Aaj ka Panchang आज का पंचांग शनिवार, 04 नवम्बर 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 04 नवम्बर 2023
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – कार्तिक मास
🌘 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – कार्तिक मास कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि 12:59 AM तक उपरांत अष्टमी
✏️ तिथी स्वामी : सप्तमी तिथि के स्वामी सूर्य देव है, तथा प्रत्येक पक्ष में एक सप्तमी तिथि होती है. सप्तमी तिथि को शुभ प्रदायक माना गया है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पुनर्वसु 07:57 AM तक उपरांत पुष्य
🪐 नक्षत्र स्वामी – पुनर्वसु नक्षत्र का स्वामी गुरु बृहस्पति होता है। नक्षत्र की देवी अदिति हैं।
🔊 योग – साध्य योग 01:02 PM तक, उसके बाद शुभ योग
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 11:59 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : बव – 12:59 ए एम, नवम्बर 05 तक
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:29:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:31:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:35 ए एम से 05:26 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:00 ए एम से 06:16 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:37 ए एम से 12:23 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:54 पी एम से 02:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:44 पी एम से 06:09 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:44 पी एम से 06:59 पी एम
💧 अमृत काल : 03:25 ए एम, नवम्बर 05 से 05:11 ए एम, नवम्बर 05
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:35 पी एम से 12:25 ए एम, नवम्बर 05
🌸 त्रिपुष्कर योग : 06:16 ए एम से 07:57 ए एम
❄️ रवि योग : 06:16 ए एम से 07:57 ए एम
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में काली ध्वजा चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/त्रिपुष्कर योग/ रवि योग/ प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जयन्ती, बॉलीवुड अभिनेत्री तबु जन्मोत्सव, गणितज्ञ शकुन्तला देवी जन्म दिवस, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, उद्योगपति एवं मानवशास्त्री जमनालाल बजाज जन्म दिवस, महान क्रांतिकारी भाई परमानन्द जयन्ती, मुग़ल शासक औरंगज़ेब जयन्ती, (भारतीय वायु सेना की प्रथम महिला एयर मार्शल) पद्मावती बंदोपाध्याय जन्म दिवस, अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रास दिवस (सप्ताह)
✍🏼 विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला एवं अष्टमी को नारियल त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद एवं शुभ तिथि मानी जाती है। इस तिथि के स्वामी भगवान सूर्य हैं तथा भद्रा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है एवं सभी कामनाओं की पूर्ति होती है।
🏚️ _Vastu Tips 🗽
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे घर के मुख्य दरवाजे पर खिड़की बनवाने के बारे में। मुख्य दरवाजे पर खिड़की बनवाएं या न बनवाएं और बनवाएं तो कैसे और कितनी बनवानी चाहिए? वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य दरवाजे पर खिड़की बनवाना अच्छा रहता है। मुख्य दरवाजे पर खिड़की बनवाने से घर में माहौल अच्छा बना रहता है और घर में सुख-शांति रहती है।अब हम आपको बताते हैं कि मुख्य दरवाजे पर किस तरह खिड़की बनवानी चाहिए। घर बनवाते समय मुख्य दरवाजे, यानि मेन गेट के दोनों तरफ समान आकार की खिड़कियां बनवानी चाहिए। मुख्य दरवाजे के दोनों ओर खिड़कियां बनवाने से एक चुम्बकीय चक्र का निर्माण होता है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इसके अलावा घर में कुल खिड़कियों की संख्या सम होनी चाहिए न कि विषम।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
लौंग में ऐंटी-इन्फ़्लैमेटरी, ऐंटी-बैक्टीरियल, ऐंटी-ऑक्सिडेंट और अन्य कई ऐसे गुण होते हैं, जो दांतों के दर्द को ठीक करते हैं और इंफ़ेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं। लौंग को दांत के बीच दबाकर रखें या फिर लौंग के तेल को कॉटन बॉल में रखकर उसे दर्द दे रहे दांत पर रखें। इससे कुछ ही मिनटों में दर्द का एहसास कम होने लगेगा।
अमरूद के पत्ते
मज़बूत दांत पाने के लिए अमरूद खाएं, यह तो आपने सुना ही होगा। अमरूद में कुछ ऐसे गुण होते हैं, जो दांतों को मज़बूत बनाते हैं और दर्द को कम करते हैं। जब तेज़ दर्द परेशान करे, तो अमरूद के तीन-चार पत्तों को अच्छी तरह साफ़ करके पानी में नमक के साथ डालें और 5 मिनट उबालें। इस उबले पानी को छानकर दिन में दो बार कुल्ला करें। दर्द कुछ ही घंटों में ग़ायब हो जाएगा। दर्द को कम करने के लिए पिपरमेंट टी भी पी सकते हैं।
🍂 आरोग्य संजीवनी 🍁
प्रोबायोटिक रिच फूड्स पेशाब में जलन महसूस होने पर दही का सेवन लाभकारी हो सकता है। एक शोध के मुताबिक, दही प्रोबायोटिक्स खाद्य पदार्थों की श्रेणी में आता है, जो मूत्र पथ के संक्रमण से बचाव करने में सहायक हो सकता है। ऐसे में मूत्र पथ संक्रमण से बचाव के लिए प्रोबायोटिक्स खाद्य पदार्थ उपयोगी हो सकता है। हालांकि, यह पेशाब में जलन से राहत दिल सकता है या नहीं इस विषय में अभी शोध की आवश्यकता है।
📗 गुरु भक्ति योग 🕯️
ये बातें पुरुषों और महिलाओं को जीवन भर रखती हैं जवान, नहीं दिखेगा बुढ़ापा, न करें नजरअंदाज आचार्य श्री गोपी राम ने अपने अध्याय में कई बातों का जिक्र किया है। लोग इसका पालन कर सकते हैं और बिना किसी परेशानी के अपना जीवन जी सकते हैं। हमने कुछ ऐसा भी बताया है जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे कि हम अक्सर अपनी उम्र के हिसाब से नई-नई दवाइयां अपनाते हैं, ताकि हम अपनी खूबसूरती बरकरार रख सकें और एक उम्र के बाद भी जवान दिखें और हमारी खूबसूरती पर कोई फर्क न पड़े।
आचार्य ने अपने नीति शास्त्र में बताया है कि कुछ ऐसे नियम हैं जिनका पालन करने से पुरुष और महिलाएं हमेशा जवान रह सकते हैं।
आचार्य के 17वें श्लोक के अनुसार कहा गया है कि “लगातार चलते रहने से कमजोरी और थकान महसूस होती है। लेकिन दिन-ब-दिन यह आपको बुढ़ापे के करीब ले आता है। हालाँकि, यदि घोड़े को चलने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो वह दोड़ने में कमज़ोर हो जाएगा जिससे उसका शरीर धीरे-धीरे ढीला हो जाएगा। वह बुढ़ापे की ओर बढ़ेगा, क्योंकि घुड़दौड़ उसे जवान बनाए रखती है। ऐसा न करने पर वह शीघ्र ही बुढ़ापे का शिकार हो जाता है।
आचार्य श्री गोपी राम ने अपने श्लोक में बताया है कि जो स्त्री अपने पति से प्रेम नहीं करती वह जल्दी बुढ़ापे का शिकार हो जाती है और वह जल्दी बूढ़ी हो जाती है। अचार समझाता है कि जो कुछ भी करना होता है अगर उस तरह से न किया जाए तो वह धीरे-धीरे फीका पड़ने लगता है। उसके बाद, यदि कोई कपड़ा धूप में छोड़ दिया जाए और हटाया न जाए, तो वह धीरे-धीरे अपना रंग खो देता है और दोबारा पहनने लायक नहीं रहता।
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⚜️ सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म सप्तमी तिथि में होता है, वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। इस तिथि में जन्म लेनेवाला जातक गुणवान और प्रतिभाशाली होता है। ये अपने मोहक व्यक्तित्व से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की योग्यता रखते हैं। इनके बच्चे भी गुणवान और योग्य होते हैं। धन धान्य के मामले में भी यह व्यक्ति काफी भाग्यशाली होते हैं। ये संतोषी स्वभाव के होते हैं और इन्हें जितना मिलता है उतने से ही संतुष्ट रहते हैं।


