गुटोरी से वनाग्नि जागरूकता अभियान की शुरुआत, ग्रामीणों को दिलाई शपथ
सिलवानी । अंचल के ग्राम पंचायत चैनपुर के ग्राम गुटोरी में जंगलों को आग से बचाने के उद्देश्य से जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। वन विभाग के तत्वाधान में आयोजित इस अभियान के तहत मंगलवार को ग्राम गुटोरी में बैठक एवं गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों को वनाग्नि के दुष्प्रभावों और जंगलों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
गोष्ठी में ग्रामीणों ने खुलकर वन प्रबंधन और वनाग्नि से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष पप्पू ठाकुर ने कहा कि उनकी ग्राम पंचायत इस क्षेत्र की सबसे बड़ी वन पंचायतों में से एक है, जो लगभग पांच बीटों में कई वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। इतने बड़े वन क्षेत्र की निगरानी करना ग्रामीणों के लिए आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार वन विभाग से वन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए चौकीदारों की मांग की गई है, जिस पर विभाग द्वारा आश्वासन दिया गया है।
वन समिति अध्यक्ष चौहान सिंह एवं वन रक्षक राजकुमार दुबे ने ग्रामीणों को वनों की सुरक्षा और प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वनों के संरक्षण और प्रबंधन की मुख्य कड़ी गांव के ग्रामीण ही हैं। वन समिति और वन रक्षक अपने दैनिक कार्यों के साथ-साथ कई हेक्टेयर में फैले जंगलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं, जिससे उनके रोजगार और आजीविका पर भी प्रभाव पड़ता है।
ग्राम गुटोरी के ग्रामीणों ने भी सुझाव दिया कि वन विभाग को समय-समय पर इस प्रकार की गोष्ठियों का आयोजन करते रहना चाहिए, ताकि विभाग और ग्रामीणों के बीच संवाद बना रहे और वनाग्नि जैसी समस्याओं पर मिलकर कार्य किया जा सके।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष पप्पू ठाकुर ने भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस जागरूकता बैठक का मुख्य उद्देश्य वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें वनाग्नि के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। साथ ही यह भी समझना है कि ग्रामीणों के अनुसार वनाग्नि के लिए प्राकृतिक कारण अधिक जिम्मेदार हैं या मानव जनित कारण, तथा स्थानीय स्तर पर इसके समाधान के क्या उपाय हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि ग्राम स्तर पर बनाए गए वनाग्नि रोधी संगठनों की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी और निष्क्रिय पड़े संगठनों को सक्रिय किया जाएगा। गोष्ठी में समाजसेवी पप्पू ठाकुर ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि जंगलों को आग से बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। यदि जंगल नहीं रहेंगे तो मानव जाति का अस्तित्व भी संकट में पड़ जाएगा।
बैठक के दौरान ग्रामीणों को जंगलों को आग से बचाने की शपथ भी दिलाई गई। साथ ही यह भी बताया गया कि क्षेत्र के अन्य गांवों में भी इसी प्रकार की बैठकें आयोजित कर व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष पप्पू ठाकुर, मनसाराम पटेल, वन समिति अध्यक्ष चौहान सिंह, वन रक्षक राजकुमार दुबे, गिलान सिंह (मेंबर), चंद्रराज, अशोक सहित वन समिति के अन्य सदस्य और ग्रामीण उपस्थित रहे।



