छानी के नीचे गढ्डे खोदने एवं अनाधिकृत अतिक्रमण कर कब्जा करने का जन सुनवाई में आवेदन

सिलवानी। तहसील के ग्राम नीगरी निवासी परसराम सेन रायसेन कलेक्टर को जन सुनवाई में आवेदन देकर बताया कि उनके मकान की छानी के नीचे गढ्डे खोदने एवं अनाधिकृत अतिक्रमण कर कब्जा करने, गाली-गलौच करने, जान से मारने की धमकी दिये जाने एवं झूठे कैसो में फंसाने की धमकी देने के उल्लेख किया है।
परसराम सेन ने बताया कि उनके नाम पर एक पुराना कच्चा मकान ग्राम नीगरी में है जिसमें मेरे द्वारा मवेशीयो को बांधा जाता एवं भूसा ‘भरा जाता है, उक्त मकान मेरे रहवासी मकान से लगकर है।
मेरे पड़ौस में रहने वाले ब्रजेश सेन आ. श्यामलाल निवासी नीगरी द्वारा मेरे मवेशी वाले मकान की छानी के नीचे गढ्डे खोद कर, अनाधिकृत अतिक्रमण कर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है, यदि अनावेदक द्वारा गढ्डे खोदकर पिलर खड़े कर लिये जाते है तो बरसात का पानी रूक जायेगा और मेरा मकान खिसलकर गिर जायेगा तथा मवेशीयों को भी परेशानी हो जायेगी। तथा गंदे पानी की पाइप भी छानी के नीचे से डालने की धमकी दे रहा है और शांति से समझाने पर भी नहीं मान रहा है वहीं पर देवी की मढ़िया है उसके पास भी गंदगी को फैलाने की धमकी दे रहा है। उक्त अनावेदक द्वारा पूर्व में भी शासकीय जगह पर कब्जा करके उसे बैच दिया गया था। इस प्रकार यह ब्रजेश सेन आदतन शासकीय भूमियो पर अनाधिकृत कब्जा करने वाला व्यक्त्ति है और इस प्रकार ब्रजेश सेन मेरे द्वारा मना करने पर गाली-गलौच भी करता है जिससे परिशांति भंग हो सकती है। उक्त ब्रजेश सेन द्वारा मुझे जान से मारने की धमकी दी गई है एवं वह मुझे झूठे कैसो में भी फंसा सकता था तथा उसके द्वारा यह भी कहा गया है कि जो बन पड़े सो कर लो कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता है, 5-10 लाख जितने रूपये लगेंगे मैं खर्च कर दूगां, मैने भोपाल, जबलपुर आदि सब देखा
शासकीय नाली ग्राम पंचायत द्वारा स्वीकृत है, उससे लगाकर गढ्डे खोदने के कारण भविष्य में नाली निर्माण में बाधा आयेगी इस कारण इस प्रकार के गढडे खोदने पर रोक लगाई जावे। अनावेदक ब्रजेश सेन कोई भी अप्रिय घटना को कारित कर संकता है।
अनावेदक ब्रजेश सेन को उक्त मेरे मकान की छांनी के नीचे गढडे खोदने एवं अनाधिकृत अतिक्रमण कर कब्जा करने से रोका जावे, जान से मारने की धमकी देने, झूठे कैसो में फंसाने की धमकी देने के सबंध में कार्यवाही की जावे एवं मेरे जान-माल की रक्षा की जावे, कृपा होगी।



