धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग सोमवार, 29 सितम्बर 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 29 सितम्बर 2025
29 सितम्बर 2025 दिन सोमवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष कि सप्तमी तिथि है। आज दुर्गा सप्तमी का दिन है। आज माता कालरात्रि का दिन है। आज माता कालरात्रि की विशिष्ट पूजा से अतुलनीय लाभ उठाने का दिन है, आज अर्द्धरात्रि अपने घर में ही माता की विशिष्ट पूजा करके आप अपनी मनोवांछित मनोकामनाओं की पुर्ति कर सकते हैं। आज के दिन ही पत्रिकाप्रवेशनम् अर्थात सार्वजनिक स्थानों पर सभी पूजा पंडालों में माता की बड़ी – बड़ी प्रतिमाएं स्थापित की जाएगी। इससे माता के प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा करना अर्थात स्थापित करना भी कहा जाता है। अथवा घर में भी कुल देवी की पूजा भी विधिवत कर सकते हैं। आज सोमवार को माता गज यानी हाथी पर सवार होकर आती है। और माता का हाथी पर सवार होकर आना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे सुन्दर वृष्टि और सम्पन्नता का योग बनता है। आज मूल नक्षत्र में माता सरस्वती देवी का भी विधिवत आह्वान और पूजन किया जाता है। क्योंकि तन्त्र साधना में इसे बहुत ही सहायता मिलती है। आप सभी सनातनियों को “माता कालरात्रि की विशिष्ट पूजा, महानिशा पूजा एवं माता अन्नपूर्णा के परिक्रमा ” की हार्दिक शुभकामनाऐं।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
👸🏻 शिवराज शक 352 प्रारम्भ
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
☂️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
⛈️ मास – अश्र्विन मास प्रारंभ
🌓 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📅 तिथि – सोमवार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि 04:32 PM तक उपरांत अष्टमी
✏️ तिथि स्वामी – सप्तमी के देवता हैं चित्रभानु। सप्तमी तिथि को चित्रभानु नाम वाले भगवान सूर्यनारायण का पूजन करने से सभी प्रकार से रक्षा होती है। यह मित्रवत, मित्रा तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र मूल 06:17 AM तक उपरांत पूर्वाषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी – मूल नक्षत्र के निऋति देवता हैं, जो विनाश और अंधकार की देवी हैं, और इस नक्षत्र के स्वामी केतु ग्रह हैं।
⚜️ योग – सौभाग्य योग 01:00 AM तक, उसके बाद शोभन योग
प्रथम करण : वणिज – 04:31 पी एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 05:23 ए एम, सितम्बर 30 तक बव
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ *दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें। 🤖 *राहुकालः- आज का राहु काल 08:26:00 A.M से 09:39:00 A.M बजे तक* 🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:13:00_
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:56:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:37 ए एम से 05:25 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:01 ए एम से 06:13 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:47 ए एम से 12:35 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:11 पी एम से 02:58 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:09 पी एम से 06:33 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 06:09 पी एम से 07:22 पी एम
💧 अमृत काल : 11:15 पी एम से 01:01 ए एम, सितम्बर 30
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:47 पी एम से 12:36 ए एम, सितम्बर 30
🚓 यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शिवजी का दुग्धाभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – महालक्ष्मी पूजन/ सरस्वती आह्वान/ आयंबील ओली प्रारम्भ (जैन)/ दुर्गापूजा आरम्भ (बंगाल)/ पम्पकिन (कद्दू) दिवस, माइकल मास दिवस, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बृजेश मिश्र जन्म दिवस, लेखिका मीना काकोदकर जन्म दिवस, राष्ट्रीय वीएफडब्ल्यू दिवस, विश्व हृदय दिवस, राष्ट्रीय कॉफ़ी दिवस (National Coffee Day), शहरी वन्यजीव शरण दिवस (Urban Wildlife Refuge Day)
✍🏼 तिथि विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
🏚️ Vastu tips 🏘️
घर में ब्रह्मकमल लगाने के लाभ
*कहते हैं ब्रह्मकमल को घर पर लगाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने के साथ-साथ सुख-समृद्धि में भी वृद्धि होती है। इसकी दुर्लभता और अल्प समय तक खिलने की क्षमता इसे दिव्य और रहस्यमयी बनाती है। कहते हैं जो कोई भी इस फूल के एक बार दर्शन कर लेता है उसकी किस्मत चमक उठती है। इसे घर में रखने से मानसिक शांति मिलने के साथ प्रेम और सौंदर्य में भी वृद्धि होती है। ज्योतिष के अनुसार जब यह दुर्लभ फूल किसी के घर में खिलता है, तो उस परिवार के लोगों की किस्मत चमक जाती है और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है। ये फूल शनि और राहु-केतु के अशुभ प्रभावों को भी कम करता है ❇️ *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️ यह सिर्फ एक घरेलू उपाय आपकी मांसपेशियों को मजबूत करेगा, नसों को ताकत देगा, नींद बेहतर करेगा और पूरे दिन जोश बनाए रखेगा। सबसे खास बात – यह फार्मूला साल के 12 महीने लिया जा सकता है। ना ये बहुत गर्म है, ना बहुत ठंडा।
🪄 फार्मूला बनाने की सामग्री
खसखस (Poppy Seeds) – 1 छोटा चम्मच (4-5 ग्राम)
👉 कैल्शियम और जिंक से भरपूर, मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूती देता है, नसों को आराम देता है।
भीगे हुए बादाम – 5 नग (रातभर पानी में भिगोए हुए)
*👉 हेल्दी फैट्स और विटामिन E से समृद्ध, ऊर्जा बढ़ाता है और सूजन कम करता है। *मिश्री – 1 छोटा चम्मच* *👉 ताजगी, पाचन शक्ति और शांति देती है। (यदि शुगर है तो मिश्री न डालें)
*🥛 विधि (तैयारी और सेवन का तरीका)*
1️⃣ रात में खसखस और बादाम को पानी में भिगो दें।
*2️⃣ सुबह बादाम छील लें और खसखस के साथ बारीक पीस लें।_l *_3️⃣ इसमें मिश्री मिलाएं।*
*4️⃣ आधा गिलास गुनगुना दूध लें (ज्यादा गर्म नहीं) और इस मिश्रण को मिलाकर पी लें। *👉 रोज़ सुबह नाश्ते के बाद इसका सेवन करें।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
⚡ दाद बार-बार क्यों होता है?
*
भारत का गर्म और नमी वाला मौसम फंगल इन्फेक्शन के लिए सबसे बड़ा कारण है। स्किन पर ज्यादा पसीना, गीलापन या टाइट कपड़े पहनने से फंगस तेजी से बढ़ता है। लोग अक्सर केमिकल क्रीम्स का इस्तेमाल करते हैं, जो कुछ समय तक असर दिखाते हैं, लेकिन जड़ पर काम न करने के कारण दाद फिर से हो जाता है।
*🌱 घरेलू नुस्खा – नीम, हल्दी और नारियल तेल* *यह नुस्खा आयुर्वेदिक ग्रंथ चरक संहिता में वर्णित गुणों पर आधारित है। यह न केवल फंगस को खत्म करता है, बल्कि स्किन को पोषण देकर दोबारा दाद होने से भी बचाता है।
*सामग्री:*
नीम पाउडर – 1 टेबल स्पून(चमच)
हल्दी पाउडर – 1 टीस्पून
नारियल तेल – आवश्यकतानुसार
🤷🏻‍♀️ विधि:
*नीम और हल्दी पाउडर को अच्छे से मिलाएं। *धीरे-धीरे नारियल तेल डालकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें।
*संक्रमित हिस्से को गुनगुने पानी से धोकर सुखाएं। *इस पेस्ट को 30 मिनट तक लगाकर छोड़ दें, फिर हल्के गुनगुने पानी से धो लें।
*👉 यह प्रक्रिया दिन में दो बार करें—सुबह और रात। रात में चाहें तो इसे थोड़ी देर और लगा रहने दें। 📖 *गुरु भक्ति योग* 🕯️ काली माँ की चुनौती
*
अपने दिव्य लोक से, दिव्य क्रोध की प्रचंड अवतार, काली माँ ने हनुमान को देखा। वह दुष्टों के खंडहरों पर नाचती हुई, दुष्टों की विभीषिकाओं पर नाचती हुई, खोपड़ियों से सजी उनकी भयानक आकृति, काल के अंत के प्रकोप से चमकती उनकी तलवार। फिर भी हनुमान अविचल थे, उनकी भक्ति बढ़ते अंधकार में एक अमिट ज्वाला थी।
*क्या सबसे भक्त भी विचलित हो सकता है? काली माँ ने सोचा। या क्या राम के प्रति उनका प्रेम सचमुच भय से परे है?_l *एक रात, जब हनुमान गहन ध्यान में बैठे थे, काली माँ अपने पूरे भयानक तेज के साथ उनके सामने प्रकट हुईं, उनका काला रूप दीप्तिमान, आँखें धधक रही थीं, तलवार मानो प्रहार करने के लिए उठी हुई थी।
*“हनुमान!” उनकी आवाज़ गरजने जैसी थी। “मेरे सामने झुको, या नष्ट हो जाओ!” फिर भी हनुमान अविचल रहे, उनकी आँखें बंद थीं, उनके होंठ धीरे से राम का नाम ले रहे थे। *क्रोधित होकर, काली ने अपनी शक्ति प्रकट की: पृथ्वी फट गई, आग उगलने लगी। हवा खोई हुई आत्माओं की पीड़ा भरी चीखों से भर गई।
*स्वयं राम के भ्रम प्रकट हुए, हनुमान को उनकी भक्ति से विमुख करने का प्रयास कर रहे थे। *पर हनुमान केवल मुस्कुराए। “राम मेरे भीतर निवास करते हैं। कोई भी युक्ति मुझे उनसे अलग नहीं कर सकती।”
*पवित्र घंटियों की झंकार जैसी आनंदमय हँसी के साथ, काली ने अपना क्रोध वापस ले लिया। उनका भयानक रूप एक सौम्य आभा में विलीन हो गया। *“हे पराक्रमी वानर, तुमने विजय प्राप्त की है,” उन्होंने घोषणा की। “सृष्टि की कोई भी शक्ति ईश्वरीय प्रेम में निहित हृदय को स्पर्श नहीं कर सकती। आज से, तुम कलियुग के रक्षक, इस अंधकार युग में राम को पुकारने वालों की ढाल बनोगे।”
*_हनुमान ने विनम्रतापूर्वक प्रणाम किया। “माँ, आपकी परीक्षा ने मेरे विश्वास को और भी गहरा कर दिया है। आपकी प्रचंड कृपा संसार को पवित्र करे, और आपके भक्त सदैव निर्भय होकर चलें।”
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⚜️ सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।

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