Aaj ka Panchang आज का पंचांग बुधवार, 08 नवम्बर 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 08 नवम्बर 2023
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – कार्तिक मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – कार्तिक मास कृष्ण पक्ष दशमी तिथि 08:23 AM तक उपरांत एकादशी
✏️ तिथी स्वामी : दशमी तिथि के देवता हैं यमराज। इस तिथि में यम की पूजा करने से नरक और मृत्यु का भय नहीं रहता है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 07:19 PM तक उपरांत उत्तर फाल्गुनी
🪐 नक्षत्र स्वामी : पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। तथा इसके देवता भग हैं।
📢 योग : इन्द्र योग 04:10 PM तक, उसके बाद वैधृति योग
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 08:23 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : बव – 09:34 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:31:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:29:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:37 ए एम से 05:27 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:02 ए एम से 06:17 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 01:54 पी एम से 02:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:42 पी एम से 06:07 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:42 पी एम से 06:58 पी एम
💧 अमृत काल : 12:09 पी एम से 01:56 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:35 पी एम से 12:25 ए एम, नवम्बर 09
🌍 पृथ्वी लोक की भद्रा – 8 नवंबर को सुबह 8 बजकर 28 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को कांस्य पात्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – 500 व 1000 रुपए के नोटबंदी दिवस, सिख धर्मगुरु हर राय स्मृति दिवस, प्रसिद्ध मुग़ल शासक जहाँगीर स्मृति दिवस, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी जयन्ती, पैरा निशानेबाज़ अवनि लखेरा जन्म दिवस, प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना सितारा देवी जन्म दिवस, वायु सेना प्रमुख सुब्रतो मुखर्जी स्मृति दिवस, विद्यापति स्मृति दिवस (मिथिलांचल), अंतरराष्ट्रीय रेडियोलॉजी दिवस
✍🏼 विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। एकादशी को चावल और दाल नहीं खाना चाहिए। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। पूर्णा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल व कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन और धर्म प्रदान करने वाली तिथि माना जाता है। इस तिथि में वाहन खरीदना एवं सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये अत्यंत शुभ माना जाता है।
🗺️ Vastu tips 🗽
अगर सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना पड़े तो क्या करें? मान लीजिए अगर आप बहुत दिनों के बाद घर में शाम के समय आ रहे हैं और आपके पीछे से घर बंद था। जिसकी वजह से पूरा घर में धूल-मिट्टी से पसरा हुआ है या आपके घर में कोई कार्यक्रम था, जिसके चलते आपके लिये घर में झाडू मारना आवश्यक हो गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार एक बात का ख्याल जरूर रखें। सूर्यास्त के बाद आप जब भी झाडू लगाएं तो उस कूड़े या मिट्टी को घर के बाहर न फेंके, कहीं एक जगह पर कूड़ेदान में ही रख दें और सुबह होने पर बाहर फेंक दें। माना जाता है कि शाम के समय मिट्टी घर के बाहर फेंकने से लक्ष्मी घर से बाहर चली जाती है और अलक्ष्मी घर में प्रवेश कर जाती है।
झाड़ू कब बदलना चाहिए? वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में पुरानी झाड़ू को बदलकर नई झाड़ू इस्तेमाल करने के लिये शनिवार के दिन का चुनाव करना चाहिए। शनिवार को नई झाड़ू का उपयोग करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके अलावा झाड़ू को सदैव कृष्ण पक्ष में खरीदना उचित रहता है, जबकि शुक्ल पक्ष में खरीदी गई झाड़ू दुर्भाग्य का सूचक होती है। इसलिए इस समय में झाड़ू कभी नहीं खरीदनी चाहिए।
⏺️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
आइए आपको बताते हैं कि इसे कैसे इस्तेमाल करना है और इसके क्या फायदे हैं।
बादाम का तेल लगाने के फायदे- काले घेरे- तनाव और नींद की कमी के कारण काले घेरे होना आम बात है। आंखों के नीचे काले घेरे हटाने के लिए ठंडा बादाम का तेल लगाना चाहिए। रोजाना आंखों के नीचे हल्के हाथों से मसाज करें। कुछ ही हफ्तों में आपको फर्क नजर आने लगेगा.
झुर्रियाँ- बादाम का तेल विटामिन ई से भरपूर होता है और इसलिए इसे त्वचा से झुर्रियाँ हटाने में भी कारगर माना जाता है। रात को सोने से पहले चेहरे पर बादाम के तेल से मालिश करें और अगर आपकी त्वचा तैलीय नहीं है तो इसे रात भर लगा रहने दें, अन्यथा आधे घंटे बाद धो लें और क्रीम लगाकर सो जाएं।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
पेरिफेरल धमनी रोग- पेरिफेरल धमनी रोग, धमनियों से जुड़ी एक बीमारी है जिसमें धमनियों के ब्लॉकेज की वजह से जांघ की मांसपेशियों में दर्द महसूस होता है। तो, अगर आपको बार-बार जांघ में दर्द हो रहा है तो इसके पीछे ये ब्लॉकेज की बीमारी हो सकती है।
बर्साइटिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें जाघों की मांसपेशियां घिस जाती हैं। ऐसी स्थिति में मांसपेशियों में लगातार खिंचाव रहता है। ये स्थिति तब ज्यादा होती है जब आप लगातार बैठे रहते हैं या फिर खड़े रहते हैं। इससे इन मांसपेशियों पर दर्द बढ़ जाता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
दरिद्रता का निवास कहाँ होता है?
अलक्ष्मी के चौदह पुत्र हैं। इनके चौदहवें पुत्र का नाम दुःसह है। जन्म लेते ही यह भूख प्यास से पीड़ित, चीथड़े लपेटे, मुंह नीचे किए हुए और दुखी होकर पितामह ब्रह्मा जी के पास जाता है। अलक्ष्मी पुत्र दुःसह ब्रह्मा जी से कहता है कि मुझे निवास स्थान और भोजन दीजिए नहीं तो मैं पूरे विश्व का भक्षण कर जाऊंगा।
ब्रह्मा जी ने उसको मनुष्यों के घर में रहने की आज्ञा दी । निम्न जगहों पर दरिद्रता का निवास होता है –
जिस घर में सुबह शाम कलह और झगड़ा होता है।
जिस घर में अतिथियों, माता पिता दामाद का आदर सत्कार नहीं होता वहां दुःसह निवास करने लगता है।
जिस घर में परोसे गए अन्न की निंदा की जाती है वहां दरिद्रता वास करने लगती है।
टूटे फूटे बर्तन में खाने वाला, जिस भोजन पर कुत्ते की निगाह पड़ गई है उसे खाने वाला, आस पास बैठे लोगों से बिना पूंछे खाना शुरू करने वाला दरिद्रता का शिकार हो जाता है।
कच्चे या पके अन्न का अनादर करने वाला दुःसह को अपने पास आमंत्रित करता है। जिस घर में मुर्दा शरीर एक दिन से अधिक पड़ा रहता है वहां दुःसह के साथ अन्य राक्षस भी निवास करने लगते हैं।
जिस घर में स्त्रियां प्रसन्न नहीं रहतीं, जिन स्त्रियों की आवाज घर के बाहर तक जाती है वहां दुःसह रहने लगता है।
जिस घर के बाहर गाय, भैंस, घोड़ा, गधा बिना खाए पिए बंधे रहते हैं वहां दरिद्रता आती है।
जो धर्म परायण नहीं है, सदाचार का पालन नहीं करता, अपने नित्य कर्मों को करना छोड़ देता है वहां से लक्ष्मी चली जाती हैं और दरिद्रता आ जाती है।
❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖
⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना(प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।
दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेनेवाले जातक धर्म-अधर्म के बीच केअन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।

