़ा, यह युद्ध बड़ा भयानक चला। युद्ध के तेज से इस दौरान भगवान शिव के ललाट से पसीने की बूंद धरती पर गिरी और वह बूंद जैसे ही धरती में समाई। उस धरती की कोख में से अंगार के समान लाल रंग वाले मंगल ग्रह की उत्पत्ति हुई। महादेव के ललाट से पसीने की बूंद जिस जगह गिरी थी वह महाकाल की नगरी उज्जैन है।
मंगल ग्रह दोष से मुक्ति पाने के लिए करते हैं लोग दर्शन पौराणिक कथा के अनुसार जिस जगह मंगल ग्रह प्रकट हुए वह स्थान उज्जैन है और उस जगह आज वर्तमान समय में मंगलनाथ मंदिर है। मान्यता है कि यहां मंगलेश्वर शिवलिंग ब्रह्मा जी द्वारा स्थापित है। ऐसा भी माना जाता है कि जो लोग मंगल दोष से पीड़ित हैं। वो एक बार भी यदि यहां आकर मंगलेश्वर शिवलिंग के दर्शन पूजन करते हैं। तो उन्हें मंगल दोष से शीघ्र मुक्ति मिल जाती है और मंगल दोष का प्रभाव भी खत्म हो जाता है।
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।

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