Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 25 जुलाई 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 25 जुलाई 2023
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
⛈️ मास – श्रावण मास
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📅 तिथि – श्रावण मास शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि 03:08 PM तक उपरांत अष्टमी
🖍️ तिथि के स्वामी – सप्तमी के स्वामी भगवान सूर्य देव हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र चित्रा 12:03 AM तक उपरांत स्वाति
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह और अधिष्ठाता देव विश्वकर्मा हैं।
🔊 योग – सिद्ध योग 03:01 PM तक, उसके बाद साध्य योग
⚡ प्रथम करण : वणिज – 03:08 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : विष्टि – 03:36 ए एम, जुलाई 26 तक
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का (अशुभ गुलिक) काल 12:21 पी एम से 01:58 पी एम
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से गुड़ खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : मंगलवार का राहुकाल 03:35 पी एम से 05:11 पी एम राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:20:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:40:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:15 ए एम से 04:57 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:36 ए एम से 05:38 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:55 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:44 पी एम से 03:38 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:17 पी एम से 07:37 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:17 पी एम से 08:19 पी एम
💧 अमृत काल : 05:09 पी एम से 06:53 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, जुलाई 26 से 12:49 ए एम, जुलाई 26
🌸 द्विपुष्कर योग : 05:38 ए एम से 03:08 पी एम
🚐 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♂️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में लाल ध्वजा लगाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – द्विपुष्कर योग/ अधिक मास, दूसरा श्रवण मंगला गौरी व्रत/ दुनिया की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी लुइस ब्राउन का जन्म दिवस, चिकित्सा विज्ञान के पितामह महर्षि चरक जयंती ( भाव प्रकाश संहितानुसार नागपंचमी के दिन इनका जन्म हुआ ), श्री गोविंद नारायण सिंह जयन्ती, श्री गणेश वासुदेव जोशी स्मृति दिवस, श्री गोदावरीश मिश्र स्मृति दिवस, कार्यकर्ता गणेश वासुदेव जोशी स्मृति दिवस, राजनीतिज्ञ हरसिमरत कौर बादल जन्मोत्सव, गायिका राकेश्वरी जन्मोत्सव, सोमनाथ चटर्जी जन्म दिवस, भारतीय संगीतकार सुधीर फड़के जन्म दिवस, विश्व भ्रूणविज्ञानी दिवस, विश्व डूब रोकथाम दिवस
✍🏼 विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है।
🛖 Vastu tips 🏘️
किस दिशा में खड़े होकर नहाना चाहिए?
ज्योतिषाचार्य श्री गोपी राम के अनुसार जब आप पूर्व दिशा की ओर मुंह करके स्नान करते हैं तो आपके शरीर की गंदगी के साथ-साथ नकारात्मक ऊर्जा भी आपका साथ छोड़ देती है। इसका कारण यह है कि पूर्व दिशा सूर्यदेव की दिशा है। जब सूर्य इस दिशा से उगता है तो उसकी तेज और प्रभावी सकारात्मक ऊर्जा आती है। ऐसे में सुबह के समय इस दिशा में सबसे ज्यादा सकारात्मक ऊर्जा होती है। ऐसे में जब आप इस दिशा की ओर मुंह करके नहाते हैं तो यह सकारात्मक ऊर्जा आपके शरीर की सभी नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर देती है। जब आपके शरीर में कोई नकारात्मक ऊर्जा नहीं होती, सकारात्मक ऊर्जा की अधिकता होती है तो आपकी किस्मत अपने आप चमकने लगती है।
बाथरूम से जुड़ी जरूरी बातें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम और टॉयलेट को एक साथ अटैच करके नहीं बनवाना चाहिए।
बाथरूम कमरे के अंदर कभी नहीं बनवाना चाहिए।
बाथरूम का दरवाजा लकड़ी का है तो उसे हमेशा बंद रखें। इससे घर में नकरात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती है।
ध्यान रखें कि बाथरूम का नल ठीक हो उससे पानी नहीं टपकता हो। वरना आपको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
बाथरूम में नीले रंग की बाल्टी रखना अच्छा माना जाता है। वास्तु के अनुसार यह शुभ भाग्य का वाहक है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
कौन सा जानवर है, जिसे अपनी मौत के समय का पहले ही पता चल जाता है?
नाग ,,नाग को अपनी मृत्यु के समय का आभास हो जाता है और वो किसी निर्जन स्थान पर एकांतवास में चले जाते हैं,,भोजन जल इत्यादि त्याग देते हैं और अपनी मृत्यु का इंतजार करते हैं,,,यहां ध्यान देने योग्य बात ये है कि लोग नाग और सर्प को एक ही समझ लेते हैं,,जबकि “””नाग देवताओं में आते हैं”””और “”सर्प प्रेत या पितर योनि”” में आते हैं,,स्वप्न में नाग देखना शुभ होता है जबकि सर्प देखना कष्टकारी होता है या पितृदोष होता है,,नाग की पूजा बताई गई है सर्प की नहीं,,””ऋषि कश्यप की पत्नी “”सुरसा देवी नाग माता((सुरसा नाम अहिन्ह की माता))”” और “”मनसा देवी नागों की बहन”” मानी जाती हैं,,और “”कश्यप ऋषि की दूसरी पत्नी कद्रु सर्पों की माता”” मानी जाती हैं
🫀 आरोग्य संजीवनी 🩸
पेशाब करते समय किन बातों को ध्यान रखना चाहिए?
पेशाब के बेग को कभी रोकना नहीं चाहिए। पेशाब जब भी लगे तुरन्त करें और पेशाब करने बाद कुल्ला न करें अन्यथा फिर जल्दी पेशाब आने लगती है।
कब कब करें पेशाब…. खाने यानी भोजन के तुरंत बाद पेशाब जरूर करें, इससे गुर्दा यानी किडनी खराब नहीं होगी।
कभी लकवा नहीं मारेगा… ध्यान रखें स्नान से आधा घण्टे पहले ओर बाद में भूलकर भी पेशाब न करें अन्यथा पैरालाइसिस हो सकता है।
जिन लोगों को रुक रुक पेशाब आती हो या किसी तरह की जलन आदि की समस्या हो, वे रोज एक गोली चंद्रप्रभा वटी की सुबह खाली पेट दूध के साथ लेवें।
रात को सोने से पहले पेशाब अवश्य करें।
जब कभी ज्यादा तेल या बसा युक्त भोजन, पक्का खाना, पूड़ी-पराठे, कचौरी या मैदा, खमीर से बने पदार्थ सेवन करें, तो इन्हें खाने के एक घण्टे बाद बहुत पानी पिएं। हो सके, तो गर्म पानी पिएं।
याद रहे सुबह उठते ही गर्म या गुनगुना पानी भूलकर भी न पिएं। मैने भी यूट्यूब पर एक वीडियो देखकर और गूगल पर पढ़कर सुबह खाली पेट गर्म पानी, नीबू पानी 2 से 3 महीने पीया, तो मुझे अनेक बीमारियों ने घेर लिया था।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
अगर भगवान शिव के महा मृत्युंजय मंत्र का जाप किसी भी नियम का पालन किए बिना कभी भी कहीं भी किया जाए तो क्या कोई दुष्प्रभाव होता है?
महा मृत्युंजय मंत्र का जाप लंबी उम्र के लिए किया जाता है, अचानक मृत्यु से बचने और शारीरिक और मानसिक शांति देने के लिए।
शिव ने यह मन्त्र मार्कंडेय को यह मन्त्र तब दिया जब उन्होंने उसे भगवान यम से बचाया।
हर मंत्र में शक्ति होती है। सबसे महत्वपूर्ण, आपको मंत्र पर विश्वास और उसे मानना है, फिर इसका कार्य करना सुनिश्चित है।
महा मृत्युंजय मंत्र का किसी तरह से दुष्प्रभाव नहीं है। आप मंत्र का जाप कभी भी कर सकते हैं, लेकिन अपने चित्त से पूरे सम्मान और विश्वास के साथ।
हमारे बुजुर्गों ने बताया है कि, मंत्र को सुबह घंटों या फिर स्नान करने और हमारे दैनिक कामों को पूरा करने के बाद जपा जाता है।
हमें अपने हाथों में रुद्राक्ष मनका माला धारण करने के साथ मंत्र का पाठ करना है।
हमें शिव लिंग के समक्ष बैठकर मंत्र का जाप करना है।
यदि कोई ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, जब उपर्युक्त उल्लेख संभव नहीं है, तो आप अपने चित से मंत्र का जाप कर सकते हैं, और शिव से कह सकते हैं “मेरे स्वामी शिव, कुछ अपरिहार्य कारणों के कारण, मैं जप के नियमों का पालन करने में सक्षम नहीं हूं। महा मृत्युंजय मंत्र, मुझे क्षमा करें। मैं पूरे सम्मान और विश्वास के साथ मंत्र का जाप कर रहा हूं, इसलिए कृपया मेरी मदद करें और मुझे शिव का आशीर्वाद दें ”।
शिव, हमारे पिता निश्चित रूप से हमारी मदद करेंगे और हमें क्षमा करेंगे।
ये मेरा विचार हे। ओम नमः शिवाय
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म सप्तमी तिथि में होता है, वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। इस तिथि में जन्म लेनेवाला जातक गुणवान और प्रतिभाशाली होता है। ये अपने मोहक व्यक्तित्व से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की योग्यता रखते हैं। इनके बच्चे भी गुणवान और योग्य होते हैं। धन धान्य के मामले में भी यह व्यक्ति काफी भाग्यशाली होते हैं। ये संतोषी स्वभाव के होते हैं और इन्हें जितना मिलता है उतने से ही संतुष्ट रहते हैं।


