ग्राम पंचायतो में गन्दगी की भरमार, स्वच्छता के अभाव में बढ़ रही बीमारियां

ग्रामीण क्षेत्रों में उल्टी दस्त, संक्रमण से लोग अधिक पीड़ित
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
कटनी। मध्यप्रदेश जिले के विधानसभा क्षेत्र 91 अंतर्गत आने वाले विभिन्न गांवों की साफ सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही हैं। देखा जाए तो केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई स्वास्थ्य सुरक्षा अब फोटो अपलोड करने तक रह गई हैं और वास्तविकता कुछ और बयान कर रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हमारे गांव में सफाई व्यवस्था बंद पड़ी हुई हैं। वही समस्याओं का समाधान अभी तक नहीं हो सका है। मुख्यालय में पदस्थ अधिकारियों की निष्क्रियता और लापरवाही के कारण ग्रामीणों का प्रशासन पर विश्वास कम होता जा रहा है। जब ग्रामीण अंचलों में हमारी टीम ने जाकर देखा तो जिले से लगे 130 गांव की तहसील कार्यालय ढीमरखेड़ा में अधिकत्तर गावों की साफ़ – सफाई व्यवस्था बंद मिली है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया। तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। गांव के लोग अब खुद ही इस समस्या का निदान हेतु प्रयास कर रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने मिलकर गांव की साफ़ – सफाई के लिए स्वयं ही निर्णय लिया है। हालांकि यह उपाय स्थायी समाधान नहीं है, लेकिन अस्थायी रूप से गंदगी की समस्या से राहत पाने का एक प्रयास सही है। इसके अलावा ग्रामीणों ने पंचायत अधिकारियों और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने की भी योजना बनाई गई है। ताकि उनकी आवाज सुनी जा सके और समस्या का समाधान हो सके।
सबसे खराब व्यवस्था धौरेसर गांव की – धौरेसर गांव की वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है। ग्राम पंचायत सचिव के घर के सामने ही कचरे का अंबार देखने को मिला। साथ ही पंचायत के अधिकारियों की अनियमितताएँ और प्रशासन की निष्क्रियता के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सफाई व्यवस्था के नाम पर राशि का आहरण तो हो रहा है, लेकिन वास्तविकता में कोई सुधार नहीं हो रहा है। गांव की गंदगी और साफ-सफाई की कमी के कारण स्वास्थ्य संबंधित समस्याएँ भी बढ़ रही हैं। ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रशासन को त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो गांव की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
तेजी से लोग उल्टी दस्त होने से बीमार पड़ रहे हैं और कुछ की मौत भी हो रही हैं।



