ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग सोमवार, 01 मई 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 01 मई 2023
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महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
🌸 आप सभी देशवासियों को मोहिनी एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – वैशाख मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि 10:10 PM तक उपरांत द्वादशी
✏️ तिथि स्वामी – एकादशी तिथि के स्वामी विश्वेदेवा को माना गया है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को प्रिय होती है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 05:51 PM तक उपरांत उत्तर फाल्गुनी |
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र : इस नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। तथा राशि स्वामी सूर्य है।
🔔 योग – ध्रुव योग 11:44 AM तक, उसके बाद व्याघात योग |
⚡ प्रथम करण : वणिज – 09:22 ए एम तक
✨ द्वितीय करण – विष्टि – 10:09 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – सोमवार का शुभ (गुलिक काल) दोपहर 1:30 से 3 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दर्पण देखकर, दूध पीकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह -7:30 से 9:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:32:00 AM
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:28:00 PM
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:15 ए एम से 04:58 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:36 ए एम से 05:41 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:52 ए एम से 12:45 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:31 पी एम से 03:24 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:55 पी एम से 07:16 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 06:56 पी एम से 08:00 पी एम
💧 अमृत काल : 10:50 ए एम से 12:35 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:39 ए एम, मई 02
❄️ रवि योग : 05:41 ए एम से 05:51 पी एम
☄️ ध्रुव योग – 1 मई को दोपहर पहले 11 बजकर 44 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शिव मंदिर में गन्ने का रस चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – मोहिनी एकादशी व्रत (सर्वे.)/रवियोग/भद्रा/ स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन स्थापना दिवस, अंतर्राष्ट्रीय सूरजमुखी गुरिल्ला बागवानी दिवस, मराठी राजभाषा दिवस, लेई डे – हवाई, बेल्टन – आयरलैंड, राष्ट्रीय प्रेम दिवस – चेक गणराज्य, कानून दिवस – संयुक्त राज्य अमेरिका, विश्व अस्थमा रोकथाम दिवस, प्रफुल्लचंद चाकी (स्वतन्त्रता सेनानी) शहीद दिवस, किंगरा सिक्ख समुदाय के बाबा इकबाल सिंह जन्म दिवस, गुजरात उच्च न्यायालय स्थापना दिवस, मई दिवस (विश्व श्रमिक दिवस), महाराष्ट्र स्थापना दिवस, गुजरात स्थापना दिवस, मज़दूर दिवस
✍🏼 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
सूर्य देव का यंत्र: सूर्य देव के यंत्र को बहुत ही पवित्र और शुभ माना जाता है। इसे मुख्य द्वार पर लगाने से मां लक्ष्मी बहुत ही खुश रहती हैं और आपके घर में वास करती हैं।
खुशबूदार पौधे: ज्योतिष के मुताबिक अगर शुक्र देव आपसे प्रसन्न हैं तो आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है। शुक्र देव को खुश करने के लिए मुख्य द्वार पर सुगंधित पौधे जरूर लगाएं। इसे किसी भी शुक्रवार के दिन लगा सकते हैं।
बंदनवार: किसी भी शुभ कार्य का आरंभ करने से पहले घर में प्रवेश द्वार पर बंदनवार लगाया जाता है। वास्तु के अनुसार इसे लगाने से खुशियों का आगमन होता है। कोई भी बुरी शक्ति घर में प्रवेश नहीं कर सकती ।
स्वास्तिक: स्वास्तिक का चिन्ह बहुत ही शुभ माना जाता है। मुख्य द्वार पर इसे बनाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
मां लक्ष्मी के चरण चिह्न: घर में मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के चरण चिह्न की तस्वीर लगाना शुभ होता है। इसे लगाने से परिवार में चल रही आर्थिक परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है।
शुभ-लाभ: वास्तु के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर शुभ-लाभ का निशान बनाने से रोग, शोक में कमी आती है और सुख-समृद्धि बढ़ती है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
क्रोध से बचने के उपाय :
एकांत में आर्तभाव से व सच्चे ह्रदय से भगवान से प्रार्थना कीजिये कि ‘हे प्रभो ! मुझे क्रोध से बचाइये |’
जिस पर क्रोध आ जाय उससे बड़ी नम्रता से, सच्चाई के साथ क्षमा माँग लीजिये |
सात्त्विक भोजन करे | लहसुन, लाल मिर्च एवं तली हुई चीजों से दूर रहें | भोजन चबा-चबाकर कम-से-कम 25 मिनट तक करें | क्रोध की अवस्था में या क्रोध के तुरंत बाद भोजन न करें |
💊 आरोग्य संजीवनी 🩸
एलोवेरा लगाएं बालों में एलोवेरा लगाकर आप अपने हेयर की ग्रोथ को बढ़ा सकते हैं।एलोवेरा की फ्रेश पत्ती तोड़ें और इसे बीच में से काट लें। अब पत्ती के अंदरुनी हिस्से को बालों पर रब करें। वहीं अगर आप चाहें तो एलोवेरा के सफेद गूदे को अलग से निकालकर भी बालों पर अप्लाई कर सकते हैं।
एलोवेरा मास्क एलोवेरा से बना नेचुरल हेयर मास्क डैमेज हेयर की देखभाल करता है और उन्हें लंबा बनाता है। इसलिए एलोवेरा जेल में शहद, अंडे का सफेद भाग, मेथी के दाने और जोजोबा ऑइल मिलाकर बालों पर लगाएं। अब 1 घंटे बाद बालों में शैंपू कर लें, इससे आपकी हेयर ग्रोथ फास्ट होने लगेगी।
एलोवेरा टोनर एलोवेरा से आप बालों के लिए नेचुरल टोनर भी बना सकते हैं।आधा कप एलोवेरा जेल आधा चम्मच अदरक का रस मिलाकर ब्लेंड कर लें। अब इस मिक्सचर को स्प्रे बोतल में भरें और बालों पर लगाने के 20 मिनट बाद हेयर वॉश कर लें।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
नारद की स्त्री बनने की कथा
एक बार ऐसा हुआ कि नारद मुनि ने विष्णु से हाथ जोड़कर पूछा की प्रभु ये माया क्या है, ये मुझे समझाइये। भगवान् विष्णु ने कहा कि माया बहुत जटिल चीज है इसे तुम ना जानो तो ही बेहतर होगा। लेकिन नारद मुनि की उत्सुकता इतनी तेज थी कि वो मानने को तैयार ही नहीं थे। हाथ जोड़कर अनुनय विनय करने लगे। नारद के बार बार निवेदन करने पर भक्तवत्सल भगवान् विष्णु मान गए और उन्होंने कहा कि चलो तुमको बताता हूं कि माया क्या है।
फिर विष्णु नारद को लेकर कन्नौज के पास एक सरोवर के निकट पहुंचे और बोले कि हे नारद, इस सरोवर में स्नान करो। स्नान करने से तुमको पता चल जायेगा कि माया क्या है। नारद मुनि एक हठी बालक की भांति मन की मुराद पूरी होने पर प्रसन्न होते हुए सरोवर में उतर गए।
विष्णु की माया का खेल शुरू हुआ और हुआ चमत्कार! जैसे ही नारद मुनी पानी में डुबकी लगाकर बाहर निकले उनका शरीर बदल चुका था। वो एक बेहद खुबसूरत स्त्री के रूप में आ चुके थे। ऐसी स्त्री जिसका हर अंग यौवन और खूबसूरती की पराकाष्ठा लिए था। अब तक नारद की स्मरण शक्ति भी कम हो गयी। जैसे ही माया का खेल शुरू हुआ, विष्णु वहां से अंतर्ध्यान हो गए।
उसी समय वह से तालध्वज नाम का राजा वहां से गुजर रहा था। राजा ने देखा एक बहुत ही कामुक और सुन्दर स्त्री सरोवर के पास खडी है। राजा का मन उस सर्वांगसुंदरी स्त्री बने नारद पर मोहित हो गया। राजा ने गजगामिनी स्वरूपा स्त्री के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। नारद भी मोहित हो चुके थे, सो दोनों ने विवाह कर लिया। 12 वर्षो के पश्चात स्त्री रूपी नारद ने 50 बच्चो को भी जन्म दिया। ये बच्चे कौरवों की तरह उदंड और अभिमानी थे। कालांतर में इनका युद्ध पांडवों से हुआ जिसमे सारे पुत्र मारे गए।
इस बात की ख़बर मिलते ही नारद बहुत दुखी हुए। रो रोकर उनका बुरा हाल हो गया। कई दिनों तक खाना पीना सब छोड़ दिया। फिर एक दिन राजा की सभा में स्वयं विष्णु ब्राह्मण के वेश में आये और ज्ञान दिया कि तुम दोनों पति पत्नी जिस नुकसान को लेकर रो रहे हो वो वास्तव में हुआ ही नहीं। ये सब माया का खेल है। इतना कहकर विष्णु ने अपनी माया समेत ली।
नारद जी तुरंत अपने असली रूप में आ गए। उनको नया ज्ञान मिल चुका था। माया के जाल में फंसे नारद माता और पत्नी का किरदार निभा रहे थे किन्तु सत्य से परिचित होते ही देवर्षि के रूप में वापस आ गए। नारद भगवान् विष्णु के समक्ष हाथ जोड़ कर नतमस्तक हो गए और फिर नारायण नारायण जपते हुए अपने लोक में वापस आ गए।
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⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।

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