मध्य प्रदेश

अवैध खनन कर खोदे गड्ढों में गिरने से हुई मौतों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन

सड़क निर्माण एजेंसी के द्वारा किया जा रहा उत्खनन
लोक निर्माण, खनिज विभाग के अधिकारी मौन
प्रतापगढ़ से सेमराखास सड़क में जमकर किया जा रहा उत्खनन

सिलवानी।
इन दिनों सड़क निर्माण एजेंसियों द्वारा उत्खनन के निर्धारित मापदण्डों का उल्लंघन मनमाने तरीके से सड़क किनारे ही उत्खनन कर तालाबनुमा गड्ढ़े कर खुले छोड़ दिये जाते है जिनमें जानहानि की आषंका बनी रहती है। पिछले माह सिलवानी तहसील के ग्राम बाड़ादेवरी में सड़क निर्माण एजेंसी द्वारा अवैध उत्खनन कर किये गये गड्ढ़े में डूबने से तीन मासूमों की मौत गई थी, इसके बाद भी स्थानीय प्रषासन इन पर कार्यवाही करने से कतरा रहा है।
जानकारी के अनुसार प्रतापगढ़ से सेमराखास तक सड़क निर्माण किया जा रहा है। निर्माण एजेंसी द्वारा सड़क निर्माण के लिए जगह-जगह सड़क किनारे से ही अवैध उत्खनन किया जा रहा है। निर्माण एजेंसी द्वारा उत्खनन के नियमों को खुलेआम माखौल उड़ाया जा रहा है। नियमानुसार उत्खनन की लीज लेना होती है और उत्खनन के बाद उसका पुराव अथवा सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग की जाना चाहिये जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हो। ज्ञातव्य है कि 10 दिसंबर को तहसील के ग्राम बाड़ादेवरी में सड़क निर्माण द्वारा अवैध उत्खनन कर किये गये गड्ढ़े में डूबने से तीन मासूमों की मौत हो गई थी, इसके पहले भी विगत साल गैरतगंज के सर्रा गांव में अवैध खनन कर खोदे गए गड्ढों में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। ऐसा ही हादसा रायसेन जिले के हकीम खेड़ी गांव में हुआ था। इन हादसों में कई जानें गई, लेकिन प्रशासन ने आज तक अवैध खननकर्ताओं पर कार्रवाई नहीं की।
तहसील सिलवानी के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध उत्खनन कर खोदे गए गड्ढे लंबे समय बाद भी अब तक नहीं भर पाए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी दुर्घटनाएं होने के बाद भी आज भी क्षेत्र में दर्जनों तालाब खुले पड़े है। न तो पुरवाया गया है और न ही उनकी फैंसिंग की गई है। सिलवानी तहसील के बड़ी संख्या में गांवों में सड़क निर्माण करने एजेंसियो के द्वारा मटेरियल निकालने के लिए जगह-जगह अवैध उत्खनन कर बड़े-बड़े गड्ढे नुमा तालाब बना दिए हैं। जो पानी से लबालब हैं जो कभी भी आम लोगों की मौत का कारण बन सकते हैं। जनप्रतिनिधियों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में आक्रोष व्याप्त है। जानकारी के अनुसार अवैध खनन में षासकीय कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और सड़क ठेकेदार की संलिप्तता देखी जा रही है। संबंधित खनिज विभाग के अधिकारियों के निष्क्रियता के परिणाम स्वरूप खनन माफियाओं के हौसले बुलंद है।
होनी चाहिए तार फेसिंग
निर्माण एजेंसी द्वारा निर्माण कार्य के लिए जगह जगह खेतों एवं सरकारी भूमि से अवैध उत्खनन किया गया है जो बरसात के मौसम में खतरनाक हो सकते है। इन स्थानों से निर्धारित मापदण्ड के विपरीत बड़े-बड़े गड्ढ़े बन गये जिनमें अक्सर मवेषी और नागरिक गिर सकते है। और जानलेवा हो सकती है। नियमानुसार गड्ढ़ों के आसपास सुरक्षा की दीवार या तार फेसिंग करना चाहिये।

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