मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना 75 प्रतिशत काम का 95 प्रतिशत किया भुगतान, प्रशासक ने 10 हजार रुपए रोज की लगाई पैनाल्टी, 20 हजार में मामला रफा दफा
नगर परिषद का अजब गजब कारनामा-
पीसी स्नेहिल कंपनी पर मेहरबान हुए अफसर , नागरिकों को कनेक्शन तो मिले, लेकिन पानी नहीं मिला
2016 में का शुरु किया 2018 में करना पूरा,खुदी सड़कों से परेशान नागरिक अब करेंगे आंदोलन
सवाल- हर बार नोटिस देकर ही क्यों की जा रही खानापूर्ति, जब काम पूरा नहीं तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही
सिलवानी। मुख्यमंत्री पेयजल योजना अंतर्गत काम कर रही निर्माण एजेंसी की लापरवाही को लेकर हर बार नोटिस पर नोटिस देकर खानापूर्ति करने में लगे हुए हैं । निर्माण एजेंसी ने अभी तक 75 प्रतिशत काम नगर में किया है और 25 प्रतिशत काम अब भी शेष है, लेकिन नगर पालिका ने अधूरे काम का भी 95 प्रतिशत भुगतान कर दिया है। खास बात है कि 7 अक्टूबर 2020 को प्रशासक संघमित्रा बौद्व ने निरीक्षण किया था जिस पर कई बार लापरवाही मिलने पर नारजगी जाहिर की थी, जिसके बाद 1 सप्ताह में नोटिस देकर 10 बिंदुओं पर पूरा काम करने की हिदायत दी थी, जिसकी सहमति भी ठेकेदार ने लिखकर उपयंत्री पीके साहू को दी, लेकिन समय सीमा में काम नहीं होने के कारण प्रशासक ने ठेकेदार पर 10 हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से पैनाल्टी भी लगाई और भुगतान रोक दिया था, लेकिन नगर परिषद के कर्मचारियों ने प्रशासक द्वारा दिए गए पैनाल्टी नोटिस के बाद भी ठेकेदार को शेष भुगतान करवा दिया। जानकारी के मुताबिक वर्तमान में 18 करोड़ की योजना का 17 करोड़ का भुगतान करवा दिया है। सवाल यह है कि जब काम पूरा नहीं हुआ तो परिषद के जिम्मेदार आखिर भुगतान क्यों करवा रहे हैं । वहीं लापरवाही पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
18 माह की जगह बीते 5 साल, अधूरी पड़ी योजना
नगर के प्रत्येक घर में शुद्ध नर्मदा जल उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री शहरीय पेयजल योजना अंतर्गत लगभग 18 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई थी। जिसका ठेका पीसी स्नेहिल कम्पनी अहमदाबाद गुजरात को दिया गया था। जिसका काम 18 माह में पूरा करना था, लेकिन इन पांच सालों में कार्य एजेंसी द्वारा लगभग 75 प्रतिशत कार्य ही किया गया और परिषद ने भुगतान 95 प्रतिशत से अधिक का कर दिया । परिणाम स्वरुप 18 माह में होने वाला काम 5 साल भी अधूरा पड़ा हुआ है, कंपनी ने पाईप लाईन तो डाल दी, कनेक्शन भी लोगाें को दे दिया, लेकिन लोगों को पानी आज तक नहीं मिला जिससे नागरिकों में आक्रोश पनप रहा है ओर अब आंदोलन की रणनीति तैयार कर रहे हैं ।
राजनीतिक रसूख ऐसा कि नियमों को किया दरकिनार
नगर परिषद सिलवानी ने कार्य एजेंसी पीसी स्नेहिल कन्ट्रक्शन कम्पनी अहमदाबाद गुजरात को पत्र क्रमांक 826 दिनांक 7 अक्टूबर2020 को नोटिस दिया गया था। नोटिस में यह उल्लेख किया गया था संविदा शर्त क्रमांक 15 के तहत 10 हजार रूपए प्रतिदिन पेनाल्टी अधिरोपित की जाएगी। शेष कार्य 31 अक्टूबर 2020 तक योजना का कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया था। अधूरे कार्यो को नोटिस क्रमांक 1 से 10 तक अधूरे कार्य को 10 दिवस में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके एजेंसी द्वारा अभी तक कोई भी कार्य पूर्ण नहीं किया गया । कंपनी के जिम्मेदारों को राजनीतिक रसूख ऐसा कि नगर परिषद ने अपने पत्र में उल्लेखित शर्तों को ताक पर रख कर कार्य एजेंसी को लगभग 61 लाख का भुगतान भी कर दिया । सवाल यह है कि जब काम अधूरा है तो नगर परिषद लगातार भुगतान क्यों करवा रही है।
ऐसे हुआ भुगतान, पेनाल्टी सिर्फ 20 हजार
योजना के प्रारंभ होने से अभी तक 19 बिलों का लगभग 16 करोड 50 लाख का भुगतान कार्य एजेंसी को किया जा चुका है। नगर परिषद से नोटिस जारी होनेे के बाद भी पेनाल्टी नहीं लगाते हुए भुगतान किया जा रहा है।7 अक्टूबर को नोटिस दिया और सिर्फ 20 हजार की पेनाल्टी जमा करवाकर 11 अक्टूबर 2020 को तीस लाख रूपए एवं पुनः दिनांक 23.6.2021 को 31 लाख 29 हजार 937 रूपये का भुगतान निकाय निधि से किया गया। निकाय उपयंत्री द्वारा न पाइप लाइन की टेस्टिंग कराई और न ही रोड मरम्मत कार्य पूर्ण कार्य कराया गया, नगर में जगह जगह रोड खुदी पड़ी, और पाइप लाइन भी कई जगह से लीकेज हो रही है, जिससे नागरिकों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। खुदी सड़के कई बार दुर्घटना का कारण बन चुकी है, जिससे लोगाें में आक्रोश पनप रहा है ।
जल्द करवाएंगे काम पूरा
20हजार की पेनाल्टी लगाई थी और 15 लाख का भुगतान भी रोक लिया गया है ट्रायल एंड वन पीरियड कंप्लीट नहीं है । एक टंकी से कुछ वार्डों में पानी सप्लाई किया गया है। बहुत जल्द ही काम पूरा हो जाएगा ।
ऋतु मेहरा, प्रभारी सीएमओ नगर परिषद सिलवानी।



