हरदुआ हार में राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का आरोप, दो माह बाद भी कार्रवाई नहीं

श्मशान-कब्रिस्तान की भूमि में ‘मद परिवर्तन’ पर ग्रामवासी आक्रोशित
छावनी भूमि से अवैध कब्जा न हटने पर भी सवाल
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। राजस्व निरीक्षक मंडल स्लीमनाबाद के अंतर्गत हरदुआ हार की पटवारी हल्का संख्या 61/14 के खसरा नंबर 53 के भूमि रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। सरपंच सहित ग्रामीणों ने लगभग दो माह पूर्व जिला कलेक्टर, कटनी को ज्ञापन सौंपकर जाँच और कार्रवाई की मांग की थी, मगर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 1989 से 2012 तक खसरा और मिसल में यह 0.40 हेक्टेयर भूमि स्पष्ट रूप से श्मशान और कब्रिस्तान के रूप में दर्ज थी। लेकिन 2012 के बाद रिकॉर्ड में
परिवर्तन करते हुए 2014-2021 तक इसे शासकीय मद में दिखाया गया। बाद में वर्ष 2021-2022 में इसे वापस कब्रिस्तान के रूप में दर्ज कर दिया गया, जिससे मद परिवर्तन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना प्रक्रिया के शासकीय भूमि का मद परिवर्तित करना राजस्व विभाग की गंभीर लापरवाही या मिलीभगत का संकेत है। उनका कहना है कि जिस कर्मचारी या अधिकारी ने रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की है, उस पर 420 का मुकदमा दर्ज होना चाहिए । संगीता महोबिया (सरपंच), गुड्डन, अशोक कुमार, राजू गुप्ता, रतन गुप्ता, सनत गुप्ता, सुधीर जैन, मनोज तिवारी सहित कई ग्रामीणों ने दो माह पहले ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कार्रवाई और भूमि को श्मशान तथा कब्रस्तान के रूप में ही दर्ज रखने की मांग की थी। लेकिन समस्या का अब तक निराकरण न होने से जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है। छावनी की परिवर्तन करते हुए 2014 से 2021 तक इसे शासकीय मद में दिखाया गया। बाद में वर्ष 2021-2022 में इसे वापस कब्रिस्तान के रूप में दर्ज कर दिया गया, जिससे मद परिवर्तन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना प्रक्रिया के शासकीय भूमि का मद परिवर्तित करना राजस्व विभाग की गंभीर लापरवाही या मिलीभगत का संकेत है । उनका कहना है कि जिस कर्मचारी या अधिकारी ने रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की है, उस पर 420 का मुकदमा दर्ज होना चाहिए ।
*भूमि से अवैध कब्जा अब तक नहीं हटा*
इसी मंडल के खसरा 54 (रकबा 2.72 हेक्टेयर ) स्थित छावनी की शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत भी लगभग एक माह पूर्व विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल एवं ग्रामीणों द्वारा की गई थी। कलेक्टर द्वारा जांच टीम गठित की गई, राजस्व अमले ने नाप जोख कर रिपोर्ट भी भेज दी, गई लेकिन अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई अब तक लंबित है। इससे ग्रामीणों में चर्चा है कि जब नाप जोख में कब्जा सिद्ध हो चुका है, तो प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा? ग्रामीणों ने पुनः जिला कलेक्टर से आग्रह किया है कि मद परिवर्तन करने वाले जिम्मेदार पर सख्त कर्मचारी/अधिकारी पर कार्रवाई हो, श्मशान कब्रिस्तान की भूमि यथावत दर्ज की जाए, और छावनी की भूमि को तत्काल कब्जामुक्त कराया जाए। जनता की नाराजगी प्रशासन के त्वरित निर्णय की मांग कर रही है।
*विहिप बजरंग दल हिन्दुओं को लेकर करेगा आंदोलन*
इस पूरे अतिक्रमण के मामले को लेकर आगामी समय में विहिप बजरंग दल का एक एक कार्यकर्ता हिंदू के साथ सड़क पर उतरेगा और चक्काजाम उग्र प्रदर्शन जैसे आंदोलन करने को बाध्य होगा विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बताया कि पूर्व में एक बार सीमांकन को लेकर अल्टीमेटम दिया गया था जिसके आधार पर जिला टीम ने सीमांकन किया अवैध कब्जा भी मुस्लिम समुदाय का मौके पर पाया गया टीम के प्रतिवेदन के बाद भी सैनिक छावनी की जमीन पर अतिक्रमण बरकरार होना प्रशासन की नाकामी है इस पूरे मामले को लेकर विहिप ने प्रशासन को खुली चुनौती दी है कि अगर जल्द से जल्द समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो विहिप बजरंग दल आगामी समय में जिला कलेक्टर कटनी को एक अल्टीमेटम सौंप कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने की अपील करेगा यदि निर्धारित समय सीमा पर भूमि अतिक्रमण मुक्त नहीं हुई तो विहिप बजरंग दल बड़ा आंदोलन करेगा।



