Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 07 मार्च 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 07 मार्च 2023
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🔥 07 मार्च 2023 दिन मंगलवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष कि पूर्णिमा तिथि है। आज बंगाल में दोलोत्सव दोलयात्रा निकाली जाती है। आज ही चैतन्यमहाप्रभु जी की जन्म जयंती है। आज जैन लोगों का अष्टाह्निका व्रत समाप्ति दिवस है। आप सभी सनातनियों को पूर्णिमा, दोलोत्सव एवं चैतन्यमहाप्रभु जी के जन्म जयंती की हार्दिक शुभकामनायें।।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर बसन्त ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन माह
🌕 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – पूर्णिमा 17:40 PM बजे तक उपरान्त प्रतिपदा तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी – पूर्णिमा तिथि के देवता हैं चंद्रमा। इस तिथि में चंद्रदेव की पूजा करने से मनुष्य का सभी जगह आधिपत्य हो जाता है।
💫 नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी 26:02 PM तक उपरान्त उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के लिए ग्रह देवता या शासक ग्रह शुक्र है। तथा राशि स्वामी सूर्य जी है।
🔔 योग – धृति 21:08 PM तक उपरान्त शूल योग है।
⚡ प्रथम करण : बव – 06:09 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – पूर्ण रात्रि तक
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का (अशुभ) गुलिक काल 12:32 पी एम से 02:00 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:00 बजे से 16:30 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:11:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:49:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:02 ए एम से 05:51 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:27 ए एम से 06:40 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:09 पी एम से 12:56 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:30 पी एम से 03:17 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:22 पी एम से 06:47 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:24 पी एम से 07:38 पी एम
💧 अमृत काल : 07:22 पी एम से 09:07 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, मार्च 08 से 12:56 ए एम, मार्च 08
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में बूंदी के लड्डू चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – चैतन्य महाप्रभु जयंती, धूलिवंदन (धूलेडी), करिदिवस, दोलयात्रा (बंगाल), चैतन्य जयन्ती, पूरिम (ज्यू – यहूदी), होलाष्टक समाप्ति, भारतीय अभिनेता अनुपम खेर जन्मोत्सव, ग़ुलाम नबी आज़ाद जन्म दिवस, रामप्रसाद शर्मा ‘महर्षि’ जन्म दिवस, भारतीय गुरु परमहंस योगानन्द जी स्मृति दिवस, स्वतंत्रता सेनानी और वरिष्ठ नेता गोविंद बल्लभ पंत स्मृति दिवस, पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी नरीमन जमशेदजी जयंती, जन औषधि दिवस, पूर्णिमा समाप्ति शाम 06.09
✍🏼 विशेष – पूर्णिमा को घी एवं प्रतिपदा को कुष्मांड खाना एवं दान करना दोनों वर्जित बताया गया है। पूर्णिमा तिथि एक सौम्य और पुष्टिदा तिथि मानी जाती है। इसके देवता चन्द्रमा हैं तथा यह पूर्णा नाम से विख्यात है। यह शुक्ल पक्ष में ही होती है और पूर्ण शुभ फलदायी मानी गयी है।
🌷 Vastu tips 🌸
होली के वास्तु उपाय
रंगों को सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. होली के दिन आपको लाल, हरे, गुलाबी, पीले रंगों से घर के मुख्यद्वार पर रंगोली बनानी चाहिए. ऐसा करने से परिवार में खुशहाली आती है, मन प्रसन्न रहता है.
होलिका दहन से पहले स्नान वगैराह करके साफ कपड़ों को पहन लें. इसके बाद एक श्रीफल लें और अपने और परिवार के ऊपर से 7 बार घड़ी की सुई की दिशा में उतार लें. यदि किसी मेंबर को ज्यादा परेशानी है, तो अलग से श्रीफल उसके ऊपर से उतारें. इसके बाद अपने अभीष्ट देवता को मन में अपनी परेशानी बताते हुए उस श्रीफल को होलिका दहन की अग्नि में डाल दें. इसके बाद 7 बार होलिका की परिक्रमा कर लें और अपनी परेशानी दूर करने की प्रार्थना करें. इसके बाद भगवान को फल या मिष्ठान का भोग लगाकर खुद ग्रहण कर लें. बस, इस उपाय को करते टाइम इस बात का ध्यान रखें कि उपाय करने वाला व्यक्ति नशा और मांस वगैराह बिल्कुल भी ना खाएं.
यदि आपके ऊपर कर्ज है और मुक्ति का कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है तो होली के दिन नृसिंह स्तोत्र का पाठ करें और होलिका की अग्नि में नारियल अर्पित करें. मान्यता है कि इससे जल्दी ही कर्ज से मुक्ति प्राप्त होती है. भगवान विष्णु नें अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा हेतु नृसिंह अवतार धारण किया था.
घर में यदि कोई बीमार रहता है तो होलिका दहन की राख को बीमार व्यक्ति के शरीर पर छिड़क दें. इसके अलावा उसके बिस्तर पर भी छिड़कें, इससे काफी आराम होगा.
आप अपने करियर में सफलता, यश और कीर्ति पाना चाहते हैं, तो होली के अवसर पर घर या कार्यस्थल पर पूर्व दिशा में उगते हुए सूर्य की तस्वीर लगाएं. ऐसा करने से आपको लाभ होगा. आपका रुतबा बढ़ेगा.
व्यापार वृद्धि के लिए होली पर 21 गोमती चक्र शिवलिंग पर अर्पित करें और होली पर रात्रि के समय इस मंत्र का जाप करें.
“ॐ नमो धनदाय स्वाहा”
मान्यता है कि इससे धन और व्यापार में वृद्धि होती है.
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
नींबू शिकंजी, में सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है जो कि आपके शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद कर सकता है। साथ ही ये मूत्रवर्धक की तरह भी काम करता है जो कि शरीर में पानी की कमी को दूर करने वाला है।
खीरे का जूस, शरीर में पानी की कमी से लड़ सकता है। खीरे में 90 प्रतिशत पानी रहता है। साथ ही जब आप इसका जूस बना कर पीते हैं तो ये आपकी कोशिकाओं और सेल्स को हाइड्रेट करने का काम करता है। इसके साथ ही ये स्किन डिटॉक्स करने और हाइड्रेशन बढ़ाने में भी मददगार है। इसलिए, आपको अभी से खीरे का जूस पीना चाहिए।
बेल का जूस, शरीर की कई समस्याओं को दूर करने के साथ, इसे अंदर से हाइड्रेट करने में मददगार है। ये पेट के लिए ठंडा होता है जो कि शरीर में जा कर आंतों और लिवर को साफ करने के साथ इन्हें साफ रखने में मददगार है। इस तरह ये तीनों ही पानी की कमी में काफी असरदार है। तो, शरीर में पानी की कमी हो तो इन चीजों का सेवन करें।
🫀 आरोग्य संजीवनी 🫁
मल में झाग आना इन 3 गंभीर बीमारियों का है संकेत-
इरिटेबल बॉएल सिंड्रोम-IBS इरिटेबल बॉएल सिंड्रोम, बड़ी आंत से जुड़ी बीमारी है। यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक आम है। इसमें पेट मे ऐंठन और दर्द होता है। साथ ही दस्त या कब्ज, सूजन, गैस और थकान जैसी समस्याएं होती हैं। इसमें गोभी, कार्बोनेटेड पेय और बीन्स जैसी चीजों के कारण मल में झाग होता है।
पैंक्रियाटाइटिस पैंक्रियाज से जुड़ी बीमारी है जो कि पाचन तंत्र का हिस्सा है। इसकी भूमिका भोजन को पचाने वाले एंजाइमों को छोड़ना और आपके शरीर के ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करना है। ऐसे में खाना जब सही से नहीं पचता है तो ये मल में प्रोटीन और फैट को लीक कर देगा और इससे मल में झाग आ सकता है।
सिस्टिक फाइब्रोसिस- सिस्टिक फाइब्रोसिस, एक गंभीर डिसऑर्डर है जो उन कोशिकाओं को बुरी तरह से प्रभावित करता है जो डाइजेस्टिव जूस, पसीना और बलगम पैदा करती हैं। इस डिसऑर्डर की वजह से मल में झाग आ सकता है। ऐसे में इन बीमारियों का ध्यान रखते हुए अपने डॉक्टर को दिखाएं और जल्दी से इन बीमारियों का इलाज करवाएं। ताकि, समस्याएं और तेजी से न बढ़ें।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
पीरियड्स के दौरान आचार नहीं छूना चाहिए या मंदिर में नहीं जाना चाहिए…
आइए जानते हैं क्या इस बात में कुछ सच्चाई है या सिर्फ मिथ है?
दरअसल, इस शुरुआत सदियों पहले से हो गई थी. पुराने जमाने में औरतें नदियां, तलाब, झील में नहाती थीं. और उस वक्त पैड का कल्चर भी नहीं था. कई एंशियंट हिस्ट्री की किताब में पढ़ेंगे तो इस बात का जिक्र मिलता है कि पीरियड्स के दौरान महिलाएं बाहर तालाब, झील और नदीं में नहाती थीं. जिसकी वजह से ऐसे नियम बना दिए गए थे कि वह इस दौरान नहीं नहाएंगी ताकि तालाब में ब्लड ने फैल जाए और उससे दूसरे को नहाने में दिक्कत न हो. और उन्हें कहा गया होगा कि वह अपने घर में रहकर ही आराम करें. ऐसे में महिलाएं पीरियड्स के दौरान बिना नहाएं घर पर रहती होंगी. साथ ही उन्हें किचन या किसी भी सामान को छूने कि इजाजत नहीं थी. क्योंकि गंदे हाथ से छूना साफ-सफाई के हिसाब से गलत है.
उस वक्त के सामाजिक परिस्थिति को देखकर ऐसे नियम बनाए गए होंगे लेकिन लेकिन आज के टाइम में यह बिल्कुल भी किसी एंगल से सही नहीं है. आज के समय में इन नियमों को मानने वाले सिर्फ अंधविश्वास को फैला रहे हैं. उस वक्त इतनी व्यवस्था नहीं थी इसलिए लोग इस तरह करके खुद का गुजारा करते थे. लेकिन आज की मॉर्डन लाइफस्टाइल में सबकुछ है आपको इन मिथ को तोड़ना चाहिए. आज कि लड़कियां पीरियड्स के दौरान नहाती भी हैं और खुद की साफ- सफाई का ध्यान भी रखती हैं. लेकिन कुछ घरों में आज भी ऐसे नियमों का बड़े आराम से पालन किया जा रहा है. जोकि गलत है. इसलिए जरूरी है इन नियमों को छोड़कर आगे बढ़ने का. इस दौरान लड़की हो या महिला उन्हें ज्यादा आराम और खुद की साफ-सफाई पर ध्यान देना चाहिए
पीरियड्स के दौरान शरीर से गंदा ब्लड निकलता है? पीरियड्स के दौरान महिलाओं को खुद का खास ख्याल रखना चाहिए. क्योंकि इस दौरान इंफेक्शन होने का खतरा काफी ज्यादा रहता है. यह भी सच्चाई है कि इस दौरान एक औरत को ज्यादा से ज्यादा आराम करना चाहिए. जहां तक आचार सड़ने की बात कही जाती है इसके पीछे कोई साइंटफिक रीजन तो आजतक पता नहीं चल पाया है. आप साइंटिफिकली तरीके से सोचिए तो यह खून गंदा कैसे हो सकता है? बल्कि यह तो एक औरत में ओव्यूलेशन की एक प्रकिया है यह एक औरत की पहचान है. यही वह कारण है जिसकी वजह से एक औरत आगे जाकर मां बनती हैं या यूं कहें कि वह एक जीव को अपने अंदर पालती है. इसलिए दुनिया की सबसे खूबसूरत चीज में से एक है औरत को माना गया है…
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⚜️ वैदिक सनातन धर्म में हर मास की पूर्णिमा को कोई-न-कोई व्रत-त्यौहार होता ही है। आज बंगाल में दोलोत्सव अर्थात् दोलयात्रा निकाली जाती है। आज ही चैतन्यमहाप्रभु जी की जन्म जयंती है। आज जैन लोगों का अष्टाह्निका व्रत समाप्ति दिवस है। आप सभी सनातनियों को पूर्णिमा, दोलोत्सव एवं चैतन्यमहाप्रभु जी के जन्म जयंती की हार्दिक शुभकामनायें।
जिनकी कुण्डली में चन्द्रमा की दशा चल रही हो उसे पूर्णिमा के दिन उपवास रखना अर्थात व्रत करना चाहिये। जिनके बच्चे कफ रोगी हों अर्थात सर्दी, जुकाम, खाँसी और निमोनियाँ समय-समय पर होती रहती हो उनकी माँ को वर्षपर्यन्त पूर्णिमा का व्रत करना और चन्द्रोदय के बाद चंद्रार्घ्य देकर व्रत तोड़ना चाहिये।
पूर्णिमा माता लक्ष्मी को विशेष प्रिय होती है। इसलिये आज के दिन महालक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से मनोवान्छित कामनाओं की सिद्धि होती है। पूर्णिमा को शिवलिंग पर शहद, कच्चा दूध, बिल्वपत्र, शमीपत्र, फुल तथा फलादि चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। पूर्णिमा को शिव पूजन में सफ़ेद चन्दन में केशर घिसकर शिवलिंग पर चढ़ाने से घर के पारिवारिक एवं आन्तरिक कलह और अशान्ति दूर होती है।

