Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 16 जुलाई 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 16 जुलाई 2023
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
⛈️ मास – श्रावण मास
🌘 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि : श्रावण मास कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि 10:08 PM तक उपरांत अमावस्या
✏️ तिथि स्वामी – चतुर्दशी तिथि के देवता हैं शंकर।चतुर्दशी तिथि में भगवान देवदेवेश्वर सदाशिव की पूजा करके मनुष्य समस्त ऐश्वर्यों से समन्वित हो जाता है ।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र आद्रा 02:39 AM तक उपरांत पुनर्वसु
🪐 नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र का स्वामी राहु है। तथा राशि के स्वामी ग्रह हैं।
🔉 योग : ध्रुव योग 08:32 AM तक, उसके बाद व्याघात योग
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 09:17 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : शकुनि – 10:08 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : रविवार का शुभ (गलिक काल) 03:37 पी एम से 05:16 पी एम
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:08:25
🌅 सूर्यास्त – सायं 19:19:31
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:12 ए एम से 04:53 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:32 ए एम से 05:33 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:59 ए एम से 12:55 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:19 पी एम से 07:40 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 07:21 पी एम से 08:22 पी एम
💧 अमृत काल : 03:42 पी एम से 05:27 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, जुलाई 17 से 12:48 ए एम, जुलाई 17
🚙 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में आम चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – अमावस्या प्रारंभ रात्रि 10.07, भारत परमाणु परीक्षण दिवस, साझा सेवा केंद्र (सीएससी) दिवस, वीर शासन जयंती (दिग.जैन), स्वतंत्रता सेनानी अरुणा आसफ अली जयन्ती, विश्व सर्प दिवस
✍🏼 विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।
🗽 Vastu Tips 🗼
वास्तु शास्त्र में आज आचार्य श्री गोपी राम से जानिए बच्चों के कमरे में कैंडल्स लगाने के बारे में। बच्चों के कमरे की पूर्वी, उत्तर-पूर्वी या दक्षिणी भाग में मोमबत्ती जलाने से बच्चे पढ़ाई की ओर आकर्षित होते हैं, उनका पढ़ाई में मन लगता है। साथ ही उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है। इससे पहले आपने जाना था उन जगहों के बारे में जहां आप कैंडल्स लगा सकते हैं, लेकिन कुछ जगह ऐसी भी हैं जहां पर कैंडल्स नहीं जलानी चाहिए।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के उत्तरी कोने में कैंडल्स नहीं लगानी चाहिए। इस दिशा में कैंडल्स लगाने से पैसों का आगमन बाधित होता है जिससे आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। साथ ही घर के वायव्य कोण, यानी कि उत्तर-पश्चिम दिशा में भी कैंडल्स नहीं रखनी चाहिए। यहां पर कैंडल्स, यानी कि मोमबत्ती रखने से परिवार के सदस्यों में अशांति पैदा होती है तथा एक-दूसरे के प्रति जलन की भावना आती है।
⏹️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
पेट में कीड़े होने पर करें अनार का सेवन
अनार के फायदे से पेट के कीड़ों को खत्म कर सकते हैं। इसके लिए 50 ग्राम अनार की जड़ की छाल, पलाश बीज 6 ग्राम, और वायविडंग 10 ग्राम लें। सबको कूटकर 1.25 लीटर पानी में धीमी आग पर पकाएं। जब पानी आधा रह जाए, तो उसे उतारकर ठंडा करके छान लें। इसे 50 मिली की मात्रा में आधा-आधा घंटे के अंतर से पिलाएं। इसके प्रयोग से पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं।
अनार के पत्तों को छाया में सुखाकर महीन पीस लें। इसे छान लें। इसे 3-6 ग्राम की मात्रा में सुबह छाछ के साथ, या ताजे पानी के साथ पिएं। इसके प्रयोग से पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं।
पेट के कीड़े को खत्म करने के लिए 10 ग्राम अनार के पेड़ की जड़ की छाल, 6 ग्राम वायविडंग, और 6 ग्राम इद्र जौ को कूटकर काढ़ा बना लें। इसका सेवन करने से पेट में कीड़े खत्म हो जाते हैं।
पेट में कीड़े से परेशान लोग ये तरीका भी आजमा सकते हैं। 20 ग्राम खट्टे अनार के छिलके, और 20 ग्राम शहतूत को 200 मिली पानी में उबाल लें। इसे पिलाने से भी पेट के कीड़े खत्म होते हैं।
🍏 आरोग्य संजीवनी 🍊
अनार के फायदे और नुकसान :
आयुर्वेद में अनार को बहतु ही चमत्कारिक फल बताया गया है, और यह भी बताया गया है कि, इसके इस्तेमाल से कई सारी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। केवल अनार फल ही नहीं, बल्कि पूरा वृक्ष ही औषधीय गुणों से भरपूर होता है। जब अनार में इतनी खूबियां हैं, तो आप अनार के फायदे के बारे में जरूर जानना चाहेंगे। आइए जानते हैं कि अनार के फायदे क्या-क्या हैं।
अनार क्या है?
स्वाद में अंतर होने के कारण अनार की तीन किस्में पाई जाती हैं।
देशी अनार खट्टे-मीठे होते हैं।
कन्धार के अनार मीठे होते हैं।काबुल अनार भी मीठे होते हैं। काबुली अनारों में एक गुठली रहित अत्यन्त मीठा अनार होता है, जिसे बेदाना अनार कहते हैं। यह सबसे अच्छा होता है। फल की तुलना में कली, और छिल्के में अधिक गुण पाए जाते हैं।
रस में अंतर के अनुसार भी अनार फल तीन प्रकार के होते हैः-
मीठे रस वाला अनार
खट्टे रस वाला अनार
मीठा-खट्टा रस वाला अनार
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपने जीवन के अनुभवों को नीतिशास्त्र में पिरोया हैं जिसका अनुसरण करने वाला मनुष्य जीवन में सभी तरह के सुख और सफलता को हासिल करता हैं।
मनुष्य जीवन से जुड़े हर पहलु पर अपनी नीतियों का निर्माण किया हैं। आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी नीतियों के जरिए पति पत्नी के रिश्तों में कुछ बातों को धीमा जहर बताया हैं जो पलभर में रिश्तों को बिखेर कर रख देती हैं, तो आज हम इसी विषय पर आचार्य श्री गोपी राम बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।
आज की हमारी नीति कहती है कि पति पत्नी के रिश्ते को कमजोर करने का काम अहंकार करता हैं ऐसे में अपने रिश्तों में भूलकर भी अहंकार को स्थान ना दें वरना रिश्ता टूटके जरा भी वक्त नहीं लगेगा। इसके अलावा रिश्तों में संदे को भी जगह नहीं देनी चाहिए। क्योंकि शक अक्सर रिश्ते को बर्बाद कर देता हैं ऐसे में गलतफहमी को तुरंत दूर करना बेहतर होता हैं।
हमारे कहने के अनुसार झूठ के सहारे रिश्तों की इमारत को भूलकर भी नहीं खड़ा करना चाहिए। वरना जीवन बर्बाद हो जाता हैं ऐसे में पति पत्नी के रिश्तें में कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए। संबंधों में सम्मान की कमी के कारण रिश्ता टूटने की कगार पर आ जाता हैं ऐसे में पति पत्नी को सदा एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए तभी रिश्ता लंबे वक्त तक चलता हैं।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।
जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्दशी तिथि को होता है वह व्यक्ति नेक हृदय का एवं धार्मिक विचारों वाला होता है। इस तिथि को जन्मा जातक श्रेष्ठ आचरण करने वाला होता है अर्थात धर्म के मार्ग पर चलने वाला होता है। इनकी संगति भी उच्च विचारधारा रखने वाले लोगों से होती है। ये बड़ों की बातों का पालन करते हैं तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न होते हैं। देश तथा समाज में इन्हें उच्च श्रेणी की मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।

