Aaj ka Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 24 फरवरी 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 24 फरवरी 2023
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर बसन्त ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन मास
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – चतुर्थी 05:50 AM बजे तक उपरान्त पञ्चमी तिथि है।
✏️ तिथि स्वामीः- पंचमी तिथि के स्वामी नागदेवता हैं तथा षष्ठी तिथि के स्वामी कार्तिकेय जी हैं।
💫 नक्षत्र – रेवती 07:54 AM तक उपरान्त अश्विनी नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी : रेवती नक्षत्र के देवता पूषा हैं तथा नक्षत्र स्वामी बुध है।
🔊 योग – शुक्ल 22:59 PM तक उपरान्त ब्रह्म योग है।
⚡ प्रथम करण : बव – 12:56 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 12:31 ए एम, फरवरी 25 तक।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो दही खाकर यात्रा कर सकते है।
🔥 गुलिक काल : शुक्रवार का (अशुभ ) काल 08:17 ए एम से 09:43 ए एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सुबह 24:30 बजे से 12:00 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:19:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:41:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:11 ए एम से 06:01 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:36 ए एम से 06:52 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:12 पी एम से 12:57 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:29 पी एम से 03:14 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:15 पी एम से 06:40 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:17 पी एम से 07:33 पी एम
💧 अमृत काल : 08:20 पी एम से 09:55 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 25 से 12:59 ए एम, फरवरी 25
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 06:52 ए एम से 03:27 ए एम, फरवरी 25
❄️ रवि योग : 03:27 ए एम, फरवरी 25 से 06:51 ए एम, फरवरी 25
🕉️ शुक्ल योग- आज शाम 6 बजकर 48 मिनट तक
☄️ अश्विनी नक्षत्र- आज देर रात 3 बजकर 27 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में इत्र चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व व त्यौहार – (भारतीय सिनेमा की ख्यातिप्राप्त अभिनेत्रियों) श्रीदेवी स्मृति दिवस, जयललिता स्मृति दिवस, मुग़ल साम्राज्य शासक बाबर जन्म दिवस, मराठा साम्राज्य छत्रपति राजाराम राजे भोसले जन्म दिवस, स्वातंत्र्य दिन एस्टोनिया, जागतिक मुद्रण दिन, केन्द्रीय उत्पाद शुल्क (आवकारी) दिवस, विश्व मुद्रण दिवस
✍🏼 विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
घर बनाने के लिए तो हर कोई वास्तु नियमों का ध्यान रखता है लेकिन जमीन खरीदते समय नहीं। मगर क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र में जमीन के लिए भी कई बातें लिखी गई हैं। जमीन की विभिन्न आकृतियां हमें अलग-अलग तरह से प्रभावित करती है। तो आज वास्तु शास्त्र में आचार्य श्री गोपी राम से जानेंगे कि किस प्रकार की जमीन फलदायी साबित होती है।
वास्तु शास्त्र में अब तक हमने आपको विभिन्न शुभ-अशुभ भूमियों की आकृतियों के बारे में बताया है। अलग-अलग आकार की भूमियों का अलग-अलग फल होता है। आकार में चौकोर और हाथी के समान फैली हुई, वृत्ताकार, घड़े की आकार की और भद्रपीठ युक्त भूमि, यानी जिसकी लम्बाई-चौड़ाई समान व मध्य भाग समतल हो, धन-धान्यादि देने वाली होती है। अगर भूमि शिवलिंग के आकार की हो तो यह साधुओं के लिये श्रेष्ठ होती है। ईशान कोण, यानी उत्तर-पूर्व से भूमि अगर निचाई में हो तो वह पुत्र और धन लाभ कराने वाली होती है। बाकी बची हुई आकृतियों के बारे में मैं आपको कल बताऊंगा।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
शंखजल का छिड़काव व पान क्यों ?
शंख में जल भरकर उसे पूजा-स्थान में रखे जाने और पूजा – पाठ, अनुष्ठान होने के बाद श्रद्धालुओं पर उस जल को छिड़कने का कारण यह है कि इसमें कीटाणुनाशक शक्ति होती है और शंख में जो गंधक, फॉस्फोरस और कैल्शियम की मात्रा होती है उसके अंश भी जल में आ जाते हैं | इसलिए शंख के जल को छिड़कने और पीने से स्वास्थ्य सुधरता है |
भगवान कहते हैं : “जो शंख में जल लेकर ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का उच्चारण करते हुए मुझे नहलाता है वह सम्पूर्ण पापों से मुक्त हो जाता है | जो जल शंख में रखा जाता है वह गंगाजल के समान हो जाता है | तीनों लोकों में जितने तीर्थ है वे सब मेरी आज्ञा से शंख में निवास करते है इसलिए शंख श्रेष्ठ माना गया है | जो शंख में फूल, जल और अक्षत रखकर मुझे अर्घ्य देता है उसे अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है | जो वैष्णव मेरे मस्तक पर शख का जल घुमाकर उसे अपने घर में छिडकता है उसके घर में कुछ भी अशुभ नहीं होता | मृदंग और शंख की ध्वनि तथा प्रणव (ॐकार) के उच्चारण के साथ किया हुआ मेरा पूजन मनुष्यों को सदैव मोक्ष प्रदान करनेवाला है |” (स्कन्द पुराण, वैष्णव खंड)
🫀 आरोग्य संजीवनी 🫁
पाचन के लिए सबसे खराब खाना
दाल और फलियां- ये कभी-कभी पेट में दर्द पैदा कर सकते हैं. जो लोग गैस के प्रति संवेदनशील हैं, उन्हें खाना पकाने के सोडा के साथ भिगोने और प्रेशर कुक करने की सलाह दी जाती है, जिससे गैस कम बनता है।
तला हुआ खाना- पकौड़े, बर्गर, नूडल्स और भटूरे जैसे जंक फूड में फाइबर कम होता है और इसके परिणामस्वरूप डायरिया और कब्ज हो सकता है।
प्रोसेस्ड फूड- डिब्बे में बंद फूड, फ्रोजन और पैकेज्ड फूड पोषक तत्वों से रहित होते हैं, चीनी में उच्च, फाइबर में कम और संरक्षक होते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 📖
आचार्य श्री गोपी राम ने इस अमूल्य धरोहर में मानव जीवन को प्रभावित करने वाले हर कारक का जिक्र किया है और यह बताया है कि मनुष्य को जीवन किस तरह से जीना चाहिए। हमारी नीति के तहत पति-पत्नी के रिश्ते के बारे में भी विस्तार से चर्चा की है और कहा है कि किस बातों से पति-पत्नी की रिश्ते प्रभावित होते हैं और रिश्तों में दरार आ सकती है –
पति-पत्नी के बीच न हो उम्र का फासला आचार्य श्री गोपी राम ने कहा है कि पति पत्नी के बीच में उम्र का फासला भी ज्यादा नहीं होना चाहिए। उम्र ज्यादा होने से दोनों एक दूसरे की शारीरिक व मानसिक जरूरत को पूरा नहीं कर पाते हैं। बूढ़े आदमी को कभी भी जवान औरत से बहस नहीं करनी चाहिए। ऐसे में दोनों की शादी सफल नहीं हो पाती है।
पवित्र होता है पति पत्नी का रिश्ता हमारे कहने के मुताबिक दुनिया में सबसे पवित्र रिश्ता पति-पत्नी का होता है। रिश्ते को मजबूत करने के लिए जरूरी है कि दोनों एक-दूसरे को समझें। यदि एक-दूसरे की जरूरतों को नजरअंदाज करेंगे तो जीवन में कभी खुश नहीं रह पाएंगे। आचार्य श्री गोपी राम का मानना है कि पति-पत्नी का रिश्ता सद्भाव और प्रेम से बना होता है।
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⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।
पञ्चमी तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति गुणवान होता है। इस तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह माता पिता की सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ धर्म समझता है। इनके व्यवहार में उत्तम श्रेणी का एक सामाजिक व्यक्ति दिखाई देता है। इनके स्वभाव में उदारता और दानशीलता स्पष्ट दिखाई देती है। ये हर प्रकार के सांसारिक भोग का आनन्द लेते हैं और धन धान्य से परिपूर्ण जीवन का आनंद उठाते हैं।

