घोड़े के साथ वाहनों के किराया में भी इजाफा बजने लगी शहनाई, महंगा पड़ रहा बैंड-बाजा

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से प्रति किमी बढ़ाए दो से तीन रुपए किराया भी बढ़ा
सिलवानी। 15 अप्रैल से शहनाई बनजे लगी है जो आने वाले चार माह तक जारी रहेगा। अप्रैल के साथ ही मई, जून, जुलाई में भी वैवाहिक मुहूर्त हैं। कोरोना काल से राहत के बाद अभिभावक अपने बच्चों की शादी धूमधाम से कराना चाहते हैं। लेकिन रसोई गैस सिलेंडर, सब्जी, तेल आदि की कीमतों से बढ़े थाली के खर्च से परेशान हैं। तो वहीं बैंड, बाजा के साथ बारातियों को ले जाना भी महंगा पडने लगा है। डीजल और अन्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से शादी के बजट में 10 से 15 फीसदी का इजाफा हो गया है। कैटर्स राहुल साहू का कहना है कि गैस सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी कर दी गई है। एक टिन रिफाइंड ऑयल जो 1600 से 1800 रुपए में था, वह 2500 के पार हो गया है। सरसों के तेल की कीमतें नई फसल आने के बाद भी लगातार बढ़ रही हैं। दूध, दही, पनीर, क्रीम से लेकर सब्जी तक की कीमतों में एक महीने के अंदर 15 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हो गई है। गौरतलब है कि शादियों का सीजन चैत्र शुक्ल चतुर्दशी से शुरू हो गया है। इसके बाद देवशयनी एकादशी 9 जुलाई तक विवाह समारोह चलेंगे। शादियों को देखते हुए बाजार में खासी रौनक बढ़ गई है। मैरिज गार्डन के दाम तो नहीं बढ़े, लेकिन बैंड बाजा, घोड़े और बाहर ट्रेवल्स के दामों में खासा उछाल आ गया है। दस रुपए प्रति किमी के हिसाब से वृद्धि हो गई है।
बिना पाबंदी के मांगलिक कार्य
अच्छे मुहूर्त के दौरान गृह प्रवेश, गृह निर्माण, उपनयन, मुंडन और देव प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ कार्य हो सकेंगे। नए सीजन में शादियों की तैयारियों को लेकर बाजारों में रौनक दिख रही है। लोग परिवार के साथ खरीदारी कर रहे हैं। दो साल तक बार बार लगे कोरोना प्रतिबंधों और संक्रमण काल के बाद अब शादी विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य बिना पाबंदी के शुरु होने जा रहे हैं।
जुलाई तक ये रहेंगे विवाह मुहूर्त
विवाह मुहूर्त 16 अप्रैल 17 ,18, 19, 20, 21, 22, 23, 27 मई – 2, 3, 4, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 24, 25, 26, 31 जून- 1, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14 , 15, 16, 17, 21, 22, 23 जुलाई- 2, 3, 4,5, 6, 7, 8, 9।
व्यापारियों के चेहरे खिले
शादियां धूमधाम से करने की सोच रहे हैं, तो महंगाई भी झेलना होगी। क्योंकि कोरोना की पाबंदियां हटाने के बाद वाहन, घोड़ी, बैंडबाजे, फोटोग्राफर सहित हलवाई, टेंट, मैरिज गार्डन, कैटरिंग से जुड़े व्यवसाय में एकाएक उछाल दिख रहा है। सबसे अधिक प्रभावित शादी समारोह के चलते बाजार में कपड़े, बर्तन, जेवर, सजावट, खाद्य सामग्री, टेंट, फूल माला सहित अन्य दुकानों पर सामान की बिक्री एकाएक बढने से बाजार में रौनक से व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं। बढ़ते व्यापार के साथ ही लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलना शुरू होने लगा है।



