Aaj ka Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 16 नवम्बर 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 16 नवम्बर 2023
16 नवम्बर 2023 दिन गुरुवार को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। आज पश्चिम दिशा में बुध देवता उदित हो रहे हैं। आप सभी सनातनियों को “बुध देवता के पश्चिम में उदय होने” की हार्दिक शुभकामनायें एवं मंगलकामनाएँ।।
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
यदि गुरुवार को स्त्रियां हल्दी वाला उबटन शरीर में लगाएं तो उनके दांपत्य जीवन में प्यार बढ़ता है।और कुंवारी लड़कियां / लड़के यह करें तो उन्हें योग्य, मनचाहा जीवन साथी मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ अयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – कार्तिक मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – कार्तिक मास शुक्ल पक्ष वार गुरुवार तृतीया तिथि 12:35 PM तक उपरांत चतुर्थी
✏️ तिथी स्वामी : तृतीया तिथि में गौरी जी की पूजा करने से सौभाग्य की वृद्धि होती है. कुबेर जी भी तृतीया के स्वामी माने गये हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र मूल 02:17 AM तक उपरांत पूर्वाषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी – मूल नक्षत्र का स्वामी ग्रह केतु है तो वहीं राशि स्वामी गुरु है,मूल नक्षत्र की अधिष्ठात्री देवी नृति को माना गया है।
🔕 योग – सुकर्मा योग 09:59 AM तक, उसके बाद धृति योग
⚡ प्रथम करण : गर – 12:34 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : वणिज – 11:51 पी एम तक
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:36:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:24:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:40 ए एम से 05:31 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:05 ए एम से 06:21 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:38 ए एम से 12:23 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:54 पी एम से 02:39 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:40 पी एम से 06:06 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:40 पी एम से 06:56 पी एम
💧 अमृत काल : 08:04 पी एम से 09:38 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:36 पी एम से 12:26 ए एम, नवम्बर 17
❄️ रवि योग : 06:21 ए एम से 02:17 ए एम, नवम्बर 17
🌝 सूर्य गोचर- 16 नवंबर को देर रात 1 बजकर 19 मिनट पर
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में पीताम्बर चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – विनायक चतुर्थी/ महालय समाप्ति/ मुस्लिम जमादिल अव्वल मासारंभ/ भद्रा/मूल समाप्त, अंतर्राष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस, राष्ट्रीय प्रेस दिवस, भारत के प्रसिद्ध शटलर खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद जन्म दिवस, मशहूर शायर अकबर इलाहबादी जन्म दिवस, प्रसिद्ध भारतीय क्रांतिकारी करतार सिंह सराभा पुण्य तिथि, राष्ट्रीय पुस्तक दिवस (सप्ताह), नवजात शिशु दिवस (सप्ताह)
✍🏼 विशेष – तृतीया तिथि में नमक एवं चतुर्थी को मूली का दान तथा भक्षण दोनों त्याज्य माना गया है। चतुर्थी को मूली एवं तिल का दान तथा भक्षण दोनों त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला और आरोग्यकारी तिथि मानी जाती है। इसकी स्वामी माता गौरी और कुबेर देवता हैं, जया नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी जाती है।
🛕 Vastu tips 🗽
तिजोरी के पीछे न रखें झाड़ू सबसे पहले बात तिजोरी के पास या उसके पीछे रखी झाड़ू के बारे में। जिस तिजोरी या अलमारी में आप अपने पैसे या पूंजी रखते हैं और उसी के पीछे अगर झाड़ू भी रखते हैं तो यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है। ऐसा करने से धन में कमी होती है।
किचन में भूलकर भी न रखें दवाई इसके अलावा किचन में दवाई का बॉक्स रखना भी ठीक नहीं होता। इससे परिवार के सदस्यों की सेहत पर असर पड़ता है। उनके स्वास्थ्य में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
बाथरूम का दरवाजा रखें बंद साथ ही घर में बाथरूम व शौचालय के दरवाज़ों को आवश्यकता न होने पर खुला नहीं छोड़ना चाहिए। इन्हें यूज़ करने के बाद तुरंत बंद कर दें। अन्यथा इससे घर और बिजनेस में लगातार पैसों का नुकसान होता रहता है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
किशमिश का पानी पीने से फायदा
किशमिश का पानी पीने से नसों में जमा खराब कोलेस्ट्रॉल कम होता है। इससे शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है।
हफ्ते में 4 दिन किशमिश का पानी पीने से लीवर में बायोकैमिकल प्रोसेस शुरु हो जाता है, जिससे खून को तेजी से साफ करने में मदद मिलती है।
लिवर के लिए किशमिश का पानी बहुत फायदेमंद है। इससे लिवर तेज होता है और पाचन बेहतर होता है। किशमिश का पानी पीने से पेट में एसिड कम की मात्रा कम होती है।
किशमिश का पानी पीने से पेट बिल्कुल सही रहता है। इससे पाचन, गैस और अपच की समस्या खत्म हो जाती है। शरीर को एनर्जी मिलती है और हीमोग्लोबिन में सुधार आता है।
रोजाना किशमिश का पानी पीने से मोटापा तेजी से कम होता है। आप कुछ ही दिनों में अपने वजन में आसानी से फर्क देख पाएंगे। जो लोग किशमिश का पानी पीते हैं उनका हार्ट मजबूत बनता है।
☕ आरोग्य संजीवनी 🍵
दिल और दिमाग के लिए -सूखा नारियल खाने से हमारा दिमाग तेज होता है।हमारी स्मरण शक्ति बढ़ती है। वहीं यह हमारे दिल को भी मजबूत बनाता है।
बालों के लिए -नारियल सूखा हो या गीला दोनों ही रूप में खाना हमारे बालों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है।सूखा नारियल खाने से हमारे बाल झड़ने बंद हो जाते हैं और चमकदार बनते हैं।
हड्डियों के लिए-सूखा नारियल खाने से हमारी हड्डियों को भी ताकत मिलती है और उनमें आने वाली कट -कट की आवाज भी बंद हो जाती है।
सिर दर्द के लिए-सूखा नारियल खाने से जिन लोगों के सिर में दर्द रहता है उसमें यह बहुत ही लाभकारी होता है।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌸
आखिर क्यों द्रौपदी ने दिया घटोत्कच को शाप?
द्रौपदी ने घटोत्कच को इसलिए श्राप दिया क्योंकि घटोत्कच ने द्रौपदी को श्राप नहीं दिया। घटोत्कच भीम और हिडिम्बा का पुत्र था। जब घटोत्कच पहली बार अपने पिता भीम के राज्य में आये, तो उन्होंने अपनी माँ हिडिम्बा की आज्ञा का पालन किया। हिडिम्बा ने घटोत्कच को आदेश दिया कि वह द्रौपदी को नहीं देखेगा और उसे कोई सम्मान नहीं देगा।
घटोत्कच ने अपनी माँ के आदेश का पालन किया और द्रौपदी को नहीं देखा। उन्होंने द्रौपदी को कोई सम्मान भी नहीं दिया। यह देखकर द्रौपदी का मन आहत हुआ और उन्हें अपमानित महसूस हुआ। जिसके बाद द्रौपदी ने विनाशकारी घटोत्कच को यह श्राप दिया
हे घटोत्कच! मुझे सिखाया है। इसलिए जीवन बहुत छोटा होगा और तुम बिना किसी युद्ध के मारे जाओगे।
द्रौपदी का श्राप सही सिद्ध हुआ। घटोत्कच ने कौरव सेना के विरुद्ध युद्ध में बहुत वीरता प्रकट की। उसने कौरवों के कई योद्धाओं को मार डाला। लेकिन अंत में,कर्ण के बाणों से घायल होकर घटोत्कच मारा गया।
द्रौपदी ने घटोत्कच को यह श्राप दिया था क्योंकि वह एक स्त्री थी और उसका अपमान किया गया था। वह एक रानी भी थी और उसे अपने सम्मान की रक्षा करने का अधिकार था।
घटोत्कच का श्राप एक महत्वपूर्ण घटना थी। यह मौलिक है कि अफ़सर को भी सम्मान दिया जाना चाहिए।
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⚜️ तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है अन्यथा इस तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है। आज माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है। आज एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। आज भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये। देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है।
तृतीया तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर होता है अर्थात उनकी बुद्धि भ्रमित होती है। इस तिथि का जातक आलसी और मेहनत से जी चुराने वाला होता है। ये दूसरे व्यक्ति से जल्दी घुलते मिलते नहीं हैं बल्कि लोगों के प्रति इनके मन में द्वेष की भावना भी रहती है। इनके जीवन में धन की कमी रहती है, इन्हें धन कमाने के लिए काफी मेहनत और परिश्रम करना पड़ता है।


