ज्योतिष

हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत् 2079 का आरंभ: विक्रमी नव संवत्सर के राजा शनि इसलिए महंगाई बढ़ेगी

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में रहेगी उथल-पुथल
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन।
इस वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा शनिवार को हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत् 2079 का आरंभ हो चुका है । नवसंवत्सर के राजा शनि होंगे और मंत्री गुरुदेव बृहस्पति। शास्त्रों के अनुसार जिस वार को नवसंवत्सर का आरंभ होता है, उस वार का अधिपति ग्रह वर्ष का राजा कहलाता है।
धर्मशास्त्री पण्डित ओमप्रकाश शुक्ला राममोहन कृष्ण मोहन चतुर्वेदी ने बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन ही वासंती नवरात्र का प्रथम दिन होता है, चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा 1 अप्रैल को सुबह 11 बजकर 53 मिनट से प्रारंभ होकर 2 अप्रैल को पूर्वाह्न 11 बजकर 58 मिनट पर समाप्त होगी। उदित तिथि के अनुसार नव संवत्सर 2 अप्रैल से मनाया जाएगा।
ज्योतिर्विद पं. मुकेश भार्गव के मुताबिक, इस नव संवत्सर 2079 का राजा शनि होने के चलते जनता में शासकों के प्रति अविश्वास में वृद्धि देखने को मिल सकती है। नववर्ष में न्याय का शिकंजा मजबूत होने के चलते अपराधियों को दंड देने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। इसके अलावा इस दौरान पश्चिमी और मध्यपूर्व एशिया देशों में संघर्ष की स्थिति भी निर्मित होती दिख रही है। ऐसे में अनेक वस्तुओं पर महंगाई की मार पड़ती देखी जा सकती है।
सत्ताधारी दल के शीर्ष नेतृत्व को अनहोनी घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है….
प्रतिपदा तिथि 1 अप्रैल के दिन 11 बजकर 53 मिनट पर वर्ष कुंडली के अनुसार पूर्वी क्षितिज पर मिथुन लग्न का उदय हो चुका है। तदनुसार मृत्यु स्थान यानी अष्टम भाव में छठे स्थान (हिंसा और रोग) भाव के स्वामी मंगल तथा आठवें घर के अधिपति शनि की युति बेहद अशुभ योग बना रही है। इससे केंद्र में सत्ताधारी दल के शीर्ष नेतृत्व को अनहोनी घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है.इससे राजनीतिक अस्थिरता का वातावरण निर्मित हो सकता है। केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में बड़े परिवर्तन होने का योग है। आम जनता रोग और अर्थव्यवस्था में भारी उतार-चढ़ाव की वजह से परेशान होगी। विश्व के अनेक देशों में विस्फोटक घटनाएं, आतंकी गतिविधियां, तख्तापलट और गृहयुद्ध जैसी स्थिति बनेगी। मुस्लिम बहुल पश्चिम एशिया के देशों में धार्मिक विषयों को लेकर जन आंदोलन की स्थिति हो सकती है। इससे यूरोपीय देश, रूस और अमेरिका भी प्रभावित होंगे। इससे बहुत से लोगों को अपने घर से विस्थापित होना पड़ सकता है।

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