धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शनिवार, 07 दिसम्बर 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 07 दिसम्बर 2024
07 दिसम्बर 2024 दिन शनिवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष कि षष्ठी तिथि है। आज की षष्ठी को श्रीस्कंदषष्ठी व्रत होता है। आज की इस षष्ठी को महाराष्ट्र में चम्पाषष्ठी के रूप में मनाया जाता है अर्थात आज महाराष्ट्रा में चम्पाषष्ठी का पावन व्रत है। आज की इस षष्ठी को मूलकरूपिणीषष्ठी अर्थात मुलकषष्ठी भी कहा जाता है। इतना ही नहीं आज की इस षष्ठी को गुहषष्ठी भी कहा जाता है। आज रवियोग भी है। आप सभी सनातनियों को “श्रीस्कंदषष्ठी या चम्पाषष्ठी के पावन व्रत” की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाइयाँ।।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351_

☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : शनिवार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि 11:06 AM तक उपरांत सप्तमी
🖍️ तिथी स्वामी – षष्ठी के देता हैं कार्तिकेय। इस तिथि में कार्तिकेय की पूजा करने से मनुष्य श्रेष्ठ मेधावी, रूपवान, दीर्घायु और कीर्ति को बढ़ाने वाला हो जाता है। यह यशप्रदा अर्थात सिद्धि देने वाली तिथि हैं।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र धनिष्ठा 04:50 PM तक उपरांत शतभिषा
🪐 नक्षत्र स्वामी : धनिष्ठा नक्षत्र के देवता वसु और स्वामी ग्रह मंगल है. वहीं राशि स्वामी शनि है।
⚜️ योग : व्याघात योग 08:42 AM तक, उसके बाद हर्षण योग 06:25 AM तक, उसके बाद वज्र योग
प्रथम करण : तैतिल – 11:05 ए एम तक
द्वितीय करण : गर – 10:27 पी एम तक वणिज
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:45:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:15:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:12 ए एम से 06:07 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:39 ए एम से 07:01 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:52 ए एम से 12:33 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:57 पी एम से 02:38 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:22 पी एम से 05:49 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:46 पी एम
🌸 द्विपुष्कर योग : 11:05 ए एम से 04:50 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:46 पी एम से 12:40 ए एम, दिसम्बर 08
❄️ रवि योग : 07:01 ए एम से 04:50 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻 आज का उपाय-किसी ज़रूरतमंद को काला कंबल दान करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : द्विपुष्कर योग/ चंपा षष्ठी/ स्कंद षष्ठी/ मार्तंडभैरवोत्थापन/ रुक्मणी षष्ठी (बंगाल)/ श्री राम कलेवा/ पंचक जारी/ मैसूर का शासक हैदर अली स्मृति दिवस, जतिन्द्रनाथ मुखर्जी जयन्ती, राधाकमल मुखर्जी जयन्ती, लेखक पी.वी. मनोरंजन राव जन्म दिवस, भारत का जाबांज सैनिक गोविन्द सिंह राठौड़ जन्म दिवस, भारतीय क्रांतिकारी जतीन्द्रनाथ मुखर्जी जयन्ती, भारतीय सशस्त्र सेना झण्डा दिवस, राष्ट्रीय इलिनोइस दिवस, राष्ट्रीय कपास कैंडी दिवस, राष्ट्रीय पर्ल हार्बर स्मरण दिवस, सशस्त्र सेना झंडा दिवस (भारत), अंतर्राष्‍ट्रीय नागरिक विमानन दिवस (आईसीएओ)
✍🏼 विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। इस षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय जी को बताया गया हैं। यह षष्ठी तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह षष्ठी तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।
🛕 Vastu tips_ 🗽
घर में नकारात्मकता होने पर मिलते हैं ऐसे संकेत
आपके जीवन में नकारात्मकता तभी आती है जब आपके घर में किसी तरह का वास्तु दोष होता है, या फिर आपकी दिनचर्या अव्यवस्थित होती है और आपको गलत रास्तों पर चलते हैं। इन दोनों ही स्थितियों में आपको घर में प्रवेश करते ही कुछ नकारात्मक चीजों का अहसास हो सकता है। इनके बारे में नीचे बताया गया है।
अगर घर में प्रवेश करते ही आपको किसी तरह की दुर्गंध का अनुभव होता है, और ऐसा आपको एक बार नहीं बार-बार होता है, तो समझ जाइए किसी तरह की नकारात्मक शक्ति आपके घर में है। घर में वास्तु दोष होने पर भी इस तरह का संकेत आपको मिल सकता है।
घर में प्रवेश करते ही अगर आपको डर महसूस होता है, तो ये भी अच्छा संकेत नहीं माना जाता। इसकी वजह भी घर में मौजूद नकारात्मकता हो सकती है। ऐसी स्थिति में आपको तुरंत किसी वास्तु विशेषज्ञ को संपर्क करना चाहिए।
जिन लोगों के घर में नकारात्मकता होती है उनके घर में बार-बार चमकादड़ आ सकते हैं। इसलिए इस बात को गलती से भी अनदेखा न करें।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सुनने की क्षमता बढ़ाने के कुछ प्रभावी तरीके:_

पूरा ध्यान दें: जब कोई बात कर रहा हो, तो उसे पूरी तरह से सुनें। अपने फोन या अन्य विचलित करने वाली चीजों से दूर रहें।
प्रतिक्रिया दें: बातचीत में शामिल हों। अपने विचारों को साझा करें और पूछें कि क्या आपने सही ढंग से समझा है।
भावनाओं को समझें: शब्दों के पीछे छिपी भावनाओं को समझने की कोशिश करें। यह आपको दूसरों के साथ बेहतर संबंध बनाने में मदद करेगा।
शारीरिक संकेतों पर ध्यान दें: जब कोई बात कर रहा हो, तो उनके शरीर के भाषा पर ध्यान दें। यह आपको उनके संदेश को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा।
खुले मन से सुनें: हर किसी के विचारों का सम्मान करें, भले ही आप उनसे सहमत न हों।
व्यस्त न रहें: जब कोई बात कर रहा हो, तो उसे बीच में न काटें।
प्रश्न पूछें: यदि आपको कोई बात समझ में नहीं आती है, तो पूछने में संकोच न करें।
सुनने का अभ्यास करें: हर दिन कुछ समय सुनने के अभ्यास के लिए निकालें। आप समाचार सुन सकते हैं, पुस्तकें पढ़ सकते हैं या किसी दोस्त के साथ बातचीत कर सकते हैं।
🍝 आरोग्य संजीवनी 🍯
यहाँ कुछ शाकाहारी आहार सुझाव दिए गए हैं जो बुखार के दौरान ताकत और ऊर्जा बनाए रखने में मदद कर सकते हैं:
फलों का सेवन: केला: पचने में आसान होता है और ऊर्जा देता है।
संतरा और मौसंबी: विटामिन C से भरपूर होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं।
पपीता: हल्का और पाचक फल है, जो विटामिन और मिनरल्स प्रदान करता है।
सेब: इसे उबालकर या कच्चा खा सकते हैं, यह ऊर्जा प्रदान करता है।
सूप और शोरबा: सब्जी का सूप: विभिन्न सब्जियों से बना हल्का सूप शरीर को पोषक तत्व और इलेक्ट्रोलाइट्स प्रदान करता है।
दाल का पानी: प्रोटीन से भरपूर होता है और पचने में आसान होता है।
खिचड़ी: मूंग दाल खिचड़ी: यह हल्की, पौष्टिक, और पाचन के लिए आसान होती है। इसमें हल्दी, जीरा आदि मिलाकर इम्यूनिटी भी बढ़ाई जा सकती है। दलिया (ओट्स): इसमें फाइबर, प्रोटीन, और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो ऊर्जा प्रदान करते हैं।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
बहुत पुरानी बात है एक कसाई था। वह पूरे दिन प्रभु की भक्ति करता था। ऐसा करते हुए लोग जब उसे देखते थे तो बहुत आश्चर्यचकित भी होते थे, काम कसाई का करता है और दिनभर भगवान का नाम लेते रहता है। लेकिन वह क्या करें उसका धंधा ही मांस बेचना था तो वह अपना धंधा कैसे छोड़ सकता था।
एक दिन सुबह-सुबह नदी में स्नान कर रहा था और प्रभु की कीर्तन करने में मगन था तभी उसके पैरों में एक पत्थर टकराया। उसने झुककर हाथ से उस पत्थर को उठाया और देखा कि पत्थर देखने में भले काला है लेकिन है बड़ा सुंदर सा उसने सोचा इस पत्थर को अपनी दुकान पर ले चलता हूं यह मांस तोलने के काम आएगा।
उसके बाद जब वह अपनी दुकान पहुंचा तो उसी काले पत्थर से मांस को तोलने लगा कुछ देर बाद उसे एहसास हुआ यह कोई साधारण पत्थर नहीं है इस पत्थर से वह तो जितना किलो मांस तोलना चाहता है उतना ही किलो का यह पत्थर हो जाता है।
धीरे-धीरे यह बात जंगल में आग की तरह पूरे नगर में फैल गई। कसाई के पास एक ऐसा जादुई पत्थर है जिससे जितना चाहे भार तोला जा सकता है। अगर जिस व्यक्ति को आधा किलो मांस देना होता था तराजू में उसी पत्थर को एक तरफ डालने पर और दूसरी तरफ मांस रखने पर आधा किलो तोल जाता था। अगर किसी व्यक्ति को 5 किलो की मांस देना होता था तब भी उसी पत्थर का कसाई इस्तेमाल करता था।
इस चमत्कार को देखने के लिए आसपास के नगर और गांवों से लोग जुटने लगी ऐसे में कसाई की बिक्री पहले से दिन दूनी रात चौगुनी हो गई थी।
यह बात पास में रहने वाले एक महात्मा जी को भी पता चला। उनको भी इस पत्थर को देखने की तीव्र इच्छा जागी। लेकिन उनका मन इस बात के लिए गवाही नहीं दे रहा था कि वह एक कसाई के दुकान में जाएं लेकिन उस जादुई पत्थर को देखने के लिए उनके अंदर इतनी ज्यादा उत्सुकता थी कि वह अपने आप को रोक नहीं सके।
महात्मा जी ने जब कसाई के दुकान में देखा कि सचमुच में जैसा सुना है वैसा ही हो रहा है वह पत्थर जितना भी वजन तोलना होता था उतने ही का बन जाता था।
उसके बाद महात्माजी कसाई के दुकान में गए महात्मा जी को देखकर कसाई बहुत ही प्रसन्न हुआ उसने कहा महात्मा जी मैं तो कसाई हूं मैं आपको अपनी दुकान में बैठने को भी नहीं कर सकता हूं नहीं तो मेरा धर्म भ्रष्ट हो जाएगा लेकिन मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूं।
(शेष कल)
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⚜️ षष्ठी तिथि आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो षष्ठी तिथि को भगवान कार्तिकेय स्वामी का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी भी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि को सायंकाल के समय में किसी भी शिवमन्दिर में षण्मुख के नाम से छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं। साथ ही सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमने का कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायें मनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होता है। परन्तु ऐसे जातक छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।

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