प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त के नाम पर वसूली का आरोप

हितग्राही ने पंचायत सचिव पर लगाए गंभीर आरोप
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह। जिले की जनपद पंचायत दमोह अंतर्गत ग्राम पंचायत दसोंदा के गांव जुझारघाट में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। गांव के एक हितग्राही ने पंचायत सचिव पर प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त जारी करने के एवज में रुपये मांगने का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है और प्रशासन से जांच की मांग उठने लगी है।
पीड़ित हितग्राही अर्जुन सिंह लोधी पिता लाल सिंह लोधी ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए नींव का कार्य पूरा कर लिया था। इसके बाद उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव गोविंद अहीरवाल से स्थल स्वीकृति और दूसरी किस्त जारी करने की बात कही। आरोप है कि सचिव ने “खर्चा-पत्ता” लगने की बात कहते हुए पहले 20 हजार रुपये की मांग की। हितग्राही द्वारा असमर्थता जताने पर कथित रूप से 10 हजार रुपये में बात तय हुई।
हितग्राही का आरोप है कि सचिव ने मकान निर्माण स्थल की फोटो लेने के बाद दो दिन के भीतर रुपये देने का दबाव बनाया। इसी बीच परिवार में स्वास्थ्य संबंधी समस्या आने के कारण वह पूरी राशि की व्यवस्था नहीं कर सका। आरोप के मुताबिक, समय बीतने के बाद पंचायत का चपरासी रामसू उर्फ रमेश रैकवार उसके घर पहुंचा और 5 हजार रुपये लेकर चला गया। साथ ही शेष राशि जल्द देने का दबाव भी बनाया गया।
पीड़ित का कहना है कि पूरी रकम नहीं देने के कारण अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त जारी नहीं की गई है। गांव में सड़क सुविधा नहीं होने से बरसात के दौरान निर्माण सामग्री पहुंचाने में भी परेशानी होगी, जिससे अधूरा मकान और परिवार की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।
सोशल मीडिया पर चर्चा के बाद बढ़ा विवाद
हितग्राही ने बताया कि हाल ही में तेजगढ़ ग्राम पंचायत में रिश्वत लेते पकड़े गए एक सचिव का मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में था। इसी का जिक्र जब उसने ग्राम पंचायत दसोंदा के सचिव से किया तो सचिव कथित रूप से नाराज हो गया। पीड़ित का आरोप है कि सचिव ने उससे अभद्र भाषा में बात करते हुए पंचायत आने की बात कही।
पीड़ित ने आशंका जताई है कि यदि उसे किसी प्रकार की परेशानी या नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित पंचायत सचिव की होगी।
ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
मामले को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, लेकिन यदि पंचायत स्तर पर रिश्वत और लेनदेन का खेल चलता रहा तो जरूरतमंद लोगों तक योजना का लाभ नहीं पहुंच पाएगा।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि गरीब हितग्राहियों को बिना किसी दबाव और रिश्वत के शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।



