भारी ठंड में गरीबों का आशियाना तोड़ने प्रशासन का फरमान

न्याय के लिए भटक रहे वार्ड क्रमांक 2 के निवासी
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । मामला सिहोरा के वार्ड क्रमांक 2 हनुमान पहाड़ी का यहां लगभग ढाई सौ से 300 परिवार 40 से 50 वर्षों से निवासरत है उक्त भूमि सिहोरा निवासी सुरेंद्र मिश्रा की बताई जा रही है जिसे रहवासियों के परिवारों के बुजुर्गों (बाप दादा ) ने ली थी जिस पर शासन की योजनाओं का भी लाभ मिला था उक्त जमीन का खसरा नंबर 1358 रकवा 1.077 और 1359 रकवा 0.862 कुल भूमि 6 एकड़ 57 डिसमिल है ।
विगत दिवस शासन द्वारा एकाएक पहुंचकर यह जमीन शासकीय भूमि बातकर आशियाना खाली करने की धमकी दी गई है।
और कहा गया भूमि शासकीय है और यहां पर सरकारी क्वार्टर का निर्माण होना है।
आप स्वयं जल्द खाली करदे नही तो जेसीबी से आपके सारे मकान तोड़ दिए जाएंगे।
आश्चर्य की बात तो यह है कि प्रशासन को इतने समय बाद यह कैसे याद आई की है भूमि शासकीय है।
आपको बता दें कि इसी भूमि पर शासन की मंसा अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना से भी यहां के स्थानीय नागरिकों को लाभान्वित किया गया।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि अगर यह सब शासकीय भूमि होती तो शासन प्रशासन मूलभूत सुविधाएं क्यों दे रहा था जबकि हमारे द्वारा सिहोरा नगर पालिका वित्त विभाग के द्वारा हमसे जलकर भवन कर प्रकाश कर नाली का सफाई कर एवं शासन की जो भी मूलभूत सुविधाएं दी जा रही थी उन सभी का भुगतान हमारे द्वारा किया जा रहा था ।
नागरिकों ने आरोप लगाते हुए बताया कि शासन उस समय कहां था जब पीएम आवास एवं पट्टा वितरित की जा रहे थे ।
सैकड़ो की संख्या पर पहुंचे विधायक कार्यालय
मंगलवार को स्थानीय विधायक संतोष बड़करे को उनके विधायक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया गया जिस पर विधायक ने निष्पक्ष न्याय का आश्वासन दिया।



