शहर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को आखिर कौन सुधारे, पुलिस प्रशासन, जिला परिवहन विभाग के अधिकारी बने खामोश
नगर की सड़कों पर जब तब लग जाता है जाम, जाम में फंसे लोगों को आवागमन में होती है परेशानी
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। लंबे अरसे से रायसेन सिटी की ट्रैफिक व्यवस्था इन दिनों बेलगाम हो चुकी है। जिससे लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शहर में 53 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे फोरलेन सड़क चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण कार्य ठेकेदार इंद्रपाल सिंह जिंदल द्वारा बेहद सुस्त रफ्तार से चल रहा है। जिससे आमजनों सहित वाहन चालकों को आए दिन वाहन गुजरने में जिल्लत उठानी पड़ रही है।
शुक्रवार को दोपहर इंडियन चौराहे पर नाला गहरीकरण के दौरान ठेकेदार जिंदल की एक जेसीबी मशीन फंस गई थी। काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर खींचा जा सका। इंडियन चौराहे निवासी सलमान खान, मयंक राठौर, सुमित गोलू यादव, राजेन्द्र कन्नौजिया, छोटू कन्नौजिया, गौरव चौबे, अमन शर्मा आदि लोगों की शिकायत है कि फोरलेन सड़क चौड़ीकरण धीमी गति से चल रहा है।निर्माण कार्य में अगर थोड़ी रफ्तार बढ़ा दी जाए तो काम जल्द से जल्द पूर्ण हो जाएगा। वैसे भी बिगड़ी यातायात व्यवस्था सुधारने की जबावदारी शहर ट्रैफिक अव्यवस्था सिटी ट्रेफिक पुलिस और जिला परिवहन विभाग की है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ही इस काम के प्रति उदासीन बने हुए हैं।
इस सम्बंध में गोविंद प्रसाद मेहरा सिटी ट्रैफिक व्यवस्था प्रभारी रायसेन का कहना है कि समय समय पर शहर में ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन कराने वाहन चालकों पर जुर्माने की कार्यवाही की जाती है। एक बार फिर से बेलगाम यातायात सिस्टम को सुधारने के लिए वाहनों की विशेष चैकिंग अभियान चलाया जाएगा।



